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शहर में भू माफिया और जन प्रतिनिधियों ने मिल कर अनेक अवैधानिक कार्य जांच के आदेश के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने जांच नहीं की

कांग्रेस के पार्षदों का निवेदन स्वीकार कर अध्यक्ष मनोनीत करने की कही बात
पूर्व मंत्री नाहटा ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

मंदसौर। पूर्व मंत्री नरेन्द्र नाहटा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पिछले वर्षों में शहर का विस्तार नगरपालिका की सीमाओं के बाहर तक हुआ है। नगर की सीमा से जुड़े अनेक ग्राम अब शहर का हिस्सा बन चुके हैं। परन्तु न.पा. का सीमा का विस्तार नहीं होने से उन इन ग्रामों के शहरीकरण पर नियंत्रण भी नहीं हो सका और शहर की नागरिक सुविधाओं पर बोझ बढ़ा है। नाहटा ने कहा शीघ्र परिसीमन होना चाहिये।

नाहटा ने आग्रह किया है की न.पा. जल आवर्धन योजना के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कार्य की वित्तीय स्वीकृति जारी होना है। शहर का मास्टरप्लान 2003 से 2011 के कार्यकाल के लिए बना था। इसका लाभ उठा कर अनेक व्यक्तियों ने विभाग की मिली भगत से भू उपयोग कर बदलवाया।

यश नगर जैसे अनेक क्षेत्र है जहा ग्रीन बेल्ट के निर्माण कार्य होते रहे और अब राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोक दिए हैं जिसके कारण प्लाट धारी कष्ट में आगये हैं।
श्री नाहटा ने कहा कि चम्बल जलाशय से मंदसौर शहर को जल आपूर्ति करने का प्रोजेक्ट भी अधिकारियों और कतिपय जनप्रतिनिधियों की गलती से पूरा नहीं हो पाया है। जिस तरह काला भाटा बाँध का प्रोजेक्ट अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो सका, लगभग वही स्थिति इस प्रोजेक्ट की भी है। डर है की राज्य शासन का करोडो रुपया व्यर्थ नहीं हो जाए और मंदसौर शहर सुविधाओं से वंचित हो जाए।

श्री नाहटा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के द्वारा मंदसौर में फूड प्रोसेस पार्क का निर्माण किया गया था। लेकिन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण पूरी तरह से बना हुआ प्रोजेक्ट बर्बाद कर दिया गया। वर्ष २०१८ में जब राहुल गांधी जी मंदसौर आये थे तब उनने मंदसौर में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात कही थी। मंदसौर कृषि क्षेत्र में अग्रणी जिला है। आवश्यकता है कि इस जिले को एक नया फूड प्रोसेस पार्क स्वीकृत किया जाए।

श्री नाहटा ने कहा की मंदसौर शहर में भू माफिया और जन प्रतिनिधियों द्वारा मिल कर अनेक अवैधानिक कार्य गए। कुछ में जांच के आदेश तो पिछली सरकार ने ही दे दिए थे, परन्तु स्थानीय प्रशासन ने जांच नहीं की। अब आवश्यकता है की उन सब प्रकरणों में जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।

श्री नाहटा ने कहा पिछले वर्षों में नगरपालिका की भूमि पर अवैध कब्जों से लगा कर अवैध नामांतरण, निर्माण होते रहे हैं। भ्रष्टाचार चलता रहे इसी कारण अमृत योजना का हिस्सा होने के बावजूद निर्माण कार्य एवं जन शिकायत जैसे कार्यो के लिए ऑन लाइन व्यवस्था कायम नहीं हो सकी। आवश्यकता हैं कि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही हो तथा भविष्य के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था कायम हो।

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