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शहर को साधने में लगे दोनो प्रत्याशी : कांग्रेस हमेेशा मंदसौर नगर हारती आई है

मंदसौर। विधानसभा चुनाव का माहौल अपने चरम पर चल रहा है। चुनावी प्रचार पूरे जोर शोर के साथ किया जा रहा है। चुनावी प्रचार के शुरूआती दिनों में जहां मंदसौर विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी यशपालसिंह सिसौदिया एवं कांग्रेस प्रत्याशी नरेन्द्र नाहटा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे। वहीं अब दोनों ही प्रत्याशी शहर के मतदाताओं को साधने में लग गये है। पहले जहां श्री सिसौदिया ने नगर के वार्डो को नापना प्रारंभ किया उनके पीछे पीछे नरेन्द्र नाहटा भी सिटी के मतदाताओं को रिझाने में लग गये है। वैसे मंदसौर नगर से सदैव कांग्रेस की हार ही हुई है। चाहे नगर पालिका चुनाव हो या विधानसभा, लोकसभा यहॉ से लगातार कांग्रेस को हार का मुंह ही देखने को मिला है। सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार इस बार भी कांग्रेस की स्थिति शहर में बहुत ज्यादा अच्छी नही बताई जा रही है। जिसका प्रमुख कारण कांग्रेस प्रत्याशी नरेन्द्र नाहटा का लोगों से कम जुड़ाव बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि अभी चुनाव है इसलिए नरेन्द्र नाहटा बाजारों में दिख भी रहे है वरना वे कही नजर नहीं आते है। इसके विपरित लोगों का कहना है कि यशपालसिंह सिसौदिया लगातार आमजन के सम्पर्क में रहते है। जिसका फायदा उन्हें मिलता हुआ नजर आ रहा है। लेकिन जनता की मौन स्थिति कोई भी गणित नहीं दिखा रही है, ओर ऐसी स्थिति सत्ता पक्ष के लिए घातक होती है।

लगातार पराजय झेली है कांग्रेस ने मंदसौर नगर से
नगर पालिका चुनाव के समय कांग्रेस प्रत्याशी सौमिल नाहटा लगभग 6500 मतों पराजित हुए थे जबकि इसके पहले नगर पालिका चुनाव में रफत पयामी लगभग 3500 मतों से पराजित हुई थी यहॉ पर हार का अंतर कांग्रेस के लगभग दौगुना हो गया था। इसके अलावा पिछली दो विधानसभा और लोकसभा में भी कांग्रेस को नगर से हार का मुंह देखना पड़ा था।

नहीं रिझा पाते सिटी के वोटरों को
कांग्रेसजन सिटी के वोटरों को नहीं रिझा पाते है और यही प्रमुख कारण है कि कांग्रेस को मंदसौर नगर से लगातार हार झेलनी पड रही है। जबकि नगर के 40 वार्डो मेें से कुछ वार्ड तो कांग्रेस समर्थित वार्ड है लेकिन फिर भी कांग्रेस नहीं जीत पाई।

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