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सांई भक्तों की 25वीं कावड़ व पालकी यात्रा को शिर्डी धाम के लिये श्री पशुपतिनाथ प्रांगण से समारोह पूर्वक विदाई

मन्दसौर। भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर से लगातार 25वें वर्ष शिरडी वाले सांई बाबा के धाम पैदल जाने वाले कावड़ यात्रियों को आत्मीय विदाई दी गई। जावरा और मंदसौर के श्रद्धालु कावड़ यात्री शिवना नदी का पानी लेकर शिर्डी धाम के लिये रवाना हुए। इससे पहले भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर गर्भगृह में पूजन-अर्चन कर, सांई बाबा की तस्वीर की भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई।
इस अवसर पर पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटील ने कहा कि इस कावड़ यात्रा के माध्यम से ये श्रद्धालुगण भगवान श्री पशुपतिनाथ का भी प्रचार करते है। 25 वर्षों की यह परम्परा आगे भी चलती रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया ने कहा कि कावड़ यात्रा भक्ति का एक श्रमपूर्ण माध्यम है, यह परम्परा 25 वर्षों से अनवरत चल रही है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। वरिष्ठ चिंतक महेश मिश्रा ने कहा कि शिवना नदी सहित मार्ग की विभिन्न नदियों का जल एकत्र कर ये कावड़ यात्री सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देते है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. घनश्याम बटवाल ने कहा कि कावड़ यात्रियों की यह 25 वर्षों की साधना है। निश्चित ही इस श्रद्धापूर्ण लगन से शिर्डी के सांई बाबा प्रसन्न होकर सबका कल्यण करेंगे। वरिष्ठ समाजसेवी कारूलाल सोनी ने कहा कि भगवान श्री पशुपतिनाथ की कृपा से 25 वर्षों से कावड़ यात्रा की परम्परा चल रही है, यह शिर्डी वाले सांईबाबा की कृपा का भी फल है। सामाजिक कार्यकर्ता हिम्मत डांगी ने भी कावड़ यात्रियों को शुभकामनाएं दी। जावरा के 10 कावड़ यात्रियों सहित मंदसौर से संदीप पिता रामचन्द्र फतरोड़ कावड़ यात्रा में सम्मिलित हुए है।
आरंभ में पं. अशोक त्रिपाठी ने कावड़ यात्रा की इस अनवरत परम्परा की विस्तृत जानकारी दी। श्री मोहन सोनी ने कावड़यात्रा के लिये 5100 रू., इनके अलावा नवकृष्ण पाटील, विष्णु तुगनावत, महेश मिश्रा, हिम्मत डांगी, अशोक त्रिपाठी, खुमानसिंह चुण्डावत, लक्ष्मीनारायण देवड़ा आदि ने भी यथायोग्य सहयोग राशि भेंट की। अतिथियों ने कावड़ यात्रियों को केप व टीशर्ट भेंट किये। अतिथियों व कावड़ यात्रियों का स्वागत सर्वश्री मोहन सोनी, पं. अशोक त्रिपाठी, ललित भारद्वाज, खुमानसिंह चुण्डावत, यशवंतसिंह सौलंकी, निरंजन भारद्वाज, विजय सोनी, लक्ष्मीनारायण देवड़ा, रमेश हरवार, राजू मतराना, ब्रजेन्द्र चौहान, संजय सोनी, रमेश सोनी,  प्रभाशंकर, आशीष पिल्ले, रमेश ब्रिजवानी, विनोद शर्मा एड., श्याम कुचेरिया, शोभा अकोलकर, सुशील सोनी, लीला सोनी, सोनम सोनी, श्रीमती उषा चुण्डावत, श्रीमती ललिता भारद्वाज, श्रीमती संतोष भारद्वाज आदि ने किया। संचालन ब्रजेश जोशी ने किया एवं आभार महेश सोनी ने माना।

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