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सजा दर मामले में मंदसौर संभाग में प्रथम स्थान पर

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि मात्र जाति प्रमाण पत्र के अभाव में ही कोई केस लंबित स्थिति में न रहें। जल्द से जल्द जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रकरण का अंतिम निराकरण करायें। ज्यादा पुराने मामले जल्द से जल्द निराकृत किये जाये। विवेचना के दौरान मजबूती से पक्ष रखें। जिन मामलों में प्रतिवादी बरी हो गये है, ऐसे मामलों में से वरिष्ठ न्यायालय को अपील करने योग्य मामलों में अपील अवश्य की जायें। उन्होने कहा कि अगली बैठक में अपील करने योग्य मामले भी रखें जायें। उन्होने कहा कि पीडित पक्ष को सहजता व सुलभता से न्याय मिले ऐसा काम हो। लंबित मामले जल्द से जल्द निराकृत किये जायें। मामलों की नियमिति रूप से सुनवाई हो। उनहोने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गठित की गई विकासखण्डस्तरीय समितियों की बैठकें भी नियमित रूप से हों, इन समितियों को और अधिक सक्रिय बनाया जाये।
बैठक में बताया गया कि दोषियों को सजा दर मामले में मंदसौर जिला पूरे उज्जैन संभाग में प्रथम स्थान पर है। बीते तीन महों के दौरान नारायणगढ थाना क्षेत्र के प्रकरण क्र. 13/16 में दोषी को तीन साल का सश्रम कारावास एवं एक हजार रू जुर्माने की सजा मिली है। इसी थाना क्षेत्र के प्रकरण क्र. 79/15 में दोषी को 10 साल का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रू जुर्माने की सजा मिली है। आदिम जाति कल्याण थाना के प्रकरण क्र. 54/15 में तीन आरोपियों को 12-12 साल का सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रू जुर्माने एवं चार अन्य आरोपियों को 7-7 साल का सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रू जुर्माने की सजा मिली है।
बैठक में अधिवक्ता एवं सांसद प्रतिनिधि मंदसौर श्री राजेन्द्र सिंह सूर्यवंशी, विधायक प्रतिनिधि मंदसौर श्री अजय आसेरी, उप संचालक अभियोजन श्री बी.एस. ठाकुर, उपसंचालक जनसम्पर्क श्री जी.एस. सिरसाम, जिला संयोजक आ.जा.क. श्री आनन्दराय सिन्हा, डी.एसपी. अजाक श्री प्रेमपालसिंह, विशेष लोक अभियोजक श्री भगवानसिंह चौहान, अन्य अधिकारीगण एवं सदस्यगण उपस्थित हुए उपस्थित थे। बैठक में जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग मंदसौर, उप-पुलिस अधीक्षक अजाक मंदसौर एवं उप संचालक, लोक अभियोजन मंदसौर द्वारा एस.सी.एस.टी. अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरणों की जानकारी दी गई। बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मामलों की समीक्षा की गई।
बताया गया कि जिले में अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं अपर कलेक्टर मंदसौर विशेष अधिकारी हैं। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले में की गई कार्यवाही के बारे में शासन को मासिक/अर्द्ववार्षिक तथा वार्षिक प्रतिवेदन नियमित रूप से भेजे जा रहे है। बैठक के अंत में जिला संयोजक द्वारा उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

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