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12 वीं के बाद क्‍या करे?


बारहवीं (10+2) के नतीजे आने शुरू हो गये हैं। हर घर में कुछ इस प्रकार की चर्चाएं गर्म हैं- “अब अंकित आगे क्या करेंगे?” नीतू को कौन सा कोर्स कराया जाये?” “शाहीन के को बीए करना चाहिये या बीसीए, या फिर फैशन डिजाइनिंग में….?” ऐसे सवालों के बाद छात्र भी सोच में पड़ जाते हैं कि करें तो क्या करें।

जिन्होंने हाल ही मैं 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी हैं और इंतजार कर रहे हैं, एक नई दुनिया में कदम रखने का। वो नई दुनिया जो उनकी सफलता का रास्ता उन्हें मदद करेगी अपनी एक नई और अलग पहचान बनाने में। पर सफलता का यह रास्ता ढूंढना कोई आसान काम नहीं है। ऐसे समय में जहां इंतजार होता है एक नए कल का वहीं यह उलझन भी होती है कि इस सफलता के लिये रास्ता कौन सा चुना जाए?
बेहतर करियर के लिए उचित विकल्प चुनना बहुत जरुरी है। क्योंकि सफलता न केवल मेहनत से मिलती है बल्कि उचित समय में उचित निर्णय लेने से मिलती है। अपनी योग्यता के आधार पर विकल्प चुनना हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य है किसी भी दवाब में आकर या करियर के सभी क्षेत्रों की जानकारी के अभाव में कोई फैसला करना करना आपके करियर के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। इसलिये यह बेहद जरुरी है कि आपको पता होना चाहिये कि आप अपने 12 वीं में चयनित विषय (आर्ट, कॉमर्स ऑर साईंस) के आधार पर किस किस क्षेत्र में आगे अपना करियर बना सकते हैं।
संभावनाएं असीम हैं बस जरुरत है जागरुकता की। हर विद्यार्थी की बौद्धिक क्षमता अलग अलग होती है जरूरी नहीं की सभी बड़े सरकारी अफसर ही बन जाएं और यह भी जरूरी नहीं कि आप अगर 80 या 90 फीसदी नम्बर नहीं ला पाते तो आप का सुनहरा भविष्य नहीं बन सकता। इस मानसिकता को भी खुद पर हावी न होने दें कि सिर्फ सरकारी नौकरियां ही अच्छी होती हैं। आपको अपनी रुचि ऑर टैलेंट के हिसाब से ही अपने करियर का निर्धारण करना है बस इस सोच के साथ आगे बढिए।
12वीं के बाद अक्सर छात्र इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि वे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाएं, मेडिकल में, सिविल सर्विसेस की ओर ध्यान दें या फिर माकेटिंग। लेकिन इसके अलावा भी और बहुत से रोजगारपरक पाठ्यक्रम हैं, जिन्हें अपनाकर वे अपना भविष्य बना सकते हैं। पढ़ें यह महत्वपूर्ण आलेख।
12वीं के बाद का भविष्य-कैसे करें केरियर का चुनाव?
12वीं के बाद अजीत को समझ में नहीं आ रहा है कि वह भविष्य के लिए किस विषय का चुनाव करे, जो सफलता के दरवाजे खोले। परिवार के आधे लोग चाहते हैं कि वह इंजीनियर बने, आधे चाहते हैं कि वह सिविल सर्विसेज में जाए। दोस्त उसे बिजिनेस कोर्स की सलाह देते हैं, लेकिन उसका मन एयरफोर्स में जाने का है। अत्यधिक विकल्प होने के कारण वह भ्रमित है कि वह कौन से विषय का चुनाव करे?
दरअसल यह उलझन हर उस विद्यार्थी की है जो विषयों के विकल्पों के बीच अपना भविष्य तलाश रहा है। एक समय था जब सीमित विकल्प होते थे इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं सिविल सर्विसेस अच्छे विद्यार्थी इन्हीं की और रुख करते थे। लेकिन आज उसके समक्ष इतने विकल्प हैं की वह भ्रमित हो जाता है और अगर उसने सही तरीके से विषय का चुनाव नहीं किया तो उसका भविष्य ही दाँव पर लग जाता है। लेकिन कुछ बिंदु ऐसे हैं, जिन पर विचार करके आप अपनी इस उलझन को कम कर सकते हैं।
1. लक्ष्य पहले से सुनिश्चित कीजिये-
आपको क्या बनना है इसकी सोच आपको पहले से ही सुनिश्चित कर लेनी चाहिए। जब लक्ष्य सुनिश्चित होता है, तो आप सही दिशा में आगे बढ़कर प्रयास करते हैं। वहीं, भ्रम आपको दिशाहीन कर देता है। इस समय देश में जिस तरह से नए-नए संस्थान खुल रहे हैं, वहां पढऩे वालों की तादाद बढ़ रही है, उसके मुताबिक शिक्षा का स्तर नहीं बढ़ा है। इसलिए हर साल महाविद्यालयों से हजारों की तादाद में तकनीकी या गैर तकनीकी स्नातकों के निकलने के बाद भी नौकरियां नहीं मिलती हैं। जहां तक सही कोर्स चुनने का सवाल है, तो छात्रों को सबसे ज्यादा शीघ्र नौकरी मिलने वाले क्षेत्रों का ध्यान रखना होगा।
2. अपने कैरियर की योजना बनायें-
आज क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ गयी है। व्यवसायिक विषयों में सीमित प्रवेश संख्या होती हैं, प्रतिस्पर्धियों की संख्या ज्यादा है। आपमें भले ही बहुत प्रतिभा या क्षमता हो, मेरिट हो, लेकिन मुमकिन है कि पसंद के कोर्स या कॉलेज में दाखिला न मिले। इसके लिए जरूरी है कि एक अलग योजना तैयार रहे। विकल्पों के लिए करियर काउंसलर, शिक्षकों, पुराने छात्रों या किसी की भी मदद ली जा सकती है।
3. सही विषय का करें चुनाव-
12वीं के बाद कोई खास कोर्स चुनना एक विद्यार्थी की रूचि और विकल्पों पर निर्भर करता है। अगर आप कलाकार या रचनाशील हैं, तो विज्ञापन, फैशन, डिजाइन जैसे कोर्सेज चुन सकते हैं। अगर आपका दिमाग विश्लेषक है, तो आपके लिए इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी के क्षेत्र बेहतर होंगें। यहां बहुत सारे विशेषज्ञ कोर्सेज भी हैं, जिन्हें करने के बाद करियर में ऊंची उड़ान भर सकते हैं। ऐसे में छात्र जब भी किसी खास कोर्स या प्रोग्राम में दाखिला कराने जाएं, तो एक बात स्पष्ट रखें कि उस प्रोग्राम को चुनने के पीछे करने का उनका मकसद क्या है? फिर भी अगर भ्रम बना रहे, तो अपना प्रोफाइलिंग टेस्ट कराएं। इससे आपको अपनी शक्ति का पता लग सकेगा और आप उसके मुताबिक कोर्स सलेक्ट कर सकेंगे।

