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सात वर्षीय मासूम के हैवानियत दिखाने वाले दोनों दरिंदों को फांसी की सजा 

जिला न्यायालय ने सुनाया फैसला

मंदसौर। 26 जून को नगर की सात वर्षीय मासूम को अपनी हैवानियत का शिकार बनाने वाले आसिफ और इमरान को मंगलवार को श्रीमती निशा गुप्ता, विशेष न्यायाधीष/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीष 2 मन्दसौर ने फांसी की सुनाई। सजा के बाद दोनो आरोपियो को उपजेल मंदसौर भेज दिया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोनो आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर 1 बजे न्यायालय में पेश किया गया जिसके बाद सुनवाई प्रारंभ हुई। दोपहर 3 बजे बाद विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट निशा गुप्ता ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई इसके अतिरिक्त अन्य धाराओं में भी दोनों आरोपियों को सजा सुनाई गई है।

फांसी और आजन्म कारावासदोनो आरोपियों को गैंगरेप की धारा में फांसी और अन्य धाराओं में आजन्म कारावास और 7 वर्ष की सजा सुनाई गई है।

चेहरे पर दिखी बैचेनी, कुछ बोला तो हिन्दू नेता ने जड़ा थप्पड़

मंगलवार को फैसला आने की जानकारी जिन जिन को थी वे न्यायालय परिसर में पहुंचे। लोगों के आक्रोश से पुलिस पहले ही वाकिफ थी जिसको देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। फैसला सुनने के बाद जैसे ही दोनो आरोपी न्यायालय से बाहर आए उनमें से आसिफ ने फैसले के विरूद्ध कुछ कहा तो समीप ही खड़े हिन्दू नेता विनय दुबेला ने कड़ी सुरक्षा के बीच आसिफ को थप्पड़ जड़ दिया।

331 पेज का चालान और 37 गवाह घटना के बाद देशभर में इसकी निंदा कि गई और लोगों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला था। जिसके बाद दोनो आरोपियों को पुलिस ने पकड़कर उन्हें फांसी की सजा ही हो इसके लिए न्यायालय में 331 पेज का चालान पेश किया था जिसके बाद सुनवाइ्र प्रारंभ हुई और 37 से अधिक गवाहों की गवाही के बाद एक माह नौ दिन के बाद न्यायाधीश निशा गुप्ता ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

बच्ची अभी इंदौर ही रहेगीमासूम बच्ची धीरे धीरे रिकवर हो रही है। लेकिन अभी वह इंदौर ही रहेगी। उसकी दो सर्जरी और बाकी है। जिसके बाद ही पता चल पायेंगा कि उसको अस्पताल से कब छुट्टी मिलेगी।

घटना की संक्षिप्त जानकारी
26 जनू 18 को फरियादिया कमला पति मदनलाल माली नि. कर्मचारी कालोनी मन्दसौर ने थाना कोतवाली मंदसौर मे रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी नाबालिग पोती उम्र 7 साल सरस्वती स्कूल मे कक्षा तीसरी मे पढ़ती है। जैसे स्कूल से लेने के लिये षाम करीब 05.45 बजे पहूंची तो स्कूल के चौकीदार ने बताया कि स्कूल की छुट्टी 15 मिनिट पहले हो चुकी थी। सभी बच्चे चले गये। नाबालिग पोती बिना बताये स्कूल से कही चली गई है जो अभीतक घर नही आई है, जिसकी तलाष आसपास एवं रिष्तेदारो मे की पता नही चला, षंका है कि कोई अज्ञात बदमाष उसे बहला फुसलाकर ले गया है।

