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संपादकीय

समलेंगिकता क्या भारतीय संस्कृति में स्वीकार योग्य है?

समलेंगिकता क्या भारतीय संस्कृति में स्वीकार योग्य है?
भारतीय समाज में जियो और जीने दो का भाव लिए यह समाज आदिकाल से हीं वसुधैव-कुटुम्बकम् में सहजीवन की कल्पना को साकार किया है। यही कारण है कि भारत सदियों तक विश्व गुरू के रूप...
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तरूण सागर के कड़वे प्रवचनों में समाज के लिए मीठे संदेश होते थे

तरूण सागर के कड़वे प्रवचनों में समाज के लिए मीठे संदेश होते थे
क्रान्तिकारी संत तरूण सागर जी महाराज मध्य प्रदेश की माटी बुंदेलखण्ड के दमोह जिले के गुहंची ग्राम में एक सामान्य परिवार के घर पैदा हुये। 13 वर्ष की उम्र में संन्यास और 20...
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अपने लिए तो सब जीते हैं, पर अटल जी देश के लिए जिये

अपने लिए तो सब जीते हैं, पर अटल जी देश के लिए जिये
ऐ मातृभूमि के मातृभक्त, पाकर तुमको हम धन्य हुये। ले पुन: जन्म तू एक बार, सत नमन तुझे है बार बार।। वर्तमान भारतीय राजनीति में सत्ता या विपक्ष में रहते हुये जन श्रद्धा का क...
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परम्परागत मीडिया बनाम सोशल मीडिया -बढ़ रही चुनौतियां

परम्परागत मीडिया बनाम सोशल मीडिया -बढ़ रही चुनौतियां
(डॉ. घनश्याम बटवाल, मंदसौर) मीडिया आज सषक्त बन गया है, हर प्र्रभावी तबका इसकी जद में है तो मीडिया भी कतिपय तत्वों और वर्ग का ‘‘अस्त्र‘‘ भी बन रहा है। यह सम्पूर्ण  समाज और...
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चुनावी ऊंट की करवट के अनुमान- डॉ घनश्याम बटवाल

चुनावी ऊंट की करवट के अनुमान- डॉ घनश्याम बटवाल
मध्यप्रदेश में चुनावी ऊंट की करवट के अनुमान : शिवराज और सिंधिया – – कभी उपर, कभी नीचे*  ( डॉ . घनश्याम बटवाल , मंदसौर ) मध्यप्रदेश विधान सभा के चुनाव नजदीक है...
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क्या इन्द्रदेवता ने मन्दसौर के सभी धर्मों को पास लाने के लिए की अल्प वर्षा?

क्या इन्द्रदेवता ने मन्दसौर के सभी धर्मों को पास लाने के लिए की अल्प वर्षा?
Brajesh Arya वर्षा की कामना को लेकर 3 अगस्त 2018, रात्रि 8.30 बजें नगपालिका सभाग्रह में एक बैठक का आयोजन श्री हरी कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में रखा गया। विषय बहुत गंभी...
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इमरान को इसलिए पूर्ण बहुमत नहीं हासिल होने दिया पाक सेना ने

इमरान को इसलिए पूर्ण बहुमत नहीं हासिल होने दिया पाक सेना ने
पाकिस्तान तहरीके-इंसाफ के नेता इमरान खान अब प्रधानमंत्री बनेंगे, इसमें जरा भी शक नहीं रह गया है। उन्हें स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है लेकिन कई छोटी-मोटी पार्टियां और निर्दलीय...
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विशवास और अविशवास की एक अविशवसनीय व्यंग की कहानी एक बार जरूर पढें

विशवास और अविशवास की एक अविशवसनीय व्यंग की कहानी एक बार जरूर पढें
Brajesh Arya अविशवास को लगा की वर्तमान सरकार विशवास खो चुकी है इसलिए संसद में अविशवास को लाया गया। अविशवास और विशवास के बीच संसद में कुछ यह हुआ, कि अविशवास ने विशवास से इ...
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बच्चों के साथ अपराध चिंताजनक, पर बच्चों का अपराधी बनना और चिंताजनक

बच्चों के साथ अपराध चिंताजनक, पर बच्चों का अपराधी बनना और चिंताजनक
अभी हाल ही की बात करें तो सूरत, कठुआ, उन्नाव, मंदसौर, सतना में ऐसे मामले हुए। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि आज हमारे समाज में बात सिर्फ बच्चियों अथवा महिलाओं के साथ...
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आपातकाल की कसक आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है

आपातकाल की कसक आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है
जून महीना आते ही आपातकाल की यादें जोर मारने लगती हैं। कई दशक पहले का घटनाक्रम मन−मस्तिष्क में सजीव हो उठता है। 2005 में बिहार में जो घटनाएं हुई, उसने आपातकाल के दौरान मिल...
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बस्तों का बोझ कम करने से मिलेगी राहत, तनाव में जी रहे हैं बच्चे

बस्तों का बोझ कम करने से मिलेगी राहत, तनाव में जी रहे हैं बच्चे
शिक्षा के निजीकरण के दौर में बस्ते का बोझ हल्का करने की बात एक सपना बन कर रह गयी, बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने के प्रयास निरर्थक होते नजर आने लगे एवं बच्चों का बचपन ल...
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संघ मुख्यालय में प्रणब मुखर्जी के दिये गये भाषण के असल मायने

संघ मुख्यालय में प्रणब मुखर्जी के दिये गये भाषण के असल मायने
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में हिस्सा लेना, देश के तथाकथित सेकुलर नेताओं को रास नहीं आया। हालांकि...
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जन अभियान परिषद् ने सिद्ध कर दिया कि हर सरकारी काम में भारी भ्रष्टाचार होता है!

जन अभियान परिषद् ने सिद्ध कर दिया कि हर सरकारी काम में भारी भ्रष्टाचार होता है!
प्रसंग शिवना शुद्धीकरण का : भूतभावन के घाट चमके, शिवना हुई निर्मल नदी का ऐसा स्वरूप आज तक नहीं देखा था मंदसौर। जन अभियान परिषद ने नगर की जलप्रदायनी शिवना नदी जिसको शहरवास...
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मोदी के चार साल: देश का किसान दुख और विनाश के चक्रव्यूह में फंस गया है

मोदी के चार साल: देश का किसान दुख और विनाश के चक्रव्यूह में फंस गया है
देश में पिछले चार वर्षों में कृषि विकास दर का औसत 1.9 प्रतिशत रहा. किसानों के लिए समर्थन मूल्य से लेकर, फसल बीमा योजना, कृषि जिंसों का निर्यात, गन्ने का बकाया भुगतान और क...
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श्रद्धा शब्द सुमन श्रद्धांजलि- एक चिट्ठी दादा बालकवि बैरागीजी के नाम

श्रद्धा शब्द सुमन श्रद्धांजलि- एक चिट्ठी दादा बालकवि बैरागीजी के नाम
दादा आपकी जैसे ही सुन्दर, सूक्ष्म, एक कतार में अनुशासित, एक माला में गूथें मोतियों में पीरोई हुई भावपूर्ण शब्दों की चिट्ठी जब हाथ में आती थी, तब मन इतना प्रफुल्लित हो जात...
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