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स्वाइन फ्लू ने मंदसौर मे फिर दी दस्तक

जिले में 19 दिन बाद फिर से स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मामला आया है। रोगी मल्हारगढ़ निवासी 55 वर्षीय महिला है। उसे परिजन दो दिन पहले उदयपुर में इलाज कराने ले गए थे। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इस तरह जिले में अब तक पॉजीटिव की संख्या 47 पर पहुंच गई है। इस साल रोग से कुल 9 मौतें हुई हैं। जांच रिपोर्ट मंदसौर जिला अस्पताल की आईडीएसपी यूनिट पहुंची। इसके बाद विभाग ने मल्हारगढ़ पहुंचकर परिजन व आसपास मोहल्ले में सर्वे किया। हालांकि सर्दी-जुकाम से पीड़ित रोगी नहीं मिले।

स्वाइन फ्लू का वायरस एच-1 एन-1 इस बार साल 2013-14 के मुकाबले ज्यादा पॉवरफुल है। सामान्य तौर पर यह नवंबर में सक्रिय होता है लेकिन इस बार अगस्त से ही सक्रिय है। मल्हारगढ़ का ताजा मामला मिलाकर अब तक जिले में 47 रोगी पॉजीटिव मिले हैं। इनमें से 9 की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अब यह फरवरी तक सक्रिय रह सकता है। खास बात यह है कि इस बार तापमान बढ़ने के बाद भी मामले भले ही कम पड़ें लेकिन यह खत्म नहीं हो रहा है इसलिए खतरा और बढ़ गया है। जिले में स्वाइन फ्लू के सक्रिय होने की पुष्टि 14 अगस्त से हुई और इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। मरीजों के सैंपल लेकर भोपाल एम्स भेजे जाने लगे। सितंबर तक असर बहुत बढ़ गया था। 29 सितंबर को 46वें मरीज की पुष्टि हुई थी, अब 19 दिनों बाद यानि 18 अक्टूबर को अक्टूबर रोगियों की संख्या 47 हाे गई है।

मल्हारगढ़ में रोगी की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने रोगी के परिजन, माेहल्ले में सर्वे किया।

जांच- जिला अस्पताल और 7 सामुदायिक केंद्र में स्क्रीनिंग।

दवा- टेमी फ्लू सरकारी व निजी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध।

वार्ड- जिला अस्पताल में 8 बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड, फिलहाल रोगी एडमिट नहीं है।

सलाह- भीड़ वाले स्थानों पर माॅस्क लगाएं, लोगों से हाथ मिलाने से बचें।

कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों पर करता असर

स्वाइन फ्लू का वायरस कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों पर असर करता है। यह संक्रमणकारी होता है यानी मरीज के संपर्क में आने वाले स्वस्थ व्यक्ति को भी रोग हो जाता है। बचने का उपाय यह है कि भीड़ वाले इलाकों पर जाने से बचें। सर्दी-खांसी या बुखार ठीक नहीं होने पर स्वाब की जांच कराएं। डाॅ. महेश मालवीय, सीएमएचओ मंदसौर

आईडीएसपी यूनिट के प्रभारी महेश धनोतिया ने बताया स्वाइन फ्लू पॉजीटिव 47 मामलों में से 18 तो केवल बच्चे हैं, जिनकी उम्र 3 साल से लेकर 10 साल के भीतर है। शेष 29 पॉजीटिव में से 15 महिलाएं और 14 पुरुष हैं। धनोतिया ने बताया दरअसल जिन परिवारों में पिता या मां को स्वाइन फ्लू रोग हुआ, उनमें से ज्यादातर में परिवार के सदस्य भी प्रभावित हुए और रोग के दायरे में परिवार आता गया। कुछ मामलों में रोगी के संपर्क में आने से आस-पड़ोस के लोग भी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव हुए। यही कारण रहा कि विभाग ने जिले में अब तक जिन स्थानों पर सर्वे अभियान चलाया, वहां परिवार, गली, मोहल्ले तक में सर्वे किया ताकि सभी राेगी जांच के दायरे में आ सकें। भोपाल एम्स में सैंपल भेजे जाने के 24 घंटे भीतर रिपोर्ट आने से कई रोगियों को मंदसौर अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में एडमिट करना पड़ा था, वैसे फिलहाल मंदसौर अस्पताल में एक भी रोगी एडमिट नहीं है। करीब दो से तीन सप्ताह पहले ही रोगी रिकवर होकर घर जा चुके हैं।

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