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व्यवसायिक गरबों में लगे पूर्णतः प्रतिबंध

शहर कांग्रेस महामंत्री जैन ने कलेक्टर से की मांग व मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मंदसौर। आगामी दिनों में मां नवदुर्गा की आराधना का पर्व नवरात्रि आने वाला है। यह पर्व हिन्दू धर्मालुजनों द्वारा अपनी सांस्कृतिक एवं गौरवशाली पारम्परिक परम्परा के अनुसार प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस वर्ष भी यह परम्परा जारी रहना चाहिए। उक्त बात कहते हुए शहर कांग्रेस महामंत्री कमलेश जैन ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों तक गरबों के साथ मां नवदुर्गा की आराधना परम्परा अनादिकालों से चली आ रही है। तथा इस परम्परा का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस पर्व पर मां की आराधना में वास – उपवास के साथ साथ गरबों का भी अपना एक विशेष महत्व है। जिसका की पिछले कई सालों से व्यवसायिकरण कर दिया गया है। यह व्यवसायिकरण घोर निंदनीय व धर्म विरोधी कृत्य है। नगर में कई सार्वजनिक स्थानों पर बकायदा हिन्दू रिती रिवाज से मां की घटस्थापना की जाती है और प्रतिदिन आरती और गरबा कर आमजन मां नवदुर्गा की आराधना करते है। लेकिन विगत कुछ वर्षो से प्रोफेशनल गरबों के कारण पर्व की पवित्रता पर सवाल उठने लगे है। तथा कथित कुछ लोग अपने आर्थिक लाभ के कारण इस त्यौहार का दुर्पयोग कर धन अर्जित करना चाहते है। साथ ही कई व्यवसायिक गरबों में मा नवदुर्गा की मूर्ति की स्थापना भी नहीं कि जाती है व फिल्मी गानों पर डांडिया खेला जाता है। जो धर्मानुसार अनुचित है। गरबे सिर्फ मां के भजनों व उनके गीतों पर ही होना चाहिए। श्री जैन ने बताया कि विगत के वर्षो में देखा गया है कि इन प्रोफेशनल गरबों में प्रवेश के लेकर, वेशभूषा को लेकर लड़ाई झगड़े हुए है और यह झगड़े पुलिस थाने तक भी पहंुचे है। वहीं इस बार जिला बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है गांव के गांव बर्बाद हो चुके है। ऐसे में प्रोफेशनल गरबों में होने वाले फिजुलखर्ची को जरूरदमंदों को दी जा सकती है।

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