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समय पर पम्प हाउसों की सुध ले ली होती तो पानी नहीं करता तांडव

मामला – मंदसौर में बाढ़ के तांडव के

अलर्ट के बाद भी नहीं जागा जिम्मेदार वर्ग

मंदसौर। शुक्रवार व शनिवार को भयावह वर्षा ने शहर में जो तांडव किया इसके पीछे केवल प्रशासनिक अमले की असक्ष्मता ही कहा जाएगा। वहीं वर्तमान में सत्ता पर काबिज कांग्रेस की सरकार भी कठघडे़ में खड़ी है। साथ ही विपक्षी दल भाजपा के जनप्रतिनिधि भी इस तांडव के लिए कम दोषी नहीं है।

परंतु कोई भी अपने उपर जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। बाढ़ का पानी तो पम्पों के माध्यम से बाहर कर दिया गया। लेकिन सदियों तक हर वर्ग इस जलत्रासदी को भूल नहीं पायेगा। सोमवार को भी व्यापारिक प्रतिष्ठानों से पानी निकालने का क्रम जारी था। करोड़ों का माल जो पानी की भेंट चढ़ गया था। वह मलबे के रूप में दुकानों से बाहर आ रहा था। हर कोई इसमें जुटा था कि शायद कोई सामान उसे सुरक्षित मिल जायें।

नगर में हाई अलर्ट के बाद भी जिम्मेदार वर्ग उन जर्जर व पुराने पम्पों के सहारे ही बैठा रहा कि वे पानी को बाहर फंेक देगे। परंतु उनके आंकलन में वे कही न कहीं चूक कर गए व नगर बाढ़ की भेंट चढ़ गया। अगर समय रहते की पम्प हाउस के साथ अन्य पम्पों की व्यवस्था कर ली जाती तो शायद इस शहर को बचाया जा सकता था।

लेकिन किसी भी हादसे के बाद जांच की बात होगी। जांच कमेटियां बनेगी और नतीजा कुछ भी नहीं आएगा और जिम्मेदार वर्ग इतिश्री कर तू मुझे बचा मैं तुझे बचाउंगा की तर्ज पर अपना समय व्यतित कर चला जाता है। वास्तव में तो जिम्मेदारी तय होना चाहिए। व जिम्मेदारी को पूरा नहीं करने वालों पर कार्यवाही भी होना चाहिए। जो कभी भी संभव नहीं है।

7 दिवस के अंदर बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा प्रदान करें – कमिश्नर कुमार

हेदरवास, गंगा गार्डन, अलावद खेड़ी का किया निरीक्षण

उज्जैन सम्भाग के कमिश्नर अजित कुमार एवं आईजी राकेश गुप्ता द्वारा मंदसौर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गांव हैदरवास, गंगा गार्डन, नारायणगढ़ व झारडा का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि 7 दिवस के अंदर बाढ़ पीडि़तों को मुआवजा राशि प्रदान करें। जितनी जल्दी प्रभावितों को मुआवजा राशि मिलेगी, इतना जल्दी लोगों को राहत महसूस होगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल कैंप आयोजित किए जाए। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण हो। पटवारी घर-घर जाकर, हर एक घर की स्थिति जांचे एवं आर्थिक स्थिति का अवलोकन करें। प्रभावितों को जितना नुकसान हुआ है। उसके अनुसार सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाए।

निरीक्षण के दौरान उन्होैने कहा कि अनाज वितरण का कार्य अति शीघ्र प्रारंभ करें। जिससे लोग समय पर भोजन कर सके। सभी तरफ दवाई छिड़काव की व्यवस्था बेहतर हो। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी दवाइयों का छिड़काव कराया जाए। जिससे बाढ़ जनित बीमारियां नहीं पनप सके। ऐसे लोग जो अन्य जगह शिफ्ट होना चाहते हैं। उनको अन्य जगह शिफ्ट करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे। इसके साथ ही पशुओं का भी अनिवार्य रूप से उपचार करवाएं एवं उनका भी चेकअप करवाएं। निरीक्षण के दौरान गांव के लोगों से चर्चा की एवं सहायता का आश्वासन दिया। गांव की व्यवस्था जल्द से जल्द दुरस्त हो इसके लिए कलेक्टर को भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मनोज पुष्प, पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी, सीईओ जिला पंचायत क्षितिज सिंघल, मन्दसौर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित विभागीय अमला मौजूद था।

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