कोर्स का चयन करते समय ध्यान रखने वाली बातें:
A. अपने पसंदीदा विषय को देखते हुए ही कोर्स चुनें। दूसरों की नकल से बचें, क्योंकि हर छात्र का लक्ष्य, प्रतिभा और रूचि अलग होती है।
B. स्व मूल्यांकन करें, कोई भी कोर्स का चुनाव करने से पहले यह आत्म निर्यण करना चाहिए कि आपकी किस काम में ज्यादा रूचि है। आप उन सभी विकल्पों की सूची बनाएं, जिनमें आप स्वयं को साबित कर सकते हैं।
3. विकल्प तलाशें। एक समय था जब विकल्प सीमित थे। विज्ञान विषय के छात्रों के पास सिर्फ मेडिकल या इंजीनियरिंग के विकल्प होते थे लेकिन अब वह दौर नहीं रहा। आज आपके सामने विकल्पों की भरमार है। आप बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंजीनियरिंग, फिजियोथेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन जैसे कोर्सेज कर सकते हैं। इसी तरह आर्ट्स से 12वीं करने वाले बिजनेस या होटल मैनेजमेंट कोर्स कर रिटेलिंग, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकते हैं। जो लोग रचनाशील हैं, वे फैशन डिजाइनिंग, मर्चेंडाइजिंग, स्टाइलिंग का कोर्स कर सकते हैं।
4. संस्थान का चुनाव। आजकल संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा होती है लेकिन सरकारी एवं प्राइवेट संस्थानों में प्रवेश लेने से पहले निम्न बिंदुओं पर जरूर विचार कर लेवें।

संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसके बारे में जाानने वाली बातें:
A. पहले यह पता कर लेना चाहिए कि उस संस्थान को समुचित रेगुलेटरी अथॉरिटी से मान्यता हासिल है या नहीं।
B. फैकल्टी की गुणवत्ता।
C. प्रोफेसर, लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुपात।
D. पाठ्यक्रम विविधता।
E. प्लेसमेंट या नौकरी मिलने का प्रतिशत।
F. मूलभूत सुविधाएँ।

 

विज्ञान वर्ग के छात्रों हेतु रोजगारपरक कोर्स:
विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी मेडिकल यह इंजीनियरिंग के अलावा और भी बहुत से रोजगारपरक कोर्स कर सकते हैं। उनमें से प्रमुख कोर्स इस प्रकार हैं:
1. नैनो-टेक्नोलॉजी (Nanotechnology): 12वीं के बाद नैनो टेक्नोयलॉजी में बीएससी या बीटेक और उसके बाद इसी सब्जेक्टक में एमएससी या एमटेक करके इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाया जा सकता है।
2. स्पेस साइंस (Space science): इसमें तीन साल की बीएससी और चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्सेज खास तौर पर इसरो और बेंगलुरु स्थित IISC में कराए जाते हैं।
3. रोबोटिक साइंस (Robotic science): रोबोटिक में एमई की डिग्री हासिल कर चुके स्टूडेंट्स को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थाहन में रिसर्च वर्क की नौकरी मिल सकती है।
4. एस्ट्रो-फिजिक्स (Astrophysics): चार या तीन साल के बैचलर्स प्रोग्राम (बीएससी इन फिजिक्स) में एडमिशन ले सकते हैं. एस्ट्रोफिजिक्स में डॉक्टरेट करने के बाद स्टूडेंट्स इसरो जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में साइंटिस्ट बन सकते हैं।
5. डेयरी साइंस (Dairy science): 12वीं करने के बाद स्टूडेंट ऑल इंडिया बेसिस पर एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद चार वर्षीय स्नातक डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. कुछ इंस्टीट्यूट डेयरी टेक्नोलॉजी में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते है।
6. एनवायर्नमेंटल साइंस (Environmental science): इसके तहत इकोलॉजी, डिजास्टर मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। नौकरी की अच्छी संभावनाएं हैं।
7. माइक्रो-बायोलॉजी (Microbiology): बीएससी इन लाइफ साइंस या बीएससी इन माइक्रो-बायोलॉजी कोर्स कर सकते हैं।
8. वॉटर साइंस (Water science): यह जल की सतह से जुड़ा विज्ञान है. इसमें हाइड्रोमिटियोरोलॉजी, हाइड्रोजियोलॉजी, ड्रेनेज बेसिन मैनेजमेंट, वॉटर क्वॉलिटी मैनेजमेंट, हाइड्रोइंफॉर्मेटिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई करनी होती है।

