Breaking News

सालों इंतजार करने के बाद मंदसौर की अवैध कॉलोनीवासियों के द्वार अब पंहुचा विकास

Hello MDS Android App

मंदसौर। शहर की सभी अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 55 कॉलोनियों को वैध कर दिया गया है। नपाध्यक्ष के अनुसार इसके लिए प्रशासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे अवैध कॉलोनी के रहवासियों को अब विकास कार्यों की सौगातें मिलेगी। इन कॉलोनियों में कहां, क्या कार्य करना है इसका सर्वे भी पूरा हो चुका है। एस्टीमेट व डिजाइन भी लगभग तैयार हो गई है। टेंडर प्रक्रिया होते ही माना जा रहा है कि अगले माह से विकास कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। कॉलोनियों में प्रायवेट एजेंसी के माध्यम से विकास कार्य होंगे। जनभागीदारी, संपत्तिकर के अलावा शासन से राशि की मांग भी की जाएगी।

अवैध कॉलोनियों को वैध करने की सीएम की घोषणा के बाद मंदसौर शहर में प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाया। सर्वे में शहर की 55 कॉलोनियां अवैध पाई गई। हालांकि पहले 51 कॉलोनियां ही थी। नीमच के कंसल्टेंट दिवाकर डिजाइन हाउस की टीम ने 16 मई से 10 जून तक सर्वे कर अवैध कॉलोनियों में सड़क, नाली, बिजली, पानी, सफाई आदि सुविधाओं व जनता की मांग का आंकलन कि या। इसके बाद कंसल्टेंट द्वारा कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए एस्टीमेट व ड्रॉइंग डिजाइन तैयार की जा रही है, इसकी रिपोर्ट नपा को प्रस्तुत की जाएगी। नोडल अधिकारी इंजीनियर बीबी गुप्ता ने बताया कि एस्टीमेट अभी आना बाकी है। सभी कॉलोनियों को वैध कि या जा चुका है। कॉलोनियां अवैध होने के कारण नपा वहां सीधे विकास कार्य नहीं करा पा रही थी, जिसके कारण कई क्षेत्रों में 20-20 सालों से सड़क, नाली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाई है। अब वैध घोषित होते ही इन कॉलोनियों में विकास कार्य तेजी से हो सकें गे। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगस्त माह से कॉलोनियों में विकास कार्य प्रारंभ हो जाएंगे।

शासन से भी मांगी जाएगी राशि

शहर की अवैध कॉलोनियां वैध होते ही अब विकास कार्यो के लिए फंड की आवश्यकता होगी। नपा इन कॉलोनियों में जनभागीदारी, संपत्तिकर, बिल्डिंग अनुमति की राशि से विकास कार्य करवाएगी। सांसद विधायक निधि भी जनभागीदारी ही कहलाएगी। इसके अलावा इसके अलावा नगरपालिका शासन से भी राशि की मांग करेगी।

सभी कॉलोनियां वैध

-शहर की सभी 55 अवैध कॉलोनियां वैध हो गई है। इसके लिए प्रशासन द्वारा अधिसूचना जारी कर दी है। अब धीरे-धीरे टेंडर की प्रक्रिया होगी। विकास कार्य प्रायवेट एजेंसी के माध्यम से कि ए जाएंगे। इनमें जनभागीदारी जो सांसद विधायक निधि के रुप में भी हो सकती है। इसके अलावा संपत्तिकर, भवन निर्माण अनुमति की राशि लगाई जाएगी। इसके बाद भी डिमांड बढ़ेगी तो शासन से मांग की जाएगी। -प्रहलाद बंधवार, नपाध्यक्ष, मंदसौर

-अंतिम सूचना का प्रकाशन करवा दिया गया है। एस्टीमेट व डिजाइन जल्द आएगी उसके े बाद टेंडर प्रक्रिया होगी। नामांतरण प्रक्रिया भी की जाएगी। पहली सूचना में दावे-आपत्तियां बुलाई गई थी। जल्द ही विकास कार्य प्रारंभ होंगे। –बीबी गुप्ता, इंजीनियर, नपा

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *