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सीतामऊ फाटक पर बड़ी दुर्घटना होते होते रह गयी !!!

जरा गौर से पढिये और सोचिये…क्या हो अगर आप रेलवे क्रोसिंग को पार कर रहे है..आपके आगे भी वाहनों की कतार हो और पीछे भी वाहनों की लम्बी लाइन…इतने में ट्रेन आने का संकेत मिल जाये और फाटक फिर से बंद होना शुरू हो जाये….
बेबसी..लाचारी और चाह कर भी कुछ ना कर पाने का गुस्सा खत्म होने से पहले ही सामने दिखती है पटरी पर तेज रफ़्तार से आती हुई मौत !!!
ऐसा ही कुछ हुआ आज सीतामऊ फाटक रेलवे क्रोसिंग पर…

यहाँ आये दिन वाहनों की लम्बी लाईन फाटक के दोनों और लग रही है जिससे जाम की स्थिति निर्मित हो रही है..फाटक के दोनों और दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों में प्रतिस्पर्धा होती है सबसे पहले क्रोसिंग को पार करने की …यह सब जानते हुए भी यातायात विभाग का पॉइंट मेन यातायात व्यवस्था को सुधारने के बजाय अपनी चाय पानी के इंतज़ाम करने में ही मस्त है !!!
रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के चलते पहले ही यातायात का दबाव बहुत ज्यादा है..ऊपर से रेलवे क्रोसिंग पर पटरियों के आस पास डामर डालने का काम भी संबंधित ठेकेदार द्वारा पीक ओवर्स यानी की रश के समय किया जा रहा है…जिससे फाटक के दोनों और से वाहनों के निकलने के लिए 10 फीट की ही जगह बची है…अब इतनी सी जगह में से कैसे सारे वाहन निकले…बस जल्दी निकलने की होड़ में लग गया जाम…अभी कुछ वाहन धीरे धीरे सरके ही थे कि सायरन बज गया एक और ट्रेन आने का…और फाटक बंद होने लगी…चारो तरह चिल्ला चौट और एक दुसरे को कोसने का काम शुरू हो गया….भला हो कुछ समझदार लोगो का जिन्होंने संकट की घड़ी में समझदारी दिखाते हुए यातायात दुरुस्त करने का काम अपने हाथो में लिया और गलत तरीके से खड़े वाहनों को साइड में लगवाया साथ ही निर्माण कार्य के चलते ठेकेदार द्वारा लगाये स्टॉपर को भी रास्ते से हटाया …तब जाकर वाहन बड़ी मुश्किल से निकल पाए और जाम की स्थिति खत्म हुई…वहीँ रेलवे फाटक पर तैनात रेलवे कर्मी को भी लोगो ने जमकर लताड़ लगाई
बड़ा सवाल यह है कि इस पुरे घटनाक्रम में अगर कोई जनहानि हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता ???
अपनी ड्यूटी ढंग से ना निभाने वाला यातायातकर्मी ?? या रश के समय डामर डलवाने वाला ठेकेदार ?? या फिर कोई और ??
जो भी हो एक बड़ी दुर्घटना होते होते रह गई…
हम तो बस यही कहेंगे कि अव्यवस्था की चरम सीमा देखनी हो तो सीतामऊ फाटक जाकर देख ले !!!
अपने हिस्से की ड्यूटी हम सब थोड़ी ही सही पर ईमानदारी से निभा ले तो हालात बहुत कुछ बदल जायेंगे…
इस खबर के बाद शायद जिम्मेदारो के कान में जू रेंगे !!!

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I am Brajesh Arya

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