कॉमर्स/आर्ट वर्ग के छात्रों हेतु रोजगारपरक कोर्स:
कामर्स एवं आर्ट्स के लिए ही परम्परागत कोर्सस से है कर कई ऐसे व्यवसायिक क्षेत्र है जिनमे प्रवेश लेने के बाद आप विज्ञानं के छात्रों से बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
1. फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (Footwear design and development institute) के फैशन, डिजाइन, रिटेल और मैनेजमेंट के ग्रेजुएट तथा पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस के लिए ऑनलाइन सिलेक्शन टेस्ट होता है। इस टेस्ट के द्वारा 1680 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से फुटवियर डिजाइन एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट (Footwear design and production management), लेदर गुड्स एंड एसेसरीज डिजाइन (Leather goods and accessories designing), फैशन डिजाइनिंग (Fashion designing) के ग्रेजुएट कोर्स में तथा एमबीए इन फैशन मर्केटिंग एंड रिटेल मैनेजमेंट (Fashion marketing and retail management), एमबीए इन फुटवियर डिजाइन एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट (Footwear design and production management), एम. डिजाइन के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश दिया जाता है।
2. कुछ होटल मैनेजमेंट संस्थान फूड प्रोडक्शन (Food production) में सर्टिफिकेट कोर्स की सुविधा भी देते हैं। भारत सरकार के 12 खाद्य संस्थान भी इससे संबंधित कोर्स कराते हैं, जिन्हें करने के बाद आप न केवल शेफ बल्कि होटल उद्योग से जुडे अन्य क्षेत्रों में भी कॅरियर बना सकते हैं। होटल मैनेजमेंट एवं कैटरिंग क्षेत्र में कॅरियर बनाने के इच्छुक युवाओं को बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कई संस्थानों में दाखिले से पहले लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार भी लिया जाता है।
3. स्टॉक ब्रोकर (Stock broker) बनने के लिए कम से कम वाणिज्य विषय में स्नातक (अन्य विधा के छात्रों के लिए भी रोक नहीं है) होना चाहिए। यदि आपको वित्त, व्यापार, अर्थशास्त्र, कैपिटल मार्केट अकाउंट व इन्वेस्टमेंट आदि की अच्छी समझ है तो आप अपने कॅरियर की शुरुआत किसी स्टॉक ब्रोकिंग फर्म से जुड़कर कर सकते हैं।
4. आर्ट्‌स विषय पढ़ने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स वैसे तो सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे रहते हैं, लेकिन इसके अतिरिक्त, प्रोफेशनल तौर पर एमबीए, जर्नलिज्म (journalism), मार्केट एनालिसिस (market analysis), टीचिंग (teaching), एंथ्रोपोलॉजी (anthropologie), ह्यूमन रिसोर्स (human resource), एमएसडब्लू (MSW) आदि क्षेत्रों में भी काफी केरियर के विकल्प मौजूद हैं।

12वीं के बाद आयोजित होने वाली प्रमुख प्रतियोगिता परीक्षाएं:

A. इंजीनियरिंग प्रतियोगिता परीक्षाएं: Competitive exam for engineering students
1 BITSAT https://www.bitsadmission.com
2 COMED-K https://www.comedk.org
3 IPU-CET (B. Tech) www.ipu.ac.in
4 Manipal (B. Tech) www.admissions.manipal.edu
5 VITEEE www.vit.ac.in
6 AMU (B. Tech) https://www.amucontrollerexams.com
7 NDA Entrance with PCM (MPC)
8 jee main exam https://www.jeemain.nic.in

B. मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षाएं: Competitive exams for medical students
1. All India Pre-Medical / Pre – Dental Entrance Test (AIPMT)
2. All India Pre-Veterinary Test (AIPVT)
3 AIIMS https://aiimsexams.org
4 CMC-Vellore https://admissions.cmcvellore.ac.in
5 CMC-Ludhiana https://cmcludhiana.in
6 COMED-K https://www.comedk.org
7 JIPMER https://jipmer.edu.in
8 Manipal (MBBS) www.admissions.manipal.edu
9 MGIMS-Wardha https://www.mgims.ac.in
10 AMU (MBBS) https://www.amu.ac.in
11 BHU Medical https://bhuonline.in

