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सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म कोलाबोरेटिव आउट स्टेशन रिसर्च सेंटर का हुआ शिलान्यास

मंदसौर। महाविद्यालयो से निकलने वाले विद्यार्थी नौकरियो की और भागते है। उन्हे उद्यमी बनाना है। भारत सरकार का भी लक्ष्य है कि वर्ष 2022 तक किसानो की आय को दुगना करने का है। इसके लिये नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंदसौर का सिपानी अनुसंधान फार्म इस क्षेत्र मे आदर्श उदाहरण है। अनुसंधान फार्म के निदेशक नरेन्द्रसिंह सिपानी को दिल्ली मे 8 मार्च को देश के कृषि विश्वविद्यालयो के उपकुलपतियो की बैठक मे आमंत्रित किया गया है। जहा वे अपने अनुभव शिक्षाविदो से साझा करेगे और व्याख्यान देगे। उक्त विचार कृषि क्षेत्र मे देश की सर्वोच्च संस्था भारतीय कृषी अनुसंधान परिषद के डायरेक्टर जनरल डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने ग्राम चांगली स्थित सिपानी कृषि अनुसंधान फार्म पर परिषद के सहयोगी संस्थान के रूप मे स्थापित होने वाले कोलाबोरेटिव आउट स्टेशन रिसर्च सेंटर (सी ओ आर सी ) के शिलान्यास अवसर पर व्यक्त किये।

उन्होने कहा की सिपानी अनुसंधान फार्म पर विकसित एक हेक्टेयर 10 टन गेहु की फसल लिये जाने वाले अनुसंधान का राष्ट्रिय स्तर पर परिक्षण कर परिषद उसे बीज के रूप मे सारे देश मे वितरित करेगी। यह मंदसौर के लिये गौरव की बात होगी। डॉ. महापात्रा ने कहा कि देश मे कृषि अनुसंधान परिषद विगत 110 वर्षो से किसानो के लिये अनुसंधान को प्रोत्साहित कर रही है। जैविक खेती के लिये बाजार की प्रमाणिक प्रणाली विकसित करना होगी। प्रदेश के कृषि महाविद्यालय और अनुसंधान केन्द्र अच्छा कार्य कर रहे है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आई ए आर आई के निदेशक डॉ. ए के सिंह ने कहा कि नई तकनिक को किसानो तक पहुचाने की हमारी जिम्मेदारी है।

डॉ. वी एन श्राफ ने कहा कि भारतीय कृषि पद्दती को पुनः अपनाए जाने एंव वर्तमान कृषि प्रणाली को पूरी तरह बदलने की जरूरत है। जहरीली खेती ने पंजाब , हरियाणा की कृषि भूमि को दुषित किया है। किसानो की आय दुगनी करने का लक्ष्य तब तक पूरा नही हो सकता जब तक पानी को नही बचाया जायेगा।

मंदसौर कृषि महाविद्यालय के डीन एंव गन्ना कमिश्नर रह चुके साधुराम शर्मा ने कहा कि अनुसंधान के चलते ही अफीम की फसल को 16 किलो से बढ़ाकर 38 किलो किया जा सका। जनेटिक्स के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ.ए के सिंह, सिओआरसी के अधिकारी श्री अक्षय तालुकदार ने कहा कि श्री सिपानी ने जलवायु के अनुकूल किस्मो का अनुसंधान किया है। अटारी के डॉ. अनुपम मिश्रा , शिक्षाविद श्री रंगलाल धाकड़ ने किसानो से विवेक सम्मत निर्णय लेकर उपभोक्तावाद से बचने का अनुरोध किया । स्वागत भाषण देते हुए एस के ए एफ के निदेशक नरेन्द्रसिंह सिपानी ने गेहू के अलावा मक्का, अरहर, सोयाबीन के क्षेत्र मे किये गये अनुसंधान की जानकारी दी। कार्यक्रम मे वरिष्ठ अभिभाषक मंगेश भाचावत ने भी अपने विचार रखे। अतिथियो ने नरेन्द्रसिंह सिपानी के व्यक्तित्व एंव कृतित्व पर आधारित डॉ. सतीश बिरथरे द्वारा लिखित पुस्तक एंव संस्थान की रजत प्रतिकृति का विमोचन किया। आयोजन मे डॉ. महापात्रा को अभिनन्दन पत्र एंव अतिथियो को प्रतिक चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया।

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