शफी के बाद बाबू बिल्लोद की प्रॉपर्टी पर कार्रवाई शुरू

तस्कर बाबू के मंदसौर स्थित मकान पर प्रशासन ने चलाया बुल्डोजर

हत्या, तस्करी, मारपीट के मामले दर्ज है बाबू पर

मंदसौर। प्रदेश भर में माफियाओं के विरूद्ध प्रदेश सरकार के आव्ह्ान पर लगातार कार्रवाईयां हो रही है। कार्रवाई करने में मंदसौर जिला और पुलिस प्रशासन भी पूरी गंभीरता से लगा हुआ है। गैंगस्टर सुधाकर राव मराठा से जुड़े लोगों के बाद अंर्तराष्ट्रीय तस्कर मो शफी और उसके भाई अययूब व एहसान की प्रापर्टी नेस्तानाबूत करने के बाद अब प्रशासन का बुल्डोजर रविवार को बाबू खां बिल्लोद के मंदसौर स्थित मकान पर चला।

रविवार को सुबह से ही चर्चा हो रही थी कि आज प्रशासन बाबू बिल्लोद के बिना अनुमति बने मकान को तोड़ने वाला है। चूंकि उक्त मकान नूर कॉलोनी में स्थित है तो कई पुलिसकर्मी नूर कॉलोनी के स्थान पर बस स्टेण्ड स्थित मो शफी के नूर कॉम्पलेक्स पहंुच गए जो हाल ही में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। तो लगा कि आज फिर नूर कॉम्पलेक्स वाली भूमि पर कुछ होना है। लेकिन कुछ ही देर में स्थिति साफ हो जाने के बाद पुलिसकर्मी वहां से नूर कॉलोनी पहंुच गए। पर्याप्त बल के पहंुचने के बाद नपा की जेसीबी ने बाबू बिल्लोद के मकान को तोड़ना प्रारंभ किया।

उल्लेखनीय है कि ऑरपेशन सफाया के अंतर्गत मंदसौर जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाईयां की जा रही है।

परिजनों ने किया विरोध

तस्कर बाबू बिल्लोद के अवैध मकान पर तीन दिन पूर्व प्रशासन ने तोड़ने का नोटिस चस्पा किया था जिसके बाद रविवार को कार्रवाई की गई। मकान स्थित गली सकरी होने के कारण आगे जेसीबी और पीछे पोकलेन की सहायता से मकान तोड़ा गया। यह अवैध मकान तस्कर बाबू की पत्नि कल्लो बी के नाम से था।

लगभग दो बजे नपा व पुलिस अमला कार्रवाई करने पहुंचा। मौके पर बाबू खां की पत्नि कल्लो बी द्वारा कार्रवाई का विरोध किया गया। कल्लो बी ने कहा कि हमारे उपर ही जेसीबी चलाकार मार डालों। छोटे-छोटे बच्चे है लेकर कहां जाउंगी। वहीं पुलिस ने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। स्मरण रहे कि बाबू बिल्लोद लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। तस्करी में बाबू 1998, 1999 व 2010 में गिरफ्तार हो चुका है। बाबू 2017 में थाना ईटखेड़ी भोपाल में भी मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है और वर्तमान में भोपाल जेल में बंद है। उस पर नाहरगढ़, पिपलियामंडी, मंदसौर कोतवाली, वायडीनगर, ईटखेड़ी भोपाल में हत्या, मारपीट, तस्करी, हत्या का प्रयास के लगभग दर्जनभर मामले दर्ज हैं।

रसूखदारों के भवन अभी भी सुरक्षित

ऑपरेशन सफाया के अंतर्गत अभी तक जो कार्रवाईयां की गई है वे हत्या में फरार या तस्कर, बदमाशों के खिलाफ ही हुई है। लेकिन नगर सहित जिले में कई ऐसे सफेदपोश रसूखदार है जिन्होने बड़े – बड़े भवन नियमों को ताक पर रखकर बनाए है या बड़ी – बड़ी कॉलोनियां नियमों के विपरित काट दी है। वे भी कम दोषी नहीं है लेकिन प्रशासन की जेसीबी का पंजा रसूखदारों के कॉम्पलेक्सों व कॉलोनियों से कौसो दूर नजर आ रहा हैं। अब देखना होगा कि ईमानदार कलेक्टर और एसपी आगे क्या कार्रवाई करते है।

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