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1 माह से नगरपालिका मंदसौर अध्यक्ष की कुर्सी पड़ी है खाली, नए CMO ने भी नहीं संभाला पदभार

मंदसौर। प्रहलाद बंधवार (दादा) की हत्या पिछले माह 17 जनवरी 2019 के बाद एक माह से नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी खाली है। तो 11 फरवरी से नपा में सीएमओ भी नहीं है। ऐसे में बिना अध्यक्ष व सीएमओ के नपा प्रभारी के भरोसे चल रही है। कई काम अटके पड़े है तो योजना के हितग्राही भी लाभ लेने के लिए यहां भटक रहे है। सागर से मंदसौर ट्रांसफर हुए सीएमओ आरपी मिश्रा ने अब तक ज्वाइन नहीं किया है तो अध्यक्ष को लेकर अब तक निर्णय नहीं हो पाया है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने को है और स्वीकृति के कई काम नहीं हो पा रहे है। टैंडर से लेकर वर्क ऑर्डर से लेकर भुगतान के अभाव में काम रुके हुए है।

2 करोड़ से अधिक का भुगतान रुका, अधूरे ही पड़े काम
एमपीईबी के बिल से लेकर कर्मचारियों के वेतन का तो रास्ता निकाल लिया और यह पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद शुरु हो गया। लेकिन शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। 2 करोड़ से अधिक के भुगतान अटक गए है। जो काम हो चुके है या चल रहे है। उनमें भुगतान नहीं हो पाने के कारण नए काम नहीं हो रहे है तो चालू काम भी भुगतान के अभाव में अब ठेकेदार अधूरा ही छोडऩे की बात कह रहे है। समय पर भुगतान नहीं हुआ तो नालों से लेकर अन्य कई ऐसे प्रोजेक्ट शहर में चल रहे है जो अधूरे ही रह जाएंगे।

टैंडर से लेकर वर्क ऑर्डर और नए काम रुकें
विधानसभा चुनाव के बाद आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रक्रिया में आए काम स्वीकृति और टैंडर प्रक्रिया तक पहुंचे ही थे कि नपाध्यक्ष की हत्या हो गई। ऐसे में करोड़ों के ऐसे काम है, जिनके टैंडर ही नहीं लग पाए। निर्माण शाखा की माने तो 50 से 60 कामों को लेकर फाईल पूरी तरह तैयार है, लेकिन टैंडर नहीं निकल पाए। वहीं ऐसे काम भी है, जिनके वर्क ऑर्डर निकलने के अभाव में काम रुका पड़ा है। पिछले एक महीने में इन कामों में एक कदम भी नपा नहीं बढ़ा सकी है, अब ऐसे में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने वाली है। ऐसे में शहर के विकास से जुड़े यह सभी प्रोजेक्ट अध्यक्ष के नहीं होने के कारण अधर में लटकने की आशंका बन गई है।

पीएम आवास से लेकर सीएम की संबल योजना के लिए भटक रहे हितग्राही
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को मिलने वाली किश्त तो मुख्यमंत्री संबल योजना के अंतर्गत सहायता राशि के कई प्रकरण में हर दिन हितग्राही नपा में चक्कर काट रहे है। एक माह से इन योजनाओं के हितग्राही नपा दफ्तर में लाभ लेने के लिए चक्कर काट रहे है।

एक माह बाद भी निर्णय नहीं कर पाई कांग्रेस
शासन स्तर से नपा में कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त होना है। कांग्रेस की सरकार होने के कारण कांग्रेस पार्षदों में से अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। लेकिन कांग्रेस में ही किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है और आधा दर्जन दावेदार अपने नेताओं के जरीए इस पद को हासिल करने में लगे है। ऐसे में एक माह बीतने के बाद भी कांग्रेस इस पर निर्णय नहीं कर पाई।

एक सप्ताह में होने की संभावना
एक सप्ताह में नपाध्यक्ष को लेकर निर्णय सरकार व संगठन स्तर से होने की संभावना है। अभी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी है। निर्णय पार्टी हाईकमान से होगा। -प्रकाश रातडिय़ा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

 

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