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हिन्दू नववर्ष उत्सव समिति ने सूर्योपासना मंत्रोच्चार कर किया नववर्ष का आगाज 

मंदसौर। भारतीय संस्कृति के संवाहक वेदों में रचित पंचीकरण सिद्धान्त के अनुसार विद्युत (अग्नि तत्व) सर्वत्र सर्वदा विद्यमान है किन्तु यंत्रों में भेद होने के कारण उसकी उत्पत्ती को भिन्न-भिन्न माना जाता है लेकिन अग्नि तत्व तो एक ही है। ठीक उसी प्रकार सृष्टि के आरंभ से ही काल (गणना) का जन्म हो चुका था किन्तु पुराने समय में काल गणना करने वाले नहीं थे। कालान्तर में जब विभिन्न सम्प्रदायों में काल गणना करने वाले महापुरूषों का जन्म हुआ तब उनके विचारों में भी भिन्नता थी। इसी कारण हम इसे काल भेद की संज्ञा देते हैं परन्तु इन सबमें काल (समय) ही सर्वोपरी था। नववर्ष प्रतिपदा भी उसी परम्परा के रूप में हम मनाते चले आ रहे है।

प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी हिन्दू नववर्ष उत्सव समिति द्वारा श्री पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित पुलिया पर प्रातः 6 बजे सूर्य को अर्ध्य देकर नववर्ष प्रतिपदा पर्व मनाया गया। सूर्येदेव को अर्थ्य देने के पश्चात् समिति द्वारा नगर के विभिन्न चौराहों पर नीम, काली मिर्च व मिश्री का प्रसाद बांटकर नगरवासियों व राहगीरों को नववर्ष की शुभकामनाएॅ दी। गांधी चौराहे पर सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र छात्राओं और शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा चौराहें को आर्कषक रूप से गुड़ी के द्वारा सजाया गया था चौराहे पर चित्त आर्कषक रांगोली सजाकर चौराहें पर आने जाने वाले नागरिकों का चंदन तीलक लगाकर स्वागत किया गया। जबकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा गौल चौराहे पर नागरिकों का कुमकुम तिलक लगाकर अभिवादन करते हुए नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ मिश्री एवं नीम के प्रसाद का वितरण किया। जिला चिकित्सालय के सामने मप्र शिक्षक संघ की टीम नागरिकों का अभिवादन कर रही थी।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शाखाएॅ कर्तव्य बोध केे साथ संस्कारित करने का कार्य कर रही है – श्री पवैया

हिन्दू नववर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,चौक चौराहों  पर लगाया चंदन व कुमकुम का तिलक, बांटा प्रसाद

हिन्दू समाज पर जब जब भी कोई संकट आता है तब तब महापुरूषों का जन्म होता है डॉ हेडगेवार जी का सोचना था कि भारत गुलाम क्यों हुआ है और स्वतंत्रता तो मिल ही गई किन्तु देश आगे कभी गुलाम न हो इसके लिये क्या किया जायें और इसी चिंतन के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई है।

यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत बौद्धीक प्रमुख धीरसिंह जी पवैया ने संजय गांधी उ़द्यान में आयोजित नववर्ष वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर स्वयंसेवकों को के बीच कहीं। इस अवसर पर संघ के नगर संघचालक सत्यनारायण जी सोमानी मंचासिन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टेट बैंक के पूर्व प्रबंधक प्रेमसिंह जी सिसौदिया ने की।            श्री पवैया ने कहा कि डॉ हेडगेवार साहब का मानना था कि संस्कारित व समहित समाज के निर्माण में ही सारी समस्याओं का समाधान है। संघ की देश भर में 60 हजार से अधिक शाखाएॅ है जो राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का बोध व संस्कारित करने का कार्य कर रही है। श्री पवैया ने कहा कि वर्ष प्रतिपदा एक पवित्र उत्सव है। जिसे हम सभी को उत्साह पूर्वक मनाना चाहिए।

सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में नववर्ष पर कार्यक्रम हुआ आयोजितसरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में आज दिनांक 18मार्च को विक्रम संवत् 2075 हिन्दू नववर्ष के उपलक्ष्य में महाविद्यालय में नववर्ष के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय आदर्श शिक्षण समिति के प्रांत विभाग संमवयक महादेव यादव, अध्यक्ष गोविन्द वैशम्पायन, सचिव राजदीप परवाल, संयोजक अशोक  पारीख, समिति सदस्य एवं जिला प्रतिनिधि अरविन्द बोथरा, महाविद्यालय के निदेशक किरण  कुलकर्णी तथा प्राचार्य डॉ. निशा महाराणा उपस्थित रहें।  कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षणार्थियों और सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय के स्टॉफ श्री संजय डागर, हरिश वर्मा, श्रीमती योगिता सोमानी, निशा शर्मा, प्रेरणा सक्सेना, प्रीति चौहान, राजकुमार कुमावत एवं जयेन्द्र दशोरा इत्यादि ने हर्षोउल्लास के साथ भाग लिया।

सरस्वती विद्यालय परिवार द्वारा नव संवत्सर पर दी शुभकामनाएं विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली से मार्गदर्शित एवं भारतीय आदर्श शिक्षण समिति द्वारा संचालित सरस्वती विहार शैक्षिक संस्थान, सरस्वती विद्या मंदिर सीबीएसई विद्यालय, सरस्वती उ.मा.वि. आवासीय विद्यालय, सरस्वती छात्रावास, ने संयुक्त रूप से भारतीय नववर्ष नवसंवत्सर 2075 पर लक्ष्मीबाई चौराहा संजीत नाके पर समस्त नागरिकों का अभिनन्दन किया गया तथा चंदन तिलक एवं नीम मिश्री का प्रसाद व शुभकामनाए एवं हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर 51 गुड़ी लगाकर चौराहे को दुल्हन की तरह सजाया गया।  इस अवसर पर सम्माननीय विभाग समन्वयक महादेव यादव, जिला प्रतिनिधि अरविन्द बोथरा, समिति अध्यक्ष गोविन्द वैशम्पायन, अशोक पारिख, श्रीमती वर्तिका पारिक, सचिव राजदीप परवाल, कोषाध्यक्ष रवि शर्मा, प्रमोद अरवन्देकर, नूतन कियावत, सुशील गुप्ता, प्राचार्य राघवेन्द्र देराश्री, अधीक्षक भारतसिंह बोराना, प्राचार्य श्रीमती सीमा भण्डारी, महेश वप्ता, ब्रजभुषण अवस्थी सहित आचार्य परिवार उपस्थित थे।

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