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स्वच्छता पदक आमजन की जागरूकता और कर्मचारियों के परिश्रम को समर्पित

सरकारी खानापूर्ति की अपेक्षा सामूहिक प्रयासों पर हो जोर-श्री नाहटा

मंदसौर। स्वच्छता सर्वेक्षण में मंदसौर को कांस्य पदक मिलना जनजागरूकता और कर्मचारियों के परिश्रम से संभव हो सका है। इसके लिए यह दोनों बधाई के पात्र हैं। प्रत्येक नगरवासी ने शहर को स्वच्छ करने में जो योगदान दिया है, उसके लिए प्रत्येक नगरवासी बधाई के पात्र हैं। यह बात युवक कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष श्री सोमिल नाहटा ने कही, उन्होंने कहा कि पदक मिलने की अपनी वजह हो सकती है, किन्तु आवश्यकता इस बात की भी है कि हम आत्मवलोकन भी करें।

उन्होंने कहा कि में नगर पालिका अध्यक्ष , सभापति और सीएमओ की मेहनत को दृष्टि में लेकर यह बिलकुल गिनाने का प्रयास नहीं करूंगा कि क्या कमियां हमारे प्रयासों में हैं। लेकिन, यह विचार जरूर किया जाना चाहिए कि क्या पदक अपने मापदण्डों को पूरा करने से ही प्राप्त हुआ है। इस पदक को लेकर सत्ता-संगठन के अन्य जनप्रतिनिधियों में कोई उत्साह क्यों नजर नहीं आया है। श्री नाहटा ने कहा कि मंदसौर के जनप्रतिनिधि के आमंत्रण पर प्रदेश के मुखिया के सुवासरा आने की खबर चलती है, मंदसौर को पदक केवल एक जनप्रतिनिधि के सम्मान और उत्साह तक सीमित रहता है। क्यों आमजन में चर्चा रहती है की पदक पैराशूट से उतरते है।

श्री नाहटा ने कहा कि शहर में स्वाइन फ्लू के मरीज चिन्हित हुए हैं, वायरल के मरीज घर-घर में है, मच्छरों का प्रकोप है और सड़कों पर धूल का गुबार। इसके बावजूद निकाय अपने पदक पर आत्ममुग्धित है तो उसे मेरी ओर से भी बधाई।

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