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सावधान: सहायता राशि कहीं घातक न बन जाय!

बायोमेट्रिक डिवाइस को नहीं किया जा रहा सेनेटाइज्ड

मंदसौर। सम्पूर्ण विश्व के साथ भारत भी कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ रहा है। पूरा भारत बंद है व्यापार – व्यवसाय पूरी तरह से बंद है। ऐसे में गरीबों परिवारों आर्थिक सहायता देने के उद्येश्य से केन्द सरकारों ने राज्य सरकारों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन धन योजना वाले खातों मेें महिला खाताधारकों को पांच सौ रूपये ही सहायता राशि दी है। जो अब खातों में आना प्रारंभ भी हो गई।

नगर के कियोस्क सेन्टरों पर यह राशि निकालने वाली महिलाआंे की भीड लग रही है। जिससे संक्रमण फैलने की संभावनाओं को बल मिल रहा है। हर कोई जल्द से जल्द इस राशि को निकालना चाहता है। क्योंकि कम जागरूक क्षेत्र की महिलाओं में यह भ्रांति फैल गई है कि यदि 2 से 4 दिनों में यह रूपये खाते से नहीं निकाले तो इस रूपये वापस चले जायेंगे। जिसके कारण कियोस्क सेन्टरों पर महिलाओं की बड़ी – बड़ी लाइनें लग रही है। जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का अभाव देखने को मिल रहा है। महिलाओं के बीच दूरी एक मीटर से भी कम है। कियोस्क सेन्टरों पर न तो हाथ धोने की व्यवस्था है और नहीं सेनेटाइजर की। जबकि खाताधारक को अपने खाते रूपये निकालने के लिए अपना अंगूठा बायोमेट्रिक डिवाइस पर लगाना होता है। इस प्रकार दिन पर सैकड़ों लोगों के हाथ का अंगूठा उक्त मशीन पर लगेगा यदि बायोमेट्रिक डिवाइस को सेनेटाइजर से साफ नहीं किया जायें तो उससे संक्रमण फैलने की संभावनाएं बढ़ जाती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।

संक्रमण फैलते देर नहीं लगेगी

बायोमेट्रिक डिवादस से संक्रमण फैलने की अधिक संभावना रहती है। इसलिए सबसे पहले कलेक्टर मनोज पुष्प ने मंदसौर जिले में ई – अटेंडेंस पर रोक लगाई थी। सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक डिवाइस से अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति लगाई जाती थी जिस पर कोरोना वायरस की शुरूआत में ही कलेक्टर ने रोक लगा दी थी।

यह व्यवस्था करना होगी अनिवार्य

3 अप्रैल से जन – धन खाताधारक वाली महिलाओं के खाते मंे यह राशि आना प्रारंभ हुई है। अब यह राशि निकालने का दौरा चलेगा। इसलिए प्रशासन को कियोस्क सेन्टरों पर हेण्ड वॉश, सेनेटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करवाना चाहिए।

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