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स्कूली बस और आॅटो वालों के द्वारा लिये जा रहे है मनमाने पैसे अभिभावकगण हो रहे परेशान

मंदसौर निप्र। आज के दौर में शिक्षा व्यवसाय का प्रमुख माध्यम बन चुका है और इस व्यवसायीकरण का सर्वाधिक असर पालकों पर पड़ा है। आज शिक्षा का बाजारीकरण पूरी तरह हो चुका है सुविधाओं के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
निजि स्कूल हो या फिर परिवहन के साधन वाले आॅटो या बस वाले सब खुलेआम लूट खसोट में लगे है। बस आॅटो वालों द्वारा प्रति बच्चा 800 रू तक वसूले जा रहे है और बच्चों की संख्या भी नियमों से दुगुनी होती है। उक्त बात कहते हुए सामाजिक कार्यकर्ता संजय जैन ने बताया कि निजि स्कूलों की फीस को लेकर मनमानी और बस, आॅटो के किराये को लेकर समय समय पर समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित किये जाते है लेकिन फिर भी जिम्मेदारों द्वारा इस और कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है जिससे इनकी मनमानी और बढ़ जाती है।
श्री जैन ने कहा कि यदि बस या आॅटो वालों से पैसे को लेकर कुछ कहो तो वे कहते है कि आपको किस ने कहा कि हमारे बस या आॅटो में आपके बच्चों को भेजो और ज्यादा कहने पर स्कूल में बात करने को कहते है। श्री जैन ने कहा कि यदि स्कूल में इस बारे में बात कि जाती है तो कहा जाता है कि इस बारे में वह कुछ नहीं कर सकते है। श्री जैन ने कहा कि बस आॅटो वालों द्वारा पैसे तो मनमाने लि ही जा रहे है बच्चों को भी ढंूस ढंूस कर भरा जाता है नियमों के अनुसार भी यह परिवहन के साधन नहीं चल रहे है। श्री जैन ने कहा कि जो कलेक्टर द्वारा जो अधिकृत दर है उस में यदि परिवहन वालों को नुकसान होता है तो वाजिब दाम लिये जाये लेकिन इनके द्वारा तो मनमाने पैसे लिये जा रहे है जिस ओर जिम्मेदारों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
श्री जैन ने कलेक्टर श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव और नगर के जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे इस ओर ध्यान दे व अभिभावकों को राहत प्रदान करें।

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