Breaking News

हमें किसानों की फसल, टूटे मकान तथा खराब हुए अनाज के बारे में सोचना है

कागजी कार्रवाई होती रहेगी, हमें तो किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट देखना है- मुख्यमंत्री श्री नाथ

मंदसौर। मंदसौर जिले के कयामपुर की आमसभा में बाढ़ पीडि़तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार का सिस्टम अलग है। किस बात का सर्वे, खेत तो डुबे पड़े हैं। कागजी कार्रवाई होती रहेगी हमें तो किसानों के चेहरे पर फिर से मुस्कुराहट देखनी है। हमें किसानों की फसल के बारे में सोचना है, उसके टूटे मकान के बारे में सोचना है तथा उसके घर में खराब हुए अनाज के बारे में सोचना है।

मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि अधिकारी सुन ले, समय सीमा में किसानों के खाते में सहायता राशि जमा हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीडि़त परिवारों को आगामी छह माह तक का 50 किलो अनाज मिलेगा, मरे हुए पशुओं का मुआवजा बिना पोस्टमार्टम के दिया जाएगा। किसानों एवं ग्रामीणों की सहायता के लिए किसी तरह की अड़चन नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से इतनी वर्षा हुई है। श्री कमलनाथ ने कहा कि 25 दिसंबर को हमारी सरकार बनी थी और काम करने के लिए मात्र साडे 6 महीने मिले हैं किंतु हमने अपने कार्यों से अपनी नीयत और नीति का स्पष्ट परिचय दे दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को खजाना खाली मिला था। प्रदेश किसान आत्महत्या में, बेरोजगारी में, बलात्कार में नंबर 1 बन गया था। हमने जितने भी वचन दिए हैं उन सब को पूरा करेंगे चाहे कोई कितने भजन और कीर्तन का नाटक कर ले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में डिफाल्टर किसानों के दो लाख की कर्जा माफ कर दिया गया हैं। बाढ़ आपदा को देखते हुए आगामी समय में 15 अक्टूबर तक चालू खातों के दो लाख के कर्ज भी माफ हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में विकास का एक नया नक्शा बनेगा। किसानों को उसकी फसल का सही दाम मिलेगा, नौजवानों को काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे वचन पत्र के सभी वचनों को पूरा करेंगे मुख्यमंत्री ने कयामपुर में आमसभा में प्रतीकात्मक रूप से बाढ़ पीडि़तों को राहत राशि के प्रमाण पत्र वितरित किए। इन सभी हितग्राहियों को राहत राशि उनके खातों में जमा कर दी गई है। मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा तथा विधायक से हरदीप सिंह डंग ने कयामपुर क्षेत्र के आसपास के कृषक तोलाराम, खातून बी, रामकन्या बाई, गोपाल, बहादुर सिंह, श्यामलाल, मिट्ठू सिंह, त्रिलोक कुमार, आशीष, रमेशचंद्र, रामदयाल, विनोद, जसवंत सिंह, मोहन लाल,कन्हैया लाल एवं गुमान सिंह को प्रतीकात्मक रूप से राहत राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री डंग ने कहा कि आज समय कठिन है। किसानों की शत-प्रतिशत फसलें बर्बाद हो चुकी है। कई गांव के गांव उजड़ चुके हैं। कई ग्रामीणों के घर बाढ़ में बह गए हैं और कईयों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। विधायक ने कहा कि सभी किसानों को आरबीसी 6-4 के तहत सहायता दी जाएगी। जिसमें 16 हजार से लेकर 30 हजार रूपये तक प्रति हेक्टर की सहायता राशि मिलेगी।

बाढ़ पीडि़तों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन एवं अधिकारीगण मिशन रूप में में काम करें – कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज बाढ़ राहत की समीक्षा बैठक मंदसौर जिले के ग्राम कयामपुर में लेकर सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ पीडि़तों को राहत देने के लिए एक मिशन के रूप मे कार्यं करे। श्री कमलनाथ ने कहा कि जिला प्रशासन बारिश से हुए नुकसान की वास्तविक जांच करे, अनावश्यक कागजी कार्यवाही न करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे अवसरों का नाजायज फायदा उठाने का प्रयास करेंगे, इसके लिए अधिकारी पहले से ही सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीडि़तों राहत देने के लिए जो समय सीमा निर्धारित की गई है, उक्त समय सीमा का पालन प्राथमिकता से किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही बीज का वितरण भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन तभी सफल होगा जब जनता से हमें इस आशय का प्रमाण पत्र मिल जाएगा। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उन्हें शासन के द्वारा सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारीगण इस संबंध में कोई सुझाव देते हैं तो उन्हें भी शासन को भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सब कार्यों में यदि किसी प्रकार की अड़चन आ रही हो तो मंत्रालय को सूचित किया जाएगा।

कलेक्टर के कार्य की प्रशंसा की

मुख्यमंत्री ने बैठक में जिला प्रशासन और विशेष तौर पर कलेक्टर मनोज पुष्प द्वारा बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि संकट की इस घड़ी में कलेक्टर एवं अधिकारीगणों ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। बैठक में विधायक हरदीप सिंह डंग ने भी कलेक्टर एवं उनकी टीम द्वारा विगत दिवस बाढ़ प्रभावितों के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने दी शहजाद मंसूरी के परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता

कमलनाथ मंदसोर जिले की सुवासरा तहसील के गांव पायाखेड़ी में बाढ़ पीडि़त परिवारों से मिलने गए तथा बाढ़ पीडि़त परिवारों को इस दुःखद घड़ी में सहायता का आश्वासन दिया एवं सभी परिवारों को सांत्वना भी प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने इस दौरान बाढ़ पीडि़तों को बचाने में अपने प्राण गंवाने वाले शहजाद मंसूरी के परिवार को चार लाख की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से प्रदान की। परिवार को सांत्वना प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार आपके साथ हैं। आपके परिवार को सरकार की ओर से हर तरह की मदद की जाएगी। गांव में पहुंचकर फसलों एवं बाढ़ प्रभावितों के मकानों का जायजा लिया। साथ ही किसानों से चर्चा भी की। किसानों से बात करते हुए मुआवजा व राहत राशि प्रदान करने की बात कही गई। किसानों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की इस तकलीफ को समझ रही है। हर हाल में किसानों को मुआवजा व राहत राशि प्रदान की जाएगी। उपस्थित अधिकारियों से कहा कि फसलों का वास्तविक आकलन किया जाना चाहिए।

मन्दसौर आगमन पर हेलीपैड पर हुआ स्वागत

मुख्यमंत्री कमलनाथ भोपाल से प्रस्थान कर मन्दसौर हेलिपैड पर प्रातः 11 बजे पहुंचे। श्री कमलनाथ के मन्दसौर आगमन पर हेलीपैड पर जिले के सुवासरा विधायक हरदीपसिंह डंग, नपा अध्यक्ष हन्नीफ शेख, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, परशुराम सिसोदिया, प्रकाश रातडि़या, पूर्व विधायक श्रीमती पुष्पा भारती, केके सिंह कालूखेड़ा, महेंद्र गुर्जर, विपिन जैन, सुरेंद्र कुमावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts