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सभी जिलों-गांवों में एचआईवी टेस्ट के लिए NACO खोलेगा एआरटी सेंटर

भोपाल। नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गनाइजेशन (नाको) एड्स कंट्रोल के लिए पहली बार 7 साल (2017-24)  का प्लान बना रहा है।जिसमें एड्स से बचाव और उस पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में सभी प्रदेश के एड्स कंट्रोल सोसायटी के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है। अप्रैल माह के अंत तक इस पर पूर्ण मोहर लग जाएगी। करीब छह महीने में 7 साल के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया जाएगा।

आगामी 2020 तक एड्स के इलाज के लिए सभी जिलों में एआरटी सेंटर शुरू किए जाएंगे। एड्स की दवाएं पंजीकृत मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक मिल सकेंगी। उन्हें एआरटी सेंटर नहीं जाना होगा। मप्र समेत सभी राज्यों में फीमेल सेक्स वर्कर, इंजेक्टबल ड्रग यूजर व अन्य हाई रिस्क लोगों का सर्वे कराया जाएगा।बता दे की 2008 के बाद से सर्वे नही हुआ है। यौन संक्रमण की जांच के लिए आशा/एएनएम को वीडीआरएल किट दी जाएगी।

इसके लिए लोगों को एएनएम को टेस्टिंग किट दी जाएगी, ताकी एड्स का पता पहली ही स्टेज में लगाया जा सके।इसके साथ ही पॉजीटिव मरीजों का समय रहते इलाज शुरू किया जा सकेगा, जिससे वे जल्द ही ठीक हो पाएंगे। इसकी मदद से गांवों में भी एचआईवी जांच की शुरुआत की जाएगी। अभी एचआईवी की जांच की सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र , जिला अस्पताल के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में बने एकीकृत परामर्श और जांच केन्द्र (आईसीटीसी) में की जाती है। यहां पर जांच के साथ काउंसलिंग भी की जाती है।

एड्स क्या होता है-
एचआईवी ह्यूमन इम्यूनोडेफिसिएन्सी वायरस का संक्षिप्त रूप है, जिसके कारण एड्स होता है। एड्स, अक्वायर्ड इम्यून डिफिसियेंसी सिन्ड्रोम का संक्षिप्त रूप है।

संक्रमित शारीरिक द्रव जैसे कि वीर्यपात से पहले निकलने वाले स्राव, वीर्य, योनि से निकलने वाले स्राव, और मां के दूध और खून के संपर्क में आने से भी एचआईवी हो सकता है।

एचआईवी, यौनिक और गैर-यौनिक ऐसी दोनों ही तरह की गतिविधियों से हो सकता है।
यौनिक गतिविधियों में, असुरक्षित मुख, गुदा मैथुन और योनि करना शामिल है। असुरक्षित मुख मैथुन करने की तुलना में असुरक्षित गुदा और योनि मैथुन करने से भी एचआईवी संक्रमण होने का जोखिम काफी ज्यादा होता है।

गैर यौनिक गतिविधियों में संक्रमित सिरिंज या सूई का आदान प्रदान, दूषित रक्त चढ़ाना और ’एचआईवी पॉजि़टिव महिला से स्तनपान शामिल है। यह जन्म के समय संक्रमित माँ से बच्चे को एचआईवी भी हो सकता है। इसके साथ-साथ खाना खाने, या पानी पीने या मच्छर के काटने से आपको कभी भी एचआईवी नहीं हो सकता है।

एचआईवी के लक्षण-
आप सोच रहे होंगे की एचआईवी के बारे में पता कैसे चलेंगे आपको बता दे शुरुआती लक्षण आम सर्दी-ज़ुकाम या फ्लू जैसे हो सकते हैं, इसीकारण ज्यादातर लोगों को पता नहीं चल पाता कि वे एचआईवी से संक्रमित हो गए है।

यदि आपको असुरक्षित सम्बन्ध करने के तीन से छह हफ्तों बाद बुखार, सिर दर्द, छाले, दस्त या गला खराब होता है, तो आप एचआईवी की जांच जरूर करा लें। जबकि समस्या है कि कई लोग इन्हें पहले एचआईवी संक्रमण के लक्षण नहीं समझते हैं।

बिना इलाज करवाये ये फ्लू जैसे लक्षण अपने-आप चले जाते हैं। लेकिन यदि आप एचआईवी से संक्रमित हैं तो संक्रमण दूर नहीं होता। बल्कि आठ से दस सालो में यह संक्रमण धीरे-धीरे आपकी रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी नष्ट कर देता है। और आप एचआईवी संक्रमण की दूसरी अवस्था, जिसे एड्स भी कहते हैं, उस बीमारी के आप शिकार हो जाओगे हैं।

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