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हर्षोल्लास एवं सद्भावना से मनायें सभी पर्व – श्री सिंह

आने वाले दिनों में सभी धार्मिक पर्व परम्परागत हर्षोल्लास, शांति एवं सद्भावना के साथ मनाये जायें। जिले के सभी नागरिकों से यह अपील कलेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने पुलिस कन्ट्रोल रूम मन्दसौर में आयोजित जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक में की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज शर्मा, अपर कलेक्टर श्री अर्जुन सिंह डाबर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अजय प्रताप सिंह, समिति के सदस्यगण सर्वश्री अरूण शर्मा, राजेन्द्र अग्रवाल, शहर काजी श्री आसिफ उल्लाह, युनूश शेख, भूरेखां मेव, श्री निर्मल मंडोवरा, श्री बृजेश जोशी, श्री महावीर अग्रवाल, श्री डोसी, श्री अकील, श्री अनवर सहित समिति के अन्य सदस्यगण व अधिकारीगण भी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि पर्व सामाजिक समरसता के प्रतीक होते हैं। अतः हम सब को सभी धर्मो के पर्व मन्दसौर जिले एवं मंदसौर शहर की गौरवशाली परम्पराओं को बरकरार रखते हुये पूरे हर्षोल्लास एवं आपसी भाईचारें के साथ मनाने चाहिये। उन्होने कहा कि हम सब एक दूसरे की धार्मिक भावनाओं, परम्पराओं और आस्थाओं का दिल से सम्मान करें और एक दूसरे की खुशी में शामिल होकर सद्भावना का परिचय दें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जुलूसों व चल समारोह में धारदार व घातक हथियारों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। चल समारोह या जुलूस के दौरान आपत्तिजनक व किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली नारेबाजी करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहा कि पर्वो के दौरान अशांति या उपद्रव फैलाने वाले असामाजिक व अराजक तत्वों से बडी सख्ती से निपटा जायेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे थानास्तर पर प्रदर्शन अखाडों व स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों, गणेश व दुर्गा मण्डपों के पदाधिकारियों के साथ जल्द से जल्द बैठकें कर सभी पर्वो के दौरान शांति व्यवस्था हर हाल में बनाये रखने के लिए सारी व्यवस्थाएं पहले से ही कर ली जायें। उन्होने कहा कि शहर की शांति व्यवस्था हरदम माकूल बनाये रखने के लिए जिलास्तरीय शांति समिति के सदस्यगण मैदानीस्तर पर भी अपनी सक्रिय भूमिका निभायें।
बैठक में सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर एवं दिसम्बर माह में मनाये जाने वाले धार्मिक त्यौहारों के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं पर विचार विमर्श कर इन्हें अंतिम रूप दिया गया। जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सभी पर्वो के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं आला दर्जे की हों। उन्होने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सभी धार्मिक पर्वो के दौरान रास्ते में साफ-सफाई रखने, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था तथा चल समारोह की व्यवस्थाएं, चल मागों की मरम्मत, आवारा पशुओं के यत्र-तत्र विचरण पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए निर्देश दिए। उन्होने नगर पालिका मंदसौर, पुलिस, यातायात एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं बेहतर हों और इनमें किसी भी प्रकार की कोई भी कसर या कमी न रहें। कलेक्टर श्री सिंह ने सीएमओं को निर्देशित किया कि पर्वो के दौरान नगर में साफ-सफाई तथा आवश्यकतानुसार पेयजलापूर्ति की जायें और अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाएं भी पहले से ही कर ली जायें।
पुलिस अधीक्षक श्री मनोज शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी धार्मिक पर्वो के दौरान शरारती तत्वों पर कडी नजर रखी जायेंगी। जबरन चन्दा वसूली करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाये। जुलूस या किसी चल समारोह के दौरान किसी पर भी जबरन गुलाल आदि न फेके जायें। यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होने किसी भी धर्म के चल समारोह के मार्ग पर सुगम यातायात व्यवस्थाए बनाएं रखने के लिए भी संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होने पुलिस अधिकारियों को से कहा कि पर्वो के दौरान सजग रहें, सर्तक रहें, मुस्तैद रहें और गडबडी पैदा करने वाले या ऐसे संग्दिध तत्वों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें। जिले की शांति व्यवस्था बहाली में कोई कसर नही रखी जायेगी। उन्होने शांति समिति के सदस्यों से कहा कि यह हम-सब का यह प्राथमिक दायित्व है कि हम मंदसौर जिले की पुरातन गौरवशाली परम्पराओं को हर हाल में बनाये रखें और बडी ही गरिमामयपूर्ण तरीके से अपने-अपने पर्व परम्परागत हर्षोल्लास और सद्भावना के साथ मनायें। बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी सभी पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए सभी जरूरी यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव दिये।
मालूम हो कि शांति समिति की इस बैठक में 5 सितम्बर को गणेश चतुर्थी, 12 सितम्गर को डोल ग्यारस, 13 सितम्बर को ईदुलजुहा, 15 सितम्बर को अनंत चर्तुदशी, 1 अक्टूबर को दुर्गोत्सव प्रारंभ/अग्रसेन जयंती, 11 अक्टूबर को दशहरा, 12 अक्टूबर को मोहर्रम, 16 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती, 30 अक्टूबर को दीपावली, 10 लवम्बर को पशुपतिनाथ कार्तिक मेला प्रारंभ, 14 नवम्बर को गुरूनानक जयंती (प्रकाश पर्व), 13 दिसम्बर को मिलादुलनबी, 25 दिसम्बर को क्रिसमस एवं 31 दिसम्बर को नववर्षारंभ आदि पर्वो/उत्सवों को मनाने के बारे में तैयारियों पर गहन विचार विमर्श किया गया।

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