श्वेताम्बर जैन समाज के पर्यूषण हुए संपन्न, दिगम्बर समाज के आज से प्रारंभ

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संवत्सरी पर्व पर हुआ बारसा सूत्र का वाचन, आज सामूहिक क्षमापना

मन्दसौर। आज संवत्सरी के दिन नई आबादी आराधना भवन में चंद्रकला श्रीजी ने कहा कि ’जीविका की चिंता करने वाला नासमझ होता है। साध्वी जी श्री चंद्रकला श्री जी ने यह बात 99 वर्षीय वयोवृद्ध साध्वी श्री सुदर्शना श्री जी की उपस्थिति में कहीं। संवत्सरी महपर्व के अवसर पर साध्वी जी ने बारसा सूत्र के वाचन के बीच कहा कि दुनिया आपसे पूछती है आपके पास क्या है। संत आपसे पूछते हैं कि आपके साथ क्या है। अपने जीवन का मूल्यांकन करे कि हम किस श्रेणी में आते हैं। संतों से एक व्यक्ति मिला तो संतों ने पूछा कहा से आ रहे उसने कहा कि जीवन बीमा करा कर। बीमा कराने से लाभ किसको मिलता है परिवार को ना की जिसने जीवन बीमा कराया उस व्यक्ति को। उसने जीविका की चिंता नहीं की अपनो की चिंता की। जो जीविका की चिंता करता है वह बुद्धू होता है।

साध्वी भगवंत ने बारसा सूत्र के वाचन के समय 24 तीर्थंकर के जन्म से लेकर मोक्ष प्राप्ति तक की चित्रावली के दर्शन पूरे बारसा सूत्र के वाचन के दौरान करवाएं। साध्वीजी ने कहा कि यह जो गर्भ ट्रांसफर विधि आज की नहीं है यह भगवान महावीर के काल की है। भगवान महावीर का जीव पहले देव की कुक्षी में आया था उस महावीर के जीव को देवताओं ने त्रिशला नंदन की कुक्षी में स्थापित किया यह पद्धति हजारों साल पूर्व की है आजकल किसी भी अंग के ट्रांसफर की विधि डॉक्टर कर सकते हैं। पहले देवता ट्रांसफर करते थे। आपने कहा कि जीवमात्र की दया हर व्यक्ति को करना चाहिए। आपने बारसा सूत्र के बीच-बीच में कई उदाहरण दिए। 3 घंटे से ज्यादा समय तक बारसा सूत्र का वाचन हुआ।

बारसा सूत्र वाचन के बाद साध्वी भगवंत की पावन निश्रा में सहस्त्र फणा पार्श्वनाथ मंदिर से चैत्य परिपाटी निकली। इस अवसर पर ट्रस्ट व श्री संघ के सभी पदाधिकारियों के साथ कई समाज जन उपस्थित थे।

दसलक्षण महापर्व आज से प्रारंभ
आज श्वेताम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व सम्पन्न होने के साथ ही दिगम्बर जैन समाज के 10 दिवसीय पर्यूषण पर्व दसलक्षण महापर्व के रूप में प्रारंभ हो गए है। 14 सितम्बर से 23 सितम्बर तक मंदसौर नगर में स्थित 10 ही दिगम्बर जैन जिनालयों में दसलक्षण पर्व पर प्रातः 6 बजे से शांतिधारा, जिनाभिषेक, नित्यपूजन, पर्व पूजन मोक्ष शास्त्र वाचन, प्रतिक्रमण, स्वाध्याय, प्रवचन आदि धार्मिक क्रियाएं प्रारंभ हो गई हैं। यह जानकारी देते हुए महावीर जिनालय महिला मण्डल की संयोजक डॉ. चंदा कोठारी ने बताया कि जनकुपूरा स्थित महावीर जिनालय में ब्रह्मचारिणी दीदी के सानिध्य में 10 दिवसीय धर्म आराधना की जाएगी। दसलक्षण पर्व में प्रतिदिन रात्रि में आयोजित किए जाने कार्यक्रमों की तैयारी हेतु मंडल की बैठक का आयोजन जीवन विलास जनकूपुरा पर किया गया। जिसमें मंडल सदस्यों श्रीमती इन्द्रा जैन, स्मिता कोठारी, सीमा कोठारी, अर्पिता पाटनी, संगीता पाटनी आदि द्वारा प्रस्तुत ‘‘दसलक्षण पर्व मनाओ, गाओ प्रभुजी के गुण गाओ’‘ की नृत्य प्रस्तुति ने समां बांध दिया। बैठक का शुभारंभ भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। मंगलाचरण श्रीमती स्वाति जैन ने किया।

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