C. मरीन, नेवी एवं डिफेन्स प्रतियोगिता परीक्षाएं : Competitive exams for defence
1 Indian Maritime University Common Entrance Test
2 Indian Navy B.Tech Entry Scheme
3. Indian Navy Sailors Recruitmen
4. Indian Army Technical Entry Scheme (TES)
5. National Defence Academy and Naval Academy Examination (I)

D. फैशन एवं डिज़ाइन प्रतियोगिता परीक्षाएं : Competitive exams for fashion designing
1. National Institute of Fashion Technology (NIFT) Entrance Test
2. National Institute of Design Admissions
3. All India Entrance Examination for Design (AIEED)

Other Design Schools & Exams
1 Srishti School
2 School of Fashion Technology
3 Pearl Academy
4 Symbiosis Institute of Design
5 Footwear Design and Development Institute
6 Maeer’s MIT Institute of Design
7 National Institute of Design
8 National Institute of Fashion Design
9 National Aptitude Test in Architecture
10 Center for Environmental Planning and Technology (CEPT)

4. कला एवं सामाजिक विज्ञान सम्बंधी प्रतियोगिता परीक्षाएं: Competitive exams for arts students
1. IIT Madras Humanities and Social Sciences Entrance Examination (HSEE)
2. TISS Bachelors Admission Test (TISS-BAT)

5. भाषा सम्बंधी प्रतियोगिता परीक्षाएं : Language competitive examinations
1. The English and Foreign Languages University Hyderabad Entrance Test
2. JNU Admission Entrance Exam

6. कृषि एवं होटल प्रबंधन सम्बंधी प्रतियोगिता परीक्षाएं: Agriculture management, hotel management exam after 12th
1. Indian Council of Agricultural Research ICAR AIEEA-UG-PG
2. All India Hotel management Entrance Exam NCHMCT JEE

7. कानून सम्बंधी प्रतियोगिता परीक्षाएं: Competitive exams for law students
1. Common Law Admission Test
2. Law School Admission Test LSAT India
3. All India Law Entrance Test (AILET)
4. Lloyd Entrance Test (LET)

8. विज्ञान सम्बंधी प्रतियोगिता परीक्षाएं : Competitive exams for science students
1. Kishore Vaigyanik Protsahan Yojana (KVPY)
2. National Entrance Screening Test (NEST)

9. गणित सम्बंधी प्रतियोगिता परीक्षाएं : Competitive exams for maths students
1. Indian Statistical Institute Admission
2. Chennai Mathematical Institute Scholarship 2014

इनके अलावा कला (आर्ट) के छात्रों के लिए वो कौन कौन से क्षेत्र हैं, जो उनके करियर का बेहतर विकल्प बन सकते हैं।

फैशन डिजाइनिंग: – प्लस 2 के बाद फैशन डिजाइनिंग का कोर्स एक बेहतर ऑरर अप टू डेट विकल्प है। अगर आपको फैशन ही दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनानी है ऑर आपकी दिलचस्पी डिजाइनिंग के क्षेत्र में हैं तो यहयह कोर्स आपको सफलता दिला सकता है।

इवेंट मैनेजमेंट :- इवेंट मैनेजमेंट कोर्स भी प्लस टू के बाद एक अच्छा विलल्प है और प्रोफेशनली इस कोर्स की डिमांड भी बहुत है। इस फिल्ड को चुनकर आप बहुत कम समय में को चुनकर आप बहुत कम समय में मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

मास कम्युनिकेशन :- मास कम्यूनिकेशन आज के समय में बहुत फेमस कोर्स है। इसके जरिए आप पत्रकार ही नहीं बल्कि कंटेंट राइटर, टेक्न‍िकल राइटर, कंटेंट एडिटर, प्रूफ रीडर, पब्ल‍िक रिलेशन ऑफीसर बन सकते हैं। विज्ञापन के क्षेत्र में मार्केटिंग के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकते हैं।

