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सावन से उम्मीदें, शिवना करेगी भोले का अभिषेक

नगर को अब भी है झमाझम का इंतजार, सावन से उम्मीदें  : जिले में अबतक 356.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

मंदसौर। मध्यप्रदेश के साथ साथ मंदसौर जिले में भी लगातार बारिश का दौर जारी है। लेकिन मंदसौर नकर को अब भी झमाझम बारिश का इंतजार है। नगर में अब तक 7 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। विगत् दो दिन से भी नगर में बारिश हो रही है। लेकिन बारिश सिर्फ रिमझीम तक की ही सिमित है। झमाझम बारिश अब तक नगर में नहीं हुई है।

लोगों को अब सावन माह से उम्मीद है कि सावन में जोरदार बारिश होगी और नगर की जलप्रदायनी मॉ शिवना नदी भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक करेगी।

जिले में इस वर्ष अबतक औसतन 356.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में मंदसौर जिले में 13.6 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घण्टो में मंदसौर में 9 मि.मी., सीतामउ में 17.4 मि.मी., सुवासरा में 18.4 मि.मी., गरोठ में 13.4 मि.मी., भानपुरा में 31.8 मि.मी., मल्हारगढ मे 8 मि.मी., धुधंडका में 5 मि.मी., शामगढ में 12.4 मि.मी., संजीत में 5 मि.मी. एवं कयामपुर में 10.2 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। गांधीसागर बांध का जलस्तर 24 जुलाई को 1273.87 फीट दर्ज किया गया।

किसानों के लिए सलाह जारी उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंदसौर ने सोयाबीन एवं अन्य खरीफ फसलों पर किटों एवं बीमारियों से फसलों को बचाने हेतु कृषकों को सलाह देते हुए कहा है कि सोयाबीन की फसल पर लाल मकड़ी का प्रकोप होने पर इसके नियंत्रण हेतु फॉसमाईट (1.5 ली./हे.) का छिड़काव करें। दलहनी फसलों पर सेमीलूपर के प्रकोप से पत्तियों की क्षति रोकने के लिये क्विनालफॉस (1.5 ली/हे.) अथवा इन्डोक्साकार्ब (500 मि.ली./हे.) का छिड़काव करें। कृषक अधिक वर्षा की स्थिति में अपने खेतों से अतिरिक्त पानी के निकासी की व्यवस्था करें। सफेद मक्खी एवं गर्डल बीटल के सामूहिक प्रकोप की दशा में पूर्व मिश्रित कीटनाशक बीटासायफ्लूथ्रीन $ इमिडाक्लोप्रीड का 350 मि.ली./हे. की दर से छिड़काव करें।   चक्रभृंग (गर्डल बीटल) के नियंत्रण हेतु ट्रायजोफास (800 मि.ली./हे.) अथवा थायक्लोप्रीड (650 मि.ली./हे.) का छिड़काव करें तथा ग्रसित पौध अवशेषों को प्रारंभिक अवस्था में ही तोड़कर निष्कासित करें। सोयाबीन की फसल पर पत्ती धब्बा नामक बीमारी दिखाई दें या पत्तियाँ नोंक की तरफ से झुलसी हुई प्रतीत होने पर कार्बेन्डाजिम (250 ग्रा/हे.) या थायोफिनेट मिथाईल (500 ग्रा./हे.) का 500 लीटर पानी के साथ छिड़ाकाव करें। सोयाबीन पौधों के तनों/डंठलों पर काले रंग के अनियमित आकार के धब्बे दिखाई देने एवं पौधों के सबसे ऊपर वाली तीसरी पत्ती उलटकर पलटी हुई दिखाई देने पर (एन्थ्रेकनोज/पॉड ब्लाईट बीमारी) बीनोमिल (बेनलेट) (500 ग्रा./हे.) या थायोफिनेट मिथाईल (500 ग्रा./हे.) या टेब्युकोनाजोल 250 ई.सी. (625 मि.ली./हे.) का छिड़काव करे।

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