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19 को विजय दशमी उत्सव – पथ संचलन और शस्त्र पूजन

मंदसौर| राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस विजयादशमी पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्सव एवं पथ संचलन का आयोजन 19 अक्टूबर को होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे से विजयादशमी उत्सव का शुभारंभ होगा उत्सव के समापन के बाद संजय गाँधी उद्यान से पथ संचलन निकाला जाएगा। जो नगर पथ संचलन का मार्ग 🚩संजय गाँधी उद्यान ➡️ पालीवाल रेस्टोरेन्ट के सामने से ➡️ मेहता नेत्रालय वाली गली ➡️महू-नीमच रोड, BPL चौराहा ➡️गाँधी चौराहा ➡️ बस स्टेण्ड, भारत माता चौराहा ➡️घण्टाघर➡️ शुक्ला चौक ➡️ नयापुरा रोड से होकर ➡️ महाराणा प्रताप चौराहा से निकल कर वापस प्रारंभिक स्थल संजय गाँधी उद्यान पर आकर समापन होगा।

विजयादशमी उत्सव समाज में शक्ति का संचार करने का काम करता है. आरएसएस की स्थापना के 90 साल पूरे हो गए हैं तथा संघ ने अपनी शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति-निर्माण का जो कार्य किया है, उसी के अनुरूप आज हिन्दू समाज एकात्मता के साथ खड़ा हुआ है, उसमें गौरव-भाव जागा है। राष्ट्र-जीवन के लिए जो शक्ति आवश्यक है, उसमें संस्कारित और देशभक्ति से ओतप्रोत व्यक्तियों की आवश्यकता है। संघ की शाखाएं इसी अनुरूप कार्य कर रही हैं। विश्व में भारतीय संस्कृति को सराहा जा रहा है। हिन्दुत्व के संस्कारों के आधार पर देश की एकता सुदृढ़ हुई है। उसके श्रेष्ठ तत्व ज्ञान, उदारता, सहृदयता और अपनत्व की एकात्मा के चलते आतंकवादी शक्तियां हतोत्साहित हुई हैं। हिन्दू समाज में हिंसा व कटुता के लिए कोई जगह नहीं है। भारतीय संस्कृति महासागर की तरह है। इस देश में कई आक्रमणकारी आए और यहीं के होकर रह गए, यहां की संस्कृति में घुल-मिल गए।

शस्त्र और शास्त्र पूजन का महत्व- दशहरा के दिन शस्त्र और शास्त्र पूजन करने का अलग-अलग महत्व है। प्राचीन काल में क्षत्रिय युद्ध पर जाने के लिए इस दिन का ही चुनाव करते थे। उनका मानना था कि दशहरा पर शुरू किए गए युद्ध में विजय निश्चित होगी। वहीं दशहरा पर किए जाने वाले शास्त्र पूजन का भी अपना महत्व है।

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