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वृद्धजन सेवा केन्द्र मंदसौर मनाया गया जन्‍मदिन

नई सोच के साथ जीने वाले उम्रदराज व्यक्ति भी युवा के समान होते है, नवीन तकनीक को समझकर अपने जीवन को सुगम एवं समाज को सक्रिय करने वाले उम्रदराज होकर भी युवा कहे जाते है। नई पीढ़ी से भी जो सीखने के लिये तैयार रहे ऐसे व्यक्ति कभी बुजुर्ग नहीं होते। उक्त विचार पं. दीनदयाल उपाध्याय बहुउद्देश्यीय वृद्धजन सेवा केन्द्र मंदसौर पर शिक्षाविद् श्री रमेशचन्द्र चन्द्रे के मुख्य आतिथ्य, डे केअर सेन्टर व्यवस्थापक श्री प्रमोद अरवन्देकर एवं समन्वयक डाॅ. श्री देवेन्द्र पुराणिक के सानिध्य में सेवानिवृत्त एवं पेंशनर नागरिक महासंघ के अध्यक्ष श्री श्रवणकुमार त्रिपाठी ने नन्दकिशोर राठौर एवं अभय भटेवरा के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के सरस्वती एवं भारत माता चित्र पर माल्यार्पण मोहनलाल गुप्ता के संगठन गीत जीवन में कुछ पाना है तो मन को मारे मत बैठो पश्चात् अतिथियों का स्वागत श्री मोहनलाल आजाद, कन्हैयालाल सोनगरा, अजीजउल्लाह खान, आर.के. पोरवाल द्वारा पुष्पहार से किया।
इस अवसर पर बोलते हुए जिला सचिव श्री नागूलाल पमरार ने श्री राठौर द्वारा डे केअर सेन्टर मंदसौर पर वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने व भोपाल में आयोजित प्रदेश के प्रथम डे केअर संेटरों के सम्मेलन में संस्था का प्रतिनिधित्व सही ढंग से करने पर पंचायत एवं सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव द्वारा मंदसौर डे केअर सेन्टर को तृतीय पुरस्कार के साथ ग्यारह हजार रूपये की राशि, प्रशस्ती पत्र एवं श्री राठौर को शाल, श्रीफल से सम्मानित किये जाने को मंदसौर के लिये उपलब्धि बताया। जिसकी सराहना कलेक्टर श्री स्वतंत्रकुमारसिंह द्वारा भी की गई।
मुख्य अतिथि श्री चन्दे्र ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है वहां स्वस्थ्य पीढ़ी का निर्माण होता है। स्वामी विवेकानन्द के संस्मरणों में वर्णित एक कहानी के माध्यम से ग्रहस्थाश्रम एवं सन्यास के महत्व को प्रतिपादित करते हुए युवाओं द्वारा बुजुर्गों का सम्मान करने की बात कही। स्वयं को साठ साल से एक वर्ष दूर का युवा मानते हुए संस्था मंे समस्त बुजुर्गों के सम्मान हेतु शाले अपनी ओर से देने की बात कही।
संस्था प्रमुख श्री प्रमोद अरवन्देकर एवं श्री देवेन्द्र पुराणिक द्वारा संस्था की ओर से श्री राठौर एवं श्री भटेवरा का शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ती पत्र देकर तथा श्री अम्बालाल चन्द्रावत, भंवरसिंह सौलंकी, आर.पी. व्यास, टी.आर. महाजन, कैलाश पंचारिया, ओमप्रकाश मिश्रा, पुरूषोत्तम एवं नवनीत डाबी, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, विष्णुलाल भदानिया, राजेन्द्र पाठक, किशन खिचावत, रामचन्द्र बैरागी, मांगीलाल पोरवाल, गोपालकृष्ण पलोड़, फकीरचन्द परिहार, ब्रजेश मारोठिया एवं शंभुसेन राठौर ने पुष्पहारों से स्वागत के साथ दीर्घायु होने की कामना की।
कार्यक्रम में स्वागत गीत श्रीमती भगवती जोशी, जन्मदिवस गीत सुश्री उषा माथुर ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री भगवती प्रसाद गेहलोद एवं आभार अजीजुल्लाह खान द्वारा माना गया। स्वल्पाहार पश्चात् कार्यक्रम का समापन हुआ।

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