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विशाल महाघण्टे का फायनल फर्मा बनकर तैयार

साढ़े छः फीट ऊँचा व साढ़े पांच फीट व्यास का 2600 किलो धातु से निर्मित होगा महाघण्टा

मन्दसौर। भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर मंदसौर में लगने वाला देश का सबसे बड़ा महाघण्टा का फायनल फर्मा (ढाँचा) बनकर तैयार हो चुका है। अब जल्द ही इस ढांचे के अनुसार महाघण्टा तैयार होगा तथा संभवतः अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक महाघण्टा साकार रूप ले लेगा।

महाघण्टा अभियान सदस्यों को अहमदाबाद के राजराजवी मेटल्स के संचालक मनीष जैन ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि 2500 से 2600 किलो से वजनी इस महाघण्टा की ऊँचाई लगभग साढ़े छः फीट व व्यास (गोलाई) लगभग साढ़े पांच फीट रहेगी। मेकेनिकल इंजीनियर द्वारा टेस्टिंग के बाद महाघण्टा को ढालने के लिये 20 से 25 दिन इसे जमीन में रखा जाएगा।

अष्टधातु से निर्मित होगा महाघण्टा महाघण्टे के निर्माण में अष्टधातु का प्रयोग किया जा रहा है जिसमें ताम्बा, पीतल, कलाई, चांदी, जिंक, स्टील, सीसा व एल्युमिनियम का उपयोग होगा। जिस पर कुशल कारीगरों द्वारा भगवान शिवजी को प्रिय बिलपत्र, त्रिशुल, ऊँ, नन्दी की उभरी हुई नक्कासियां की जाएगी। साथ ही श्री पशुपतिनाथजी के अष्टमुखों को इस पर उकेरा जाएगा।

28 महिनों में निकाली 129 पीतल यात्राएं महाघण्टा अभियान सदस्यों ने बताया कि महाघण्टा के लिये 28 महिनों में 129 पीतल दान यात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में निकाली गई है। जिसमें श्रद्धालुओं से 4306 किलो धातु एवं 15 लाख 26 हजार 216 रू. नगद प्राप्त हुए। यात्राओं में 1 लाख 48 हजार 108 रू. व्यय हुआ है। निर्माण एजेंसी को 675 रू. प्रति किलो के हिसाब से महाघण्टा निर्माण करने का मजदूरी अनुबंध श्री कृष्ण कामधेनु सामाजिक, धार्मिक लोक न्यास द्वारा किया गया है। राजराजवी मेटल्स को 3 लाख 50 हजार रू. का चैक, 2 लाख 69 हजार रू. कलाई हेतु एवं 3800 किलो धातु (पीतल व ताम्बा) अभी तक दिया  गया है। महाघण्टा के लिये लक्ष्य प्राप्ति तक पीतलदान यात्राएं प्रति रविवार को अलग-अलग क्षेत्रों में निकाली जाएगी।

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