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सीतामऊ में हुआ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों का घटिया निर्माणए दो वर्ष में ही उखड़ गई सड़कें : उच्चतम न्यायालय ने दिये जॉच के आदेश

सीतामऊ निप्र। भारत देश कई गांवों से मिलकर बना है और इन्हीं गांवों को एक दूसरे से जोड़ने के लिये भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चला रखी है जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण कर गांवों को जोड़ा जा रहा है। मंदसौर जिले में भी 440 ग्राम पंचायतें आती है। लेकिन भ्रष्ट ठेकेदारोंएभ्रष्ट अधिकारियों के चलते भारत सरकार ही यह महत्वकांक्षी योजना भी भ्रष्टाचार की भेट चढ़ रही है।

क्षेत्र के तितरोद से गंगाखेड़ीएबेलारा से कंरडियाएखेजडि़या से खत्रुखेड़ी और खेजडिया से पारली ग्रामों की सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2014 में हुआ था। लेकिन भ्रष्टाचार के चलते आज दो वर्ष में ही यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त और उखड़ चुकी है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गारंटी पॉच वर्ष की होती है। लेकिन यह सड़क मात्र एक वर्ष में ही उखड़ना प्रारंभ हो गई थी।

जिसकी शिकायत क्षेत्र के जागरूक नागरिक महेश पाटीदार गांगाखेड़ी ने 25 अक्टूबर 2016 को जिला मुख्यालय स्थित प्रधानमंत्री सड़क निर्माण विभाग में की थी। लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके बाद श्री पाटीदार ने 17 दिसम्बर 2016 को इसकी शिकायत तत्कालीन कलेक्टर को पत्र लिखकर अवगत् कराया और कमीश्नर उज्जैन को भी पत्र लिखकर घटिया सड़क निर्माण से अवगत् कराया था जिसके बाद ग्राम तितरोद में ग्रामवासियों ने धरना देकर राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। लेकिन कहीं से भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुुई।

जिसके बाद श्री पाटीदार ने एक जनहित याचिका चारों सड़कों को लेकर उच्च न्यायालय इंदौर में जितेन्द्रसिंह वाघेला एडव्होकेट के द्वारा लगवाई गई। उच्च न्यायालय में पैरवी करते हुए श्री वाघेला ने न्यायालय को चारों सड़कों की स्थिति से अवगत् कराया। श्री वाघेला की पैरवी के बाद 13 अक्टूबर 2017 को माननीय उच्च न्यायालय की डबल बेंच में न्यायमूर्ति श्री पी के जायसवाल व न्यायमूर्ति श्री विरेन्द्रसिंह के द्वारा यह निर्णय दिया गया कि कमीश्नर उज्जैनएप्रबंधक मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण मंदसौर एवं मुख्य अभियंता म प्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधीकरण भोपाल को उक्त सड़क संबंधी जो भी आवेदन दिये गये है उनका तत्काल निराकरण करें।

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