विदेशी भाषा :- कोर्स आज जब देश में मल्टिनेशनल कम्पनियों की संख्या बढती जा रही है ऐसे में फॉरेन लैंग्वेज कोर्स आपके लिए लाभकारी हो सकता है। न सिर्फ प्राइवेट सेक्टर में बल्कि गवर्नमेंट सेक्टर में भी यह कोर्स सफलता दिला सकता है।

एक्टिंग कोर्स :- अगर आपकी रुचि एक्टिंग की फील्ड में आप एकटर बनना चाहते हैं तो प्लस टू के बाद आप सीधे एक्टिंग कोर्स कर सकते हैं। कई सरकारी और निजी संस्थान हैं जहां आप एक्टिंग फिल्ड में आगे बढ़ सकते हैं।

ब्यूटीशियन कोर्स :- ब्यूटीशियन की डिमांड हर छोटे से छोटे और बड़े से बड़े स्तर पर हैं ऐसे में आप बतौर ब्यूटीशियन अपने बेहतर करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए भी कई मशहूर संस्थान है।

उद्यमिता :- यदि आप आगे चलकर अपने खुद के बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं तो यह कोर्स आपकी मदद कर सकता है। यहां आपको ट्रेनिंग दी जाती हैं कि आप किस तरह के बिजनेस शुरु कर सकते हैं और उन्हें डेवलोप कैसे कर सकते हैं। इसके लिये भारतीय उद्यमिता संस्थान सर्वश्रेष्ठ संस्थान है।

होटल मैनेजमेंट कोर्स :- प्लस टू के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी एक अच्छा विकल्प है। आज लाखों की तादाद में युवा वर्ग इस ओर अग्रसर हो रहा है और सफलता पा रहा है।

टूरिस्ट मैनेजमेंट :- अगर अपने देश के इतिहास में आपकी रुचि है और पर्यटन के क्षेत्र में आपका रुझान है तो आप टूरिस्ट मैनेजमेंट का कोर्स करके बतौर टूरिस्ट गाइड अपना करियर शुरु कर सकते हैं।

साइकोलोजिस्ट :- अगर आपने प्लस टू में साइकोलोजी पढ़ा है और आपका इस विषय में रुझान है तो आप आगे भी साइकोलोजिस्ट के कोर्स के लिए भी एप्लाई कर सकते हैं।

शिक्षक :- इसके अलावा अगर आप अकैडमिक लाइन में ही जाना चाहते हैं तो देश की टॉप यूनिर्वसिटीज़ से बीए या बीए ऑनर्स का कोर्स करने के बाद आप बीएड कर सकते हैं।

गवर्नमेंट सेक्टर :- आप अगर गवर्नमेंट सेक्टर में जाना चाहते हैं तो एसएससी, एलडीसी, रेलवे जॉब, बेकिंग क्लर्क जॉब, कॉन्सेटेबल जेबीटी, एनटीटी, आईबी( असिस्टेंट) आदि के लिए भी एप्लीकेबल हो सकते हैं।

लाइब्रेरिअन :- इसके अतिरिक्त प्लस टू के बाद आप लाइब्रेरिअन का कोर्स करके भी गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों ही संस्थानों में में लाइब्रेरिअन के रुप में अपना करियर शुरु कर सकते हैं।

आई टी सेक्टर :- यदि आप आई टी सेक्टर में जाना चाहते हैं तो आप बैचलर इन कंप्यूटर ऐप्लिकेशन (बीसीए) करके आई टी फिल्ड में भी अपना करियर बना सकते हैं।

लॉ :- प्लस टू के बाद लॉ करना भी आपके करियर के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है। आप ऐलऐलबी करके वकील बन सकते हैं।

फाइन आर्टस :- कोर्स आर्टस के विद्यार्थियों के लिए फाइन आर्टस का विकल्प भी बेहतर साबित हो सकता है, इस कोर्स को करके आप चाहे तो अपना खुद का बिजनेस भी शुरु कर सकते हैं।

