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2019 मे होंगे ये काम पूरे शहर को मिलेंगी ये सोगते

मंदसौर. जिले को 2018 में कई सौगातें मिली तो कई सिर्फ सपना बनकर रह गई। लेकिन अब इनके 2019 की उम्मीदों भरी सुबह में पूरा होने की आस है। वर्ष 2019 उम्मीदों का सुनहरा सवेरा लेकर आया है। इसमें शिवना शुद्धिकरण, सिवरेज, रेलवे से लेकर जलापूर्ति, आवागमन से लेकर स्टेडियम व ट्रामा सेंटर, सिंचाई योजना से लेकर अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। जिनके पूरे होने की आस नए साल से हर किसी को है।

रेलवे देगा क्षेत्र को नए साल में करोड़ो की सौगात
क्षेत्र को नए साल में सबसे बड़ी सौगात रेलवे से मिलेंगी। रतलाम-नीमच के बीच मंदसौर होते हुए रेलवे के ट्रेक के दोहरीकरण व विद्युतीकरण की सौगात मिलेगी। 910 करोड़ में रतलाम-नीमच के बीच दोहरीकरण और 296 करोड़ 75 लाख में इसी ट्रेक का विद्युतीकरण होना है। इसका काम चल रहा है दोनो प्रोजेक्ट नए साल में पूरे होंगे। इससे बड़े शहरों से सीधा क्षेत्र का जुड़ाव होगा और यात्री गाडिय़ा के साथ इनकी रफ्तार भी बढ़ेगी। इससे सफर करने में लोगों का समय बचेगा।

सुवासरा-मल्हारगढ़ को मिलेगी सिंचाई योजना
सुवासरा में 1682 करोड़ 47 लाख की लागत की सिंचाई योजना का काम चल रहा है। इससे 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। और मल्हारगढ़ के लिए 1846 करोड़ रुपए की सिंचाई योजना स्वीकृत को मंजूरी मिली है। इससे 2 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। यह दो बड़ी सिंचाई योजना नए साल में हजारों किसानों के लिए सौगात होगी।

साढ़े 13 करोड़ में पुलिया व साढ़े 32 करोड़ में बनेगा ओवरब्रिज
शहर में नए साल में दो बड़ी सौगात और मिलने जा रही है। इसमें शिवना की छोटी पुलिया पर बड़ी पुलिया के समक्षक एक और पुलिया साढ़े 13 करोड़ में बनेगी तो संजीत फाटक पर साढे 32 करोड़ में ओवरब्रिज बनकर तैयार होगा। दोनों ही कामों के लिए वर्कऑर्डर जारी होने के साथ भूमिपूजन भी हो चुका है। नए साल में यह दोनों प्रोजेक्ट बनने के साथ हजारों लोगों को यह सुविधा मिलेगी।

फाटक पर टी-आकार के ब्रिज के पूरा होने की उम्मीद
सीतामऊ फाटक पर 38 करोड़ की लागत से टी-आकार का ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इससे करीब 40 हजार लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन इसमें अभी एक हिस्सा पूरा होना बाकी है। एक ट्रेक पर तो ट्रैफिक शुरु हो गया है, लेकिन सीतामऊ की और काम बाकी है। नए साल में यह प्रोजेक्ट पूरा होने से यात्रियों सहित शहरवासियों को निजात मिलेगी।

ट्रामा सेंटर 
जिला अस्पताल में तीन करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर बनाया जाना है। इसके लिए स्थान को लेकर मामला उलझा हुआ है। नए साल में स्थान की उलझनों को सुलझाने के साथ जिले को ट्रामा सेंटर की सौगात की प्रबल संभावना है। ट्रामा सेंटर बनने से गंभीर घायलों को तत्काल उपचार मिल जाएगा।

मिड इंडिया फाटक का अंडरब्रिज
मिड इंडिया रेलवे फाटक पर रेलवे एवं नगर पालिका संयुक्त रूप से अंडरब्रिज का निर्माण करना है। प्रोजेक्ट स्वीकृत भी है। लेकिन इस पर काम नहीं हो पाया। तमाम अड़चने भी दूर हो गई और इसके लिए नपा को राशि भी मिल गई। अब नए साल में इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के साथ हजारों लोगों को यह सौगात मिलेंगी की आशा है।

चंबल का पानी बुझाएगा शहर की प्यास 
55 करोड़ की लागत से अमृत योजना के तहत चंबल का पानी मंदसौर लाया जा रहा है। सीतामऊ क्षेत्र के एलवी महादेव मंदिर के पास से गांधीसागर झील में इंटेकवेल बनाकर करीब ५५ किलोमीटर लंबी पेयजल पाइप लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। पानी रामघाट पर शिवना में मिलाया जाएगा। यहां से चंबल का पानी मंदसौर शहर में लोगों की प्यास बुझाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो फरवरी में चंबल का पानी मंदसौर में आ जाएगा।

40 करोड़ का मिनी स्टेडियम
कालाखेत क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाने की योजना कागजों में चल रही है। लेकिन यह अब तक सपना ही बना हुआ है। 40 करोड़ की लागत का मिनी स्टेडियम के प्रोजेक्ट को सरकार से हरी झंडी मिलते ही इसका काम शुरु होगा। नपा ने डीपीआर तय कर ली है। संभवत इस साल इसका भी काम शुरु हो जाएगा। जो शहर के खिलाडिय़ों को बड़ी सौगात होगी।

58 करोड़ के 500 आवास की बनना है मल्टी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नपा ने मल्टी में 58 करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट तैयार किया। इसमें बनने वाले मल्टी में 500 आवास बनना है। इसके साथ सडक़, नाली, डे्रनेज और पानी के साथ बिजली की सुविधा भी देना है। 58 करोड़ के इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के साथ इस साल आवासहीनों को आवास का सपना भी पूरा हो सकेगा।

200 करोड़ का सिवरेज प्रोजेक्ट
शहर के गंदे पानी की निकासी जो जलस्रोतों को दूषित कर रहा है। इसके लिए 200 करोड़ का सिवरेज प्रोजेक्ट मंजूरी तो हो गया है, लेकिन शासन स्तर मामला लंबित है। नए साल में शहर व जलस्रोतों को शुद्ध करने के लिए 200 करोड़ के इस बड़े सिवरेज प्रोजेक्ट को पूरा होने की आस पूरे शहर को है।

12 करोड़ के शिवना शुद्धिकरण प्रोजेक्ट 
शहर की जीवनदायनी और जलापूर्ति करने वाली शिवना नदी इन दिनों पूरी तरह प्रदूषित है। पिछले कई सालों से शिवना शुद्धिकरण की बात चल रही है। लेकिन नालों का पानी तक इसमें मिलने से नहीं रोका जा सका है। इसे प्रदूषित से मुक्त करने के साथ शहर के बीच से गुजर रहे क्षेत्र पर सौंदर्यीकरण का १२ करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट तैयार है और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा भी की, ऐेस में नए साल में शिवना के शुद्ध होने की हर किसी का उम्मीद है।

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