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स्वास्थ्य विभाग फिर लोकायुक्त पुलिस के शिकंजे में

दो सीएमएचओं के बाद विभाग लेखापाल रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया

मंदसौर। हमेशा किसी न किसी कारणों से सुर्खियों में रहने वाला स्वास्थ्य विभाग फिर एक बार भ्रष्टाचार के मामले में मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस के शिकंजे में फंस ही गया। इस बार सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ अपने ही विभाग की एक महिला चिकित्सक से रिश्वत की मांग कर रिश्वत की राशि प्राप्त करते हुए उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथों धरदबोचा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शामगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र पर पदस्थ डॉ शोभा मौरे जो कि मातृत्व अवकाश पर थी। मातृत्व अवकाश से लौटने के बाद लगभग 6 माह का अपना बकाया वेतन निकालने के लिए उसने विभाग से सम्पर्क किया इसके लिए महिला चिकित्सक ने हर जिम्मेदार से अपने वेतन की गुहार की। फिर चाहे वह सीएमएचओ हो या मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर कहीं पर भी उसे न्याय नहीं मिला और हताश निराश महिला चिकित्सक ने लोकायुक्त पुलिस की शरण ली और लोकायुक्त पुलिस ने कार्यवाही करते हुए विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 अजय चौरसिया को 3500 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों धरदबोच लिया है।

लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के डीएसपी वेदांत शर्मा के अनुसार महिला चिकित्सक से उसका बकाया वेतन निकालने के नाम पर बार – बार रूपयों की मांग की जा रही थी। पर्याप्त प्रमाणों के बाद मंगलवार को महिला चिकित्सक को 3500 रूपये लेकर चौरसिया के पास भेजा गया था। जैसे ही चौरसिया ने राशि प्राप्त की वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने बाबू को रंगेहाथों धरदबोच कर प्रकरण बनाकर बाद में उसे मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

स्मरण रहें कि मंदसौर के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ सीएमएचओं डॉ नारायणी व डॉ सालिगराम चौहान भी रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार हो चुके है। इनमें डॉ नारायणी का तो निधन हो गया है। लेकिन डॉ चौहान का प्रकरण न्यायालय में लंबित है।

इस संबंध में सीएमएचओं डॉ महेश मालवीय से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाईल बंद आता रहा। इस प्रकरण में सबसे जटिल बात यह है। कि विभाग के कारिन्दें अपने ही विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को नहीं छोड़ रहे हैं तो आम जनता का क्या स्थिति होती होगी।

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