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हत्यारा मनीष क्या बोलकर अजय जाट से गन लेकर आया था?

मंदसौर। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के मामले में रिमांड पर आरोपित मनीष बैरागी अभी तक अपनी बात से कुछ अलग नहीं बता रहा है। बैरागी ने अजय जाट से चमकाने के लिए माउजर मांगा था इसीलिए अजय ने बिना कुछ दाम लिए उसे माउजर दे दिया था। अभी तक की पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली है कि अजय इस तरह के अवैध हथियार खरगोन तरफ के सिकलीगरों से लाता है। पहले अजय व उसका भाई अवैध हथियारों व मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में पकड़े जा चुके हैं। हालांकि अजय के मामले में पुलिस ज्यादा गंभीर नहीं दिख रही है।

सोमवार रात को ही आरोपित मनीष बैरागी को जिला अस्पताल से वापस वायडी नगर थाने ले जाया गया था। मंगलवार को भी दिन भर एसपी टीके विद्यार्थी, एएसपी एसएस कनेश, सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, वायडी नगर टीआई विनोदसिंह कुशवाह अलग-अलग समय पर पूछताछ करते रहे, पर मनीष अभी तक अपने पुराने बयान पर ही कायम है। वह वही बात कर रहा है कि नपाध्यक्ष चुनाव के समय रुपए के लेन-देन को लेकर ही हत्या की थी। इसके अलावा कोई बात नहीं है। इसके बाद भी पुलिस किसी नए एंगल की तलाश में बदल-बदलकर पूछताछ कर रही है। 23 फरवरी को उसकी रिमांड भी पूरी हो रही है। अब पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड बढ़ा भी सकती है।

जावरा व मंदसौर में प्रकरण दर्ज हैं अजय पर

इधर पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि मनीष बैरागी को माउजर देने वाले भूनियाखेड़ी निवासी अजय जाट ने पूछताछ में बताया है कि मनीष ने केवल यह कहा था कि एक को चमकाना है इसलिए माउजर दे दो। अजय ने भी उसे बिना रुपए लिए माउजर दे दिया था। इधर मनीष ने चमकाने के बजाय नपाध्यक्ष की ही हत्या कर दी। अजय पहले भी अवैध हथियार खरगोन तरफ के सिकलीगरों से लाता रहा है। इसका भाई महेश भी तस्करी के मामले में पकड़ा जा चुका है। अजय पर जावरा व मंदसौर में अवैध हथियारों से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं।

न सिकलीगर को पकड़ने गए, न शहर के कितने बेचे पूछा?

पुलिस ने अजय जाट को नपाध्यक्ष की हत्या के मामले में धारा 120 बी के तहत आरोपित तो बना दिया है, पर अभी तक उससे कड़ी पूछताछ नहीं हुई है। न तो अजय से यह पूछा गया है कि उसने मंदसौर व आस-पास के क्षेत्रों में किन किन को अवैध हथियार बेच रखे हैं। इसके अलावा जिन सिकलीगरों से हथियार लाए गए है उनको पकड़ने के लिए भी अभी टीम रवाना नहीं की गई है। अजय लंबे समय से इस तरह के कार्य कर रहा है। निश्चित ही उसने कई लोगों को देशी कट्टे व अवैध हथियार भी बेचे होंगे।

साथियों को 151 में छोड़ा फिर बुलाया

इधर मनीष बैरागी के साथ रहने वाले कुछ लोगों से भी पुलिस हत्या वाले दिन से ही पूछताछ कर रही है। उनमें से एक मंगलवार सुबह ही धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज कर जमानत पर छूटा था, पर शाम को कोई नया एंगल मिलने पर उसे फिर से पूछताछ के लिए बुला लिया गया।

टीम रवाना कर रहे हैं

अजय जाट अवैध हथियार सिकलीगर से लाना बता रहा है। मनीष ने उससे किसी को चमकाने का कहकर माउजर मांगा था। अजय ने ऐसे ही दे दिया था। अभी हमारा फोकस मनीष से कोई नई जानकारी निकलवाने पर है। सिकलीगरों को पकड़ने के लिए भी एक टीम रवाना की जा रही है।

– टीके विद्यार्थी, एसपी, मंदसौर

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