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क्या आप जानते हैं कि नाखून कब कटवाने चाहिए?

अंधविश्वास :- रात को नाखून ना काटे।
तर्क :- हमारे बहुत सारे अंधविश्वासो का सम्बन्ध बिजली से है।  पहले के समय बिजली नहीं थी, तो बहुत सारे काम लोग रात होने से पहले ही कर लिया करते थे और बाद में ये ही बाते आगे जाकर अंधविश्वास का कारण बनी। इन्ही में से एक है – रात में नाखून ना काटना।

माना आज के समय में नाखून काटने के लिए बहुत अच्छे – अच्छे कटर आने लगे है , जिनसे हम नाखूनों को बहुत ही आसानी से और सफाई से काट सकते है।  पर पहले  के समय नाखूनों को काटने के लिए कोई कटर नहीं हुआ करते थे।  तब नाखूनों को या तो छोटे चाकू से कटा जाता होगा या ब्लेड से , जिनसे नाखूनों को यदि ध्यान से न काटा जाये तो ऊँगली या हाथ में चोट लगने का डर रहता होगा।  और यदि यही काम रात में किया जाये तो रात के अँधेरे में ठीक से ना दिखाई देने के कारण चोट का खतरा ज्यादा हो जाता था। और साथ ही ऊँगली से कट के अलग हुए नाखूनों का खाने – पीने के सामने या अन्य चीजों में गिर जाने का डर भी रहता था, जिससे लोगो ने रात में नाखूनों को ना काटने का नियम बना लिया , जो आगे जाकर अन्धविश्वास बन गया।  लेकिन वर्तमान की बात करे तो हमारे पास बिजली भी हैं और नाखूनों को काटने के लिए कटर भी , जिनसे हम बिना किसी डर  के नाखूनों को कभी भी काट सकते हैं। इसलिए दोस्तों ये अन्धविश्वास नहीं है , सिर्फ एक सावधानी वाली बात थी , जिसे बाद में अन्धविश्वास मान लिया गया।

ब्रहमांड का एक छोटा सा टुकड़ा पृथ्वी है। पृथ्वी पर मनुष्य का जन्म हुआ है। ब्रहमांड से निकलने वाली सर्वाधिक उर्जा का प्रभाव पृथ्वी पर ही पड़ता है। इस उर्जा से मानव शरीर प्रभावित होता है। वैसे तो शरीर के प्रत्येक अंग पर ब्रहमांड से निकलने वाली उर्जा का प्रभाव पड़ता है, किन्तु शरीर में अॅगुलियों का अग्रभाग और सिर अत्यन्त संवेदनशील होता है।

इसे सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रकृति ने कठोर नाखूनों और बालों से इन संवेदनशील हिस्सों की रक्षा करती है। सप्ताह में कुछ दिन ऐसे है, जिनमें नाखून, सेविंग और बाल कटवाने से हमें नकारात्मक उर्जा मिलती है, जो हमारे संवेदनशील हिस्सों को हानि पहुॅचाती है।

नाखून कब न कटवायें- शनिवार, मंगलवार व गुरूवार को नाखून नहीं काटना चाहिए।

शनिवार-शनिवार को नाखून काटने से आयु में कमी आती है और घर में दरिद्रता का वास हो जाता है।

मंगलवार-मंगलवार को नाखून काटने से भाईयों से मनमुटाव होता है। साहस व पराक्रम में कमी आती है। शरीर में रक्त से सम्बन्धित रोग होते है।

गुरूवार-बृहस्पतिवार को नाखून काटने से शिक्षा में कमी आती है। गुरूओं से अनबन होने की आशंका रहती है एंव पेट से सम्बन्धित रोग हो सकते है। इस दिन ग्रहों से आने वाली किरणें शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

नाखून कब कटवायें- सोमवार, रविवार, बुधवार व शुक्रवार को नाखून काटना शुभ माना गया है।

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