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सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण के लिए जगमगायेगे 11 लाख 11 हजार द्वीप

गांधी सागर में स्थापित होगी भारत माता की सबसे उंची प्रतिमा, माता को चढाई जायेगी नौ किमी लम्बी चुनरी, प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में आचार्य शास्त्री ने दी कार्यक्रम की जानकारी

मंदसौर। हम संस्कृति और सभ्यता को भुलते जा रहे है। सभ्यता और संस्कृति को पुनः स्थापित कैसे किया जाये, मत मतान्तर उठे है। ऐसे में हम एकजुट होकर भारतीय संस्कृति को अपना ने उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली का प्रचार करने धर्म की जागृति पैदा करने संत व सैनिक का सम्मान स्थापित करने नदीयों को प्रदूषण मुक्त करने के सुधारने के संकल्प के साथ भारतीय सभ्यता , सँस्कृति व 16 संस्कारों के पुनर्जागरण के उदेश्य से ग्राम आकोदड़ा में 11 लाख 11 हजार दीप प्रज्जवलन का भव्य व विराट अनुष्ठान आगामी 2 से 8 अप्रेल तक होगा एवं 2 अप्रैल को ग्राम दलौदा से विश्व की पहली नौ किमी लम्बी चुनरी यात्रा ग्राम आकोदडा पहुॅचेगी जहॉ यह चुनरी मॉ कालका को औढाई जायेगी।
यह जानकारी आचार्य मधुसूदन शास्त्री ने मन्दसौर जिला प्रेस क्लब द्वारा आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पत्रकारों को दी। आपने बताया कि सनातन परंपरा में मत मतांतर हैं इससे धर्म के क्षेत्र में विसंगतियां उभर रही है उन्हें दूर करने के लिए और भारत की वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार करने के लिए यह महान अनुष्ठान मां कामाख्या देवी की प्रेरणा से किया जा रहा है। हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा राष्ट्रीय धरोहर है, इसे हर हाल में अक्षुण रखना हम सबका दायित्व है। साथ ही पर्यावरण एवं नदियों का संरक्षण सैनिकों का सम्मान हमारा प्रथम कर्तव्य है। आपने कहा कि मां कामाख्या देवी की आराधना दीप प्रज्ज्वलन से की जाती है यदि हम सब मिलकर 11लाख 11000 द्वीप प्रज्जवलित करेंगे तो निश्चित रूप से मां की कृपा सब पर बरसेगी और हम भारत को पुनरू विश्वगुरु होने का सम्मान दे सकेंगे।

नौ किमी लम्बी निकलेगी चुनर यात्रा

आचार्य श्री शास्त्री ने बताया कि 2 अप्रैल को दलौदा से गांव अकोदडा तक 9 किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा निकाली जाएगी। चुनरी यात्रा की जिम्मेदारी ग्राम धुंधडका के ग्रामीणों को दी गई है, चुनरी यात्रा में 21 घोड़े, दो हाथी 100 ढोल सम्मिलित होंगे ।यात्रा में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी और रास्ते भर स्वागत होगा।

आचार्य श्री ने कहा कि दीप प्रज्वलन अनुष्ठान और विश्व की सबसे बड़ी चुनरी यात्रा को गिनीज बुक और गोल्डन बुक में भी कीर्तिमान के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए गिनीज बुक और गोल्डन बुक की टीम आकर सर्वे भी कर चुकी है। इस विराट आयोजन में 12 राज्यों के 100 से ज्यादा संत गण सम्मिलित होंगे जिसमें प्रमुख रुप से भानपुरा पीठाधीश्वर शंकराचार्य श्री दिव्यानंद जी महाराज, रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज, कनकदास जी महाराज, निर्मल दास जी महाराज, कंकू माताजी श्याम सुंदर, नरसिंह दास जी चौतन्यदास जी सहित नागा साधु सम्मिलित होंगे।

गैर राजनीतिक है आयोजन, संतगण ही होगे अतिथि
यह आयोजन पूर्णतः गैर राजनीतिक रहेगा, केवल संतो को ही इसमें अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है। शेष सभी जन श्रध्दालु के रुप में सम्मिलित होंगे ।उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को निरूशुल्क कन्या विवाह का भी आयोजन होगा जिसमें 108 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक 50 जोड़े पंजीकृत हो चुके हैं ग्राम अकोदडा मगरा पर जहां दीप प्रज्जवलन का यह विराट आयोजन होने जा रहा है वहां दो बीघा जमीन इस अनुष्ठान हेतु तय की गई है।

दो लाख श्रद्धालु,50 गांव,44 प्लेटफॉर्म पर पर प्रज्जविल्त होगे दीप
जिसमे लगभग दो लाख की संख्या में जनता एकत्र होगी। 50 गांव के लोग पूरी व्यवस्था में जुटेंगे 44 प्लेटफार्म बनाए गए हैं जिन पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। सात दिवसीय इस आयोजन में प्रथम दिन शुभारंभ के साथ ही प्रतिदिन विद्वान संतों के प्रवचन तथा यज्ञ आदि आयोजन होंगे और 8 अप्रैल को यह भव्य दीप प्रज्वलन अनुष्ठान होगा। आपने बताया कि लगभग ढाई सौ क्विंटल तेल दीप प्रज्वलन में उपयोग लिया जाएगा। जिसकी व्यवस्था 50 गांव के ग्रामीण करेंगे ।मंदसौर नीमच और रतलाम जिले के यह ग्रामीण है जो समूची व्यवस्थाओं को अंजाम देंगे ।दीप प्रज्वलन मां कामाख्या देवी की मुख्य ज्योत से प्रज्वलित कर किए जाएंगे इसके लिए 60 सदस्यीय दल 3 माह पूर्व मां कामाख्या देवी जाकर वहां से माताजी की ज्योत लेकर आया है जो अभी भी ग्राम अकोदडा माताजी में अखंड रूप से जल रही है।

गांधी सागर बांध पर स्थापित होगी भारत माता की सबसे बडी प्रतिमा
आचार्य श्री ने बताया कि इस अनुष्ठान के पश्चात गांधी सागर में 108 फीट ऊंची भारत माता की प्रतिमा स्थापित किए जाने की योजना है यह प्रतिमा पाषाण से निर्मित होगी जिस पर अष्टधातु चढ़ाई जाएगी ताकि सालों साल यह प्रतिमा पूरी तरह से सुरक्षित रहें।

कार्यक्रम के आरंभ में आचार्य मधुसूदन शास्त्री ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने आचार्य श्री का समुचे प्रेस क्लब की ओर से पुष्पहार से स्वागत किया।

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