सीसीटीवी कैमरो की नजर में 4 अप्रेल से होगा काले सोने (अफीम) का तौल

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शहर के अफीम कार्यालय में 4 अप्रेल से अफीम तौल कार्य प्रारंभ होगा। प्रथम खंड, द्वितीय खंड व तृतीय खंड के 13 हजार 866 किसान अफीम लेकर आएंगे। अफीम तौल के लिए शहर के अफीम कार्यालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। अधिकारियों के अनुसार इस बार अफीम फसल का उत्पादन गतवर्ष की अपेक्षा काफी बेहतर है। उल्लेखनीय है कि गतवर्ष केवल 263 किसानों ने ही अफीम जमा कराई थी। 7 हजार 542 किसान अफीम जमा नहीं करा पाए थे। इसका कारण मौसम की मार के कारण खराब हुई फसल थी।

सीसीटीवी कैमरो की नजर में होगा अफीम तौल

अधिकारियों ने बताया कि किस दिन किस गांवो के किसानों को बुलाया जाना है, इसकी सूची गांव के मुखिया को उपलब्ध करा दी गई है। 4 अप्रेल से सीसीटीवी कैमरो की नजर में अफीम तौल होगा। अफीम कार्यालय में शनिवार को अफीम कंटेनरो की धुलाई का कार्य किया गया। इसके अलावा आने वाले किसानों के छांव के लिए टैंट, कूलर व पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। ठंडे पेयजल के लिए यहां व्यवस्था की जा रही है। अफीम तौल के दौरान आने वाले किसानों की सहायता एवं उन्हें परेशानी ना हो, इसके लिए तैनात होने वाले अस्थाई कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए है।

ई-पेमेंट से होगा किसानो को भुगतान

अफीम विभाग द्वारा किसानों से जो अफीम ली गई है, इसका किसानों को भुगतान वर्ष 2015-16 के अनुसार शासन द्वारा तय दरों के अनुसार ही किया गया है। इसमें 44 किलोग्राम तक 870 रुपए, 44 किग्रा से 52 किग्रा तक 1000 रुपए, 52 किग्रा से 56 किग्रा तक 1275 रुपए, 56 किग्रा से 60 किलोग्राम तक 1390 रुपए, 60 किग्रा से 65 किग्रा तक 1740 रुपए, 65 किग्रा से 70 किग्रा तक 1875 रुपए, 70 किग्रा से 75 किग्रा तक 2060 रुपए, 75 किग्रा से 80 किग्रा तक 2250, 80 किग्रा से 85 किग्रा तक 2500 रुपए, 85 किग्रा से 90 किलोग्राम तक 3000, 90 किग्रा से 3500 तक, 85 किग्रा से 90 किग्रा तक 2100 रुपए, 90 किग्रा से 100 किग्रा तक 2200 रुपए एवं 100 किलोग्राम से ऊपर 2425 रुपए की दर से भुगतान किया गया है। किसानों को भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से होगा। अधिकारियों ने बताया कि अफीम जमा कराने वाले किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातो में ई-पेमेंट के माध्यम से होगा। यह राशि एक या दो दिन बाद किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी।

अफीम किसानों के लिए यह है आवश्यक निर्देश

– फसल वर्ष 2016-17 के दौरान मध्यप्रदेश और राजस्थान के किसानों के लिए 58 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर की न्यूनतम औसत उपज तथा उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए 52 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर की न्यूनतम औसत और उपज देना जरुरी है। पिछले वर्ष सौंपी गई अफीम में शामिल मॉर्फिन अवयव फसल वर्ष 2016-17 के लिए भुगतान का तथा फसल वर्ष 2017-18 में लाइसेंस के लिए पात्रता का आधार बन सकता है, यदि सरकार इस संबंध में ऐसा करने का निर्णय लेती है।

– ऐसे किसान जिनकी फसल वर्ष 2016-17 की अफीम राजकीय एवं क्षारोद कारखाना नीमच या गाजीपुर द्वारा मिलावटी पाई जाती है तथा घटियों के रुप में वर्गीकृत की जाती है वे अगले वर्ष 2017-18 में लाइसेंस के पात्र नहीं होंगे। राजकीय अफीम एवं क्षरोद कार्यशाला नीमच या गाजीपुर निम्न 3 में से किन्हीं भी कारणों के आधार पर अफीम को घटिया गुणवत्ता वाली घोषित करेगी। इसमें यदि अफीम की मार्फिन सघनता शुष्क आधार पर 9 प्रतिशत से कम हो, यदि अफीम में राख 4.5 प्रतिशत से अधिक हो, यदि अफीम मेंं स्टार्च, चीनी, गोंद, टेनिन, मिल्क पावडर मौजूद हो।

खंड किसान अफीम तौल तिथि अधिकारी

प्रथम खंड 5025 4 से 23 अप्रेल तक एसआर अवधिया

द्वितीय खंड 5041 4 से 23 अप्रेल तक महेंद्रसिंह यादव

तृतीय खंड 3800 4 से 19 अप्रेल तक एसपी सिंह

इनका कहना…

अफीम तौल कार्य 4 अप्रेल से प्रारंभ होगा। किसानों को ई- पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया जाएगा, यह राशि किसानों के बैंक खातों में पहुंचेेगी। किस दिन किस गांवो के किसानों को बुलाया जाना है, इसकी सूची गांव के मुखिया को उपलब्ध करा दी गई है।

– एसआर अवधिया, अफीम अधिकारी, मंदसौर प्रथम खंड

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