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शिवना नदी वृहद सिंचाई परियोजना से नहीं डूबेगे कोई भी गॉव, भ्रामक प्रचार- पूर्णतः निराधार एवं असत्य है

मंदसौर निप्र। मंदसौर जिले की शिवना नदी पर ग्राम चौंसला के पास इसी साल 17 जुलाई 2017 को अधीक्षक यंत्री जल संसाधन मंडल उज्जैन के साथ कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग मंदसौर, अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उपसंभाग सुवासरा एवं संबंधित उपयंत्री के साथ तथा 24 जुलाई को मुख्य अभियंता नर्मदा ताप्ती कछार जल संसाधन विभाग इन्दौर द्वारा शिवना नदी वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण के संबंध में स्थल निरीक्षण (साईट विजिट) किया गया था। टोपोशीट के प्रथम दृष्ट्या अध्ययन के आधार पर इस योजना के लगभग 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। योजना के डूब में लगभग 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जलभराव होगा, जिसमें राजस्थान राज्य का लगभग 2 हजार 500 हेक्टेयर रकबा एवं म.प्र. राज्य का 1 हजार 500 हेक्टेयर रकबा शामिल होगा। साथ ही राजस्थान के 5 गांव भी डूब में आयेंगे, किन्तु म.प्र. राज्य का कोई भी गांव डूब में नहीं आयेगा।
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग मंदसौर डिवीजन ने मंगलवार को बताया कि शिवना नदी वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में प्रभावित होने वाले क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यह भा्रमक अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 50 ग्राम डूब में आयेंगे। यह कोरी अफवाह है, जो पूर्णतः निराधार एवं असत्य हैं। उन्होने बताया कि इस योजना को अभी केवल प्रथम दृष्टया चिन्हाकित ही किया गया है। उन्होने यह भी साफ किया है कि परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि एवं सम्पत्तियां अधिक प्रभावित होने की स्थिति में तथा यदि स्थानीय जनसमुदाय एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस परियोजना के निर्माण का विरोध किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में परियोजना का निर्माण प्रस्तावित नहीं किया जायेगा।

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