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60 साल में पहली बार पशुपतिनाथ मंदिर की सुरक्षा निजी हाथों में

मंदसौर। 6 दशक में यह पहला मौका होगा जब अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की सुरक्षा निजी हाथों में होगी। वर्तमान में यहां एक-चार का गार्ड तैनात रहता है। बावजूद समय-समय पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहते हैं। तीन बार यहां चोरियां भी हो चुकी हैं। इससे चौकसी बरती जा रही है। इसके लिए 40 लाख रुपए के सुरक्षा उपकरण आ चुके हैं।
यह यह होगा बदलाव –
– मंदिर समिति की योजना है कि पाटोत्सव से मंदिर की सुरक्षा व दर्शन का प्रबंधन निजी हाथों में दिया जाए। प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था एक माह के लिए लागू रहेगी। इसके लिए 8 अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड नियुक्त होंगे। ये गार्ड 24 घंटे मंदिर परिसर में तैनात रहेंगे। वर्तमान में यहां एसएएफ का एक-चार का गार्ड रहता है। यह दल भी मंदिर की व्यवस्था पर नजर रखेगा।
पूर्व में मंदिर में ही हो चुकी है चोरी
 पशुपतिनाथ मंदिर में चोरी की तीन वारदात हो चुकी हैं। पूर्व में दो बार दानपेटी में चोरी का प्रयास हुआ था। 1998 में मंदिर के गर्भगृह से चांदी का छत्र चोरी हुआ था।
लंबे समय से उठ रहे ते सुरक्षा पर सवाल
– पशुपतिनाथ मंदिर की ख्याति में दिनों दिन इजाफा हो रहा है। मंदिर में सौंदर्यीकरण के साथ गर्भगृह में रूद्रयंत्र, चांदी की जलाधारी, छत्र लगाए जाने के बाद करीब 2 करोड़ रुपए की चांदी से मंदिर का गर्भगृह भी सजा है। परिसर में दक्षिण भारत की तंजावुर शैली में चित्रकारी, देवी-देवताओं के चित्र बनने के बाद मंदिर का आकर्षण बढ़ गया है।
– त्योहारों पर मंदिर में दर्शन के लिए 1 लाख तक श्रद्धालु आते हैं। सामान्य दिनों में रोज 1 से 2 हजार तक श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा को लेकर बेहतर प्रबंधन की जरूरत महसूस की जा रही है।
एक लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा
– मंदिर समिति की सुरक्षा ठेके पर देने की व्यवस्था प्रयोग के तौर पर एक माह के लिए रहेगी। इसके लिए लाख रुपए खर्च होंगे। निजी गार्ड की सेवाएं लेने का प्रयोग मंदिर की स्थापना के बाद पहली बार होगा। इससे गर्भगृह की दर्शन व्यवस्था, घाटों पर सुरक्षा प्रबंधन, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण हाे सकेगा। मंदिर परिसर में भिक्षा वृत्ति पर भी रोक लगेगी।

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