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31 दिसंबर की रात को नववर्ष मनाना एक दिन के लिये धर्मांतरण समान- श्रीवास्तव

1 जनवरी को हिन्दू नहीं मनाये नववर्ष – सरदार कुणाल श्रीवास्तव

मन्दसौर। श्री राम युवा सेना मंदसौर के सेनाध्यक्ष सरदार कुणाल श्रीवास्तव ने नगर के सभी नागरिकों से अपील की है कि 31 दिसम्बर की रात और 1 जनवरी को किसी भी हिन्दू को नववर्ष की शुभकामनाएं न देए कोई हिन्दू 1 जनवरी को नववर्ष की शुभकामना देता दिखाई दे तो उसे समझाएं कि हिन्दूओं का नववर्षारंभ हिन्दू संस्कृति के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है।  सेनाध्यक्ष सरदार कुणाल श्रीवास्तव ने बताया कि 1 जनवरी हिन्दूओं का नववर्षारंभ नहीं है। 31 दिसम्बर की रात ईसाई नववर्ष मनाने की प्रथा हिन्दूओं ने अपनाई हैए इस रात पश्चिमी प्रथा के अनुसार भोगवादी आचरण करने से समाज की असीम हानि होती है। आपने कहा कि ये भी कहा कि 31 दिसम्बर की रात शराबखोरी और बलात्कार की घटनाओं में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। आपने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 31 दिसम्बर 2009 की रात केवल मुम्बई में ही 24 करोड़ 66 लाख की शराब बिकी थी । जो प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। इस दिन महिलाओं को फूसलाकर या बलपूर्वक यौन अत्याचार की  घटनाएं सामान्य हो गई है।  सरदार कुणाल श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति में जन्में हिन्दूओं द्वारा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 1 को नववर्षारंभ न मनाकर 31 दिसंबर की रात को मनाना एक दिन के लिये धर्मांतरण करने के समान है। नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही मनाए क्योंकि 1 जनवरी को नववर्ष मनाने का कोई कारण नहीं है इसके विपरित चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर नववर्ष मनाने के प्राकृतिक व आध्यात्मिक कारण है।

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