27 जनू 18 के दोपहर षहर किला रोड़ लक्ष्मण दरवाजे के पास झाडि़यो से घायल अवस्था मे मिली, जिसे तत्काल उपचार हेतु जिला चिकित्सालय मंदसौर पहुंचाया गया। बाद प्रारंभिक उपचार के मेडिकल परीक्षण करवाया गया। पीडि़ता के चेहरे, गर्दन व आंख पर षार्प चोेंटें तथा पीडि़ता के साथ दुराचार (बलात्कार) किया जाना पाया गया, जिसे चिकित्सक द्वारा ईलाज हेतु एमवायएच इंदौर रेफर किया गया, जहां उपचाररत है। प्रकरण मे विवेचना के दौरान धारा 363 भादवि वृद्धि धारा 366, 376, 376 (2) एम, 376-ए, बी, 307, 376 डी, बी भादवि एवं 5 एल/6, 5-आर/6, 5एम/6, 5जी/6 पास्को एक्ट बढ़ाई गई। पीडि़ता एमवायएच इंदौर में ईलाजरत है।   आरोपी भय्यु उर्फ इरफान पिता जाहिद उर्फ जाहिर उर्फ कालु मेवाती उम्र 20 साल नि. चंदन गली मदारपुरा मन्दसौर को 28.06.18 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी इरफान के कथन के आधार पर उक्त अपराध मे एक अन्य आरोपी आसिफ पिता जुल्फीकार मेवाती उम्र 24 साल नि0 मदारपुरा मन्दसौर को 29.06.18 को गिरफ्तार किया गया।

साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने के प्रयासो पर तत्काल नियंत्रण 27 जून 18 को पीडि़ता के गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलने पर पुरे क्षैत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी तथा पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किये जाने के फलस्वरूप देर रात तक प्रकरण के आरोपियो का खुलासा होने पर शहर में साम्प्रदायिक माहौल निर्मित होकर तोड़फोड़ की घटना प्रारम्भ हो गई थी। समस्त पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियो ने पूरी तत्परता से कार्यवाही कर उग्र भीड़ पर नियंत्रण किया गया। अनैक हिन्दू एवं मुस्लिम संगठन के आसामाजिक तत्वो के ठिकानो पर दबिष दी गई। जहां से पत्थर, पेट्रोल बम आदि बरामद किये गए।

विशेष टीम का किया गया था गठन 
पुलिस अधीक्षक जिला मन्दसौर द्वारा विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया, जिसमे राकेष मोहन शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक, नितेष कृष्णन, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, श्रीमती पुष्पा सिंह चौहान निरीक्षक पुलिस आदि को रखा गया। प्रकरण में सम्पूर्ण विधिक मार्ग दर्शन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नितेश कृष्णन के द्वारा दिया गया।

न्यायालय मे अभियोजन कार्यवाही  प्रकरण में अभियोजन साक्ष्य 30.07.18 से प्रारम्भ हुआ जो 08.08.18 को पूर्ण हुई। अभियोजन द्वारा मात्र 8 दिवस मे कुल 37 साक्षियो को अभियोजन की ओर से परिक्षित करवाए गए। इस दौरान अभियोजन ने अपने प्रकरण के समर्थन में 195 दस्तावेज तथा 50 आर्टिकल प्रदर्शित करवाए। 14.08.18 को बहस पूर्ण हुई और 21.08.18 निर्णय हेतु नियत किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से संचालन उप संचालक अभियोजन/विशेष लोक अभियोजक श्री बापुसिंह ठाकुर के द्वारा किया गया।
इन बिन्दुओं से हुए दोष सिद्ध 

1- पीडि़ता ने अपने कथन मे आरोपीगण के द्वारा दुष्कर्म किए जाने की बात स्पष्ट रूप से न्यायालय के समक्ष पुष्टि की तथा दोनो आरोपीगण को भी न्यायालय में पहचान की।

2-  आरोपी इरफान के कपड़ो एवं बनियान पर पीडि़ता का खुन लगा था, जिसकी पुष्टि डीएनए रिपोर्ट से हुई।

3- घटना स्थल लक्ष्मण दरवाजा मन्दसौर पर मिले बाल जिसे पुलिस ने जप्त किया था, वह बाल डीएनए जांच में आरोपीगण इरफान व आसिफ के होने पाए गए।

4- चिकित्सकीय साक्ष्यो के द्वारा भी अपराध प्रमाणित माना गया।

5- सीसीटीवी फुटेज भी प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य रही।

6- आरोपीगण की पहचान अन्य साक्ष्यो के द्वारा भी शिनाख्तगी कार्यवाही के समय की गई एवं न्यायालय में भी स्वतंत्र साक्ष्यों ने पुष्टि की।

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