Breaking News

शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने एक ज्ञापन एएसपी व एडीएम को सौंपा

डायमंड ज्वेलर्स के संचालकों पर दो बार हुई फायरिंग के बाद एक्शन मोड में आई पुलिस ने अभी मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा आदतन अपराधियों व अन्य पर रासुका व जिलाबदर की कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने भी सामने आकर कहा कि पुलिस व प्रशासन केवल मुस्लिम समाज के लोगों पर ही रासुका व जिलाबदर की एकतरफा कार्रवाई कर रहा है जबकि उनका हालिया घटनाओं से कोई लेना देना नहीं है। हालांकि समाज के लोगों ने किसी का नाम नहीं लिखा और डायमंड ज्वेलर्स के संचालकों को भी आरोपों में घेरा है। उन्होंने नई आबादी स्थित बिलाल मस्जिद के यहां एसपी के नाम एक ज्ञापन एएसपी व एडीएम को सौंपा।

शुक्रवार दोपहर में नई आबादी क्षेत्र में बिलाल मस्जिद के यहां अंजुमन सदर भूरे खां मेव, शहर काजी आसिफ उल्लाह खां सहित शहर व आस-पास के क्षेत्रों से आए मुस्लिम समाज के लोगों ने एएसपी अजयप्रताप सिंह, एडीएम अर्जुनसिंह डाबर को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया कि कुछ दिनों से पुलिस द्वारा मुस्लिम समाज के व्यक्तियों पर बगैर किसी दस्तावेजी प्रमाण व स्वतंत्र चक्षुदर्शी साक्षियों के गंभीर आरोप लगाते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्घ किए हैं। जिला बदर एवं रासुका की असत्य कार्रवाई भी की जा रही है। केवल मुस्लिम समाज के व्यक्तियों की बिल्डिंग को लेकर नपा द्वारा सूचना पत्र देकर तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं जबकि अन्य समाज के व्यक्तियों की बिल्डिंग को कोई नोटिस जारी नहीं कर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। मुल्तानपुरा स्थित खदानों पर भी कार्रवाई की गई है। डायमंड ज्वेलर्स नीमच व मंदसौर के संचालक अनिल सोनी, अजय सोनी व सुनील सोनी पर भी शहर कोतवाली के साथ ही मुंबई में भी प्रकरण दर्ज रहे हैं। पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक सामने बन रही मल्टी के पूर्व मालिक के साथ भी धोखाधड़ी की है। न्याय व नैसर्गिक न्याय की उपधारणा है कि सौ अपराधी छूट जाए, लेकिन एक निर्दोष व्यक्ति के विरूद्घ कार्रवाई नहीं होना चाहिए। साथ ही पुलिस का जो भय अपराध करने वाले गुंडों में होना चाहिए वह जनसाधारण में देखा जा रहा है पुलिस कतिपय लोगों के दबाव व शिकायत पर दोषी व्यक्तियों के साथ निर्दोषों के विरुद्घ भी अवैधानिक कार्रवाई कर रही है।

इधर आजम लाला की जमानत निरस्ती पर हुई सुनवाई
गुरुवार को वीरेंद्र ठन्ना हत्याकांड में आजम लाला की जमानत निरस्ती के आवेदन पर सुनवाई हुई थी। पुलिस की तरफ से पेश आवेदन पर न्यायाधीश ने आजम लाला का पक्ष सुनने के लिए समय दिया है। उसके बाद ही उस पर फैसला होगा।

समाज से लेना-देना नहीं
– वीरेंद्र ठन्ना हत्याकांड वाले मामले में आजम लाला की जमानत निरस्ती के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई थी। उसमें न्यायाधीश ने आरोपीगण का पक्ष सुनने के लिए समय दिया है। अभी जो जिला बदर व रासुका की कार्रवाई की गई है। वह सभी सक्रिय अपराधी है। इसमें किसी भी समाज, वर्ग से कोई लेना-देना नहीं है।- विनोदसिंह कुशवाह, टीआई, कोतवाली

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts