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स्वातंत्र वीर सावरकरजी की 134वी जयंती मनाई गई

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  • हमें वीर सावरकरजी से राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा लेना चाहिये-श्री बंधवार

मन्दसौर निप्र। भारत के महान राष्ट्रपुरूष, क्रांतिकारी शिरोमणी स्वातंत्र वीर विनायक दामोदर सावरकरजी की 134वी जयंती वीर सावरकर मंच जिला मंदसौर द्वारा भव्य रूप से विश्वपति शिवालय मंदिर के पास गांधी चैराहा पर मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नपाध्यक्ष श्री प्रहलाद बंधवार उपस्थित थे। अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी बंशीलाल काबरा ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए करते हुए नपाध्यक्ष श्री बंधवार ने कहा कि वीर सावरकर देश के ऐसे पहले राष्ट्रभक्त थे जिन्हें दो जीवन की सजा एक साथ दी गई। 1990 में उन्हें 50 साल की सजा दी गई और काल कोठरी में बंदकर कई प्रकार की यातनाएं दी गई लेकिन उनहोंने अपनी जान की परवाह नहीं की और देश की आजदी के लिये उन्होंने अपना पुरा जीवन देश के लिये समर्पित कर दिया। आज हमें और युवाओं को ऐसे महान राष्ट्रभक्त वीर सावरकर से प्रेरणा लेना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी एवं वीर सावरकर मंच के संयोजक बंशीलाल काबरा ने कहा कि वीर सावरकर ने देश की आजादी के लिये जो योगदान दिया है वह संसार के इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा।

शिक्षाविद् रमेशचन्द्र चन्द्र ने कहा कि वीर सावरकर बहुत ही योग्य एवं पढ़े लिखे व्यक्ति थे और वो चाहते तो सरकारी नौकरी करके अपना जीवन व्यतीत कर सकते थे लेकिन उन्होंने देश की आजादी के लिये अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।

वीर सावरकर की प्रतिमा लगेगी
प्रारंभ में अतिथियों द्वारा वीर सावरकर की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी, राजाराम तंवर, हेमन्त रोचवानी, वल्लभ टेलर, देवेन्द्र पुराणिक आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रहलाद शर्मा ने किया। आभार प्रकट करते हुए वीर सावरकर मंच के सहसंयोजक शंभूसेन राठौर ने नपाध्यक्ष ने खानपुरा स्थित वीर सावरकर ब्रीज चैराहा पर वीर सावरकर की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग की। नपाध्यक्ष ने तुरंत माईक पर आकर प्रतिमा लगाने की सहमति प्रदान की।

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