मल्टीमीडिया :- मल्टीमीडिया का कोर्स कर आप एनीमेशन व विज्ञापन के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।

दसवी व बाहरवी बोर्ड की परीक्षाएं समाप्‍त होने के बाद बच्‍चें सोचते है कि अब हमारी आगे की लाईन क्‍या हो ? ओर यही वह समय है जब स्‍कुली शिक्षा समाप्‍त कर चुके विद्यार्थियों को अपने भविष्‍य के बारे में स्‍पष्‍ट नीति अपना लेना चाहिए। आज संचार माध्‍यमों में आई क्रांति एवं ज्ञान के अभूतपूर्व विस्‍तार के कारण दुनिया बहुत सिमट गई है। रोजगार के नए नए अवसरों के कारण युवा वर्ग उत्‍साह से भरा हुआ है साथ ही समयानुकूल शिक्षा एवं रोजगार के साथ संबंध के प्रति भी जागरूक है स्‍कुली शिक्षा परनूी कर लेने के बाद कम उम्र में ही व्‍यवसायिक शिक्षा को महत्‍व को आज का विद्यार्थी अच्‍छी तरह समझ चुका है स्‍कुली शिक्षा पूर्ण कर लेने वालों को अपने केरियर के संबंध में फैसला करना होता है ओर उसी पर उनका भविष्‍य निर्भर करता है। इस उम्र में व्‍यवसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रति कुछ ज्‍यादा ही झुकाव दिखाई देता है इसके लिए राज्‍य के व्‍यवसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्‍द्र से तुरंत सम्‍पर्क करना चाहिए। किसी छात्र ने चाहे किसी भी विषय कला, वाणिज्‍य तथा विज्ञान में अपनी स्‍कुली शिक्षा ग्रहण की हो आज के वातावरण में सभी के लिए पर्याप्‍त रोजगार के अवसर उपलब्‍ध है बस जरूरत है अपने अंदर की प्रतिभा को पहचानने की एवं सही प्रशिक्षण लेने की सभी राज्‍य सरकारे लगभग सभी शहरों में अपने आद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान आईटीआई का संचालन करती है इनमे विभिन्‍न व्‍यवसायिक पाठयक्रमों में अपनी अपनी रूची के अनुसार प्रवेश लेकर अपना भविष्‍य बना सकते हैं। आजकल प्रतिस्‍पर्धा को दोर है इस में यह देखा गया है कि पाठयक्रमों में सीटे कम है एवं उम्‍मीदवार ज्‍यादा होते हैं। अत: सभी को प्रवेश मिलना संभव नही हो पाता हताश हो सकते है ऐसे छात्रों को निराश होने के बजाय अन्‍य क्षत्रों की और ध्‍यान देना चाहिए एवं बिना समय गंवाए सही एवं प्रमाणिक जानकारी जुटाना प्रारंभ कर देना चाहिए इसके लिए विभिन्‍न प्रकार की वेबसाईट, समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं का सहारा लिया जा सकता है। क्षेत्रों के बारे में भी विचार करना चाहिए ऐसा नहीं है कि विज्ञान के छात्रों के लिये ही विकल्‍प मौजूद है अन्‍य विषयों के छात्र भी मेहनत द्वासरा रोजगार पाकर कोर्स करके अपना अच्‍छा एवं ग्‍लैमर से भरा व्‍यवसाय खड़ा कर सकते हैं। जिसमें प्रमुख है फैशन टैक्‍नालौजी में डिप्‍लोमा, टेक्‍सटाईल में डिप्‍लोमा, होटल मेनेजमेन्‍ट आदि वाणिज्‍य विषय के छात्र चार्टड एकाउटेंसी में अपना भविष्‍य बना सकते हैं। हेलो मंदसौर डॉट कॉम आपके उजवल भविष्‍य की कामना करता है।