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65 संस्थाओं ने किया 90 पूर्व सैनिकों व सैनिकों के परिजनों का सम्मान

रविवार संजय गांधी उद्यान में केशव स्मारक समिति द्वारा सैनिकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मालवा प्रांत के सामाजिक समरसता प्रमुख प्रमोद झा ने प्रारंभ में कवि रामावतार त्यागी की कविता ‘‘मन समर्पित, तन समर्पित और ये जीवन समर्पित। चाहता हूँ देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूँ’’ की लाईनों से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व में भारत के सैनिकों में ही ऐसा सेवा का जज्बा है कि वह शहीद होने के बाद पुनः इस भारत भूमि पर जन्म लेकर सैनिक बनकर पुनः इस धरती पर प्राण न्यौछावर करने की इच्छा रखता है। इसीलिये इस भारत भूमि को अजर-अमर कहा गया है। उन्होंने श्रोताओं का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सैनिक परिवारों का सम्मान क्यों होना चाहिए ? क्योंकि पिता के संरक्षण एवं माँ की कोख से ऐसे वीर पैदा हुए है कि उन्होनें अपने मोह को त्यागकर अपने पुत्र को देश सेवा के लिये सौंपा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नीमच के से.नि. कर्नल बालकृष्ण कोरान्ने इस कार्यक्रम को लेकर अभिभूत हुए और सैनिक परिवार की पीड़ाओं को बयां किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम होना चाहिए और समाजजन को इन परिवारों की सहायता व उनको संबल देने के लिये सदैव अग्रणी रहना चाहिए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि जिस मार्ग पर वीर सैनिक चलते है, उस पथ पर पुष्प अपनी अभिलाषा प्रकट करता है। सैनिकों का सम्मान एक सराहनीय कदम है। और कामना करूंगा कि आप ऐसे कार्यक्रम सैनिक और उनके परिवार के हित में आयोजित करते रहे।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन कर किया। अतिथियों का स्वागत समिति के सदस्यों द्वारा शाल, श्रीफल भेंटकर किया गया।

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