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Coronavirus के डर के साये के बीच चीन की जी हाओ मंदसौर की बहू बनी

 

मंदसौर। सात समंदर पार परवान चढ़े मंदसौर के सत्यार्थ व चीन की जी हाओ (डोरा) के प्रेम को रविवार को पूर्णता मिल गई। भारतीय परंपरा के अनुसार दोनों ने सात फेरे लिए और सात वचनों को निभाने की शपथ लेकर एक-दूसरे के हो गए। शाम को दोनों का प्रोशेसन भी निकाला गया। फिलहाल दोनों कनाडा में ही रहकर अपना-अपना कार्य देखेंगे, पर मंदसौर शहर के संबंध चीन के शहर डिजियोंग से हमेशा के लिए जुड़ गए। शहर के कई लोग विवाह के साक्षी बने।

नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत रंगकर्मी वेद मिश्रा व महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत ज्योति नवहाल के इकलौते बेटे सत्यार्थ का डिजियोंग निवासी पिता शीबो वांग व माता जीन गुआन की इकलौती पुत्री जी हाओ के साथ रविवार को हो गया। नयापुरा रोड स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में दोनों ही परिवारों व रिश्तेदारों की मौजूदगी मेंविवाह की रस्में पूरी हुईं। शीबो वांग व जीन गुआन ने भी भारतीय परंपरानुसार अपनी बेटी के कन्यादान की रस्म अदा की। हवन में भी दोनों ने आहुति दी। गौरतलब है कि चीन से फैले कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में अलर्ट है, लेकिन इस वायरस का डर इनके प्यार के आगे नहीं टिक पाया।

शाम को दूल्हा-दुल्हन का प्रोशेसन भी निकाला गया। मालूम हो कि सत्यार्थ मॉस कम्यूनिकेशन की पढ़ाई करने कनाडा के शेरीडल कॉलेज में गया था, तभी वहां जी हाओ डोरा भी आई। भाषा की दिक्कत होने पर सत्यार्थ ने डोरा की मदद की और यह मदद प्यार में बदल गई। अभी सत्यार्थ कनाडा में ही सेटल हो गया।

जी हाओ भी मेकअप आर्टिस्ट का काम कर रही है। दोनों के परिवारों की सहमति से मंदसौर में विवाह हो गया है। डिजियोंग से पिता शीबो वांग, माता जीन गुआन, मौसी शेंग वेन व कजिन रोथांग श्यू भी मंदसौर आए हुए हैं। भाषा संबंधी दिक्कतें दूर करने के लिए डॉ. गौरी चौधरी ट्रांसलेटर की भूमिका निभा रही हैं।

मंदसौर के सत्यार्थ ऐसे में मिले चीन की जी हाओ से
सत्यार्थ की माता ज्योति नवहाल ने बताया कि पढ़ाई करने के लिए उनका बेटा चीन गया था। मास्टर डिग्री के लिए सत्यार्थ चायना पहुंचा तो वहां एक साल के बाद जी हाओ (डोरा) मेकअप का कोर्स करने के लिए पहुंची तो सत्यार्थ से मुलाकात हुई। अंतराष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थियों के बीच दोनों की दोस्ती हुई और लंबे समय चली दोस्ती में तब्दील हुई। इसके बाद शादी का फैसला किया। सत्यार्थ जब 2016 में भारत आया तो शादी के लिए लड़किया परिवार देख रहा था तब पहली बार सत्यार्थ ने परिवार को जी हाओ से शादी की बात कही। बेटे के प्यार के आगे परिवार भी मान गया।

ऐसे हुई थी दोनों की मुलाकात
पत्रिका से बात करते हुए सत्यार्थ की माता ज्योति नवहाल ने बताया कि पढ़ाई करने के लिए उनका बेटा चीन गया था। मास्टर डिग्री के लिए सत्यार्थ चीन पहुंचा तो वहां एक साल के बाद जी हाओ (डोरा) मेकअप का कोर्स करने के लिए पहुंची तो सत्यार्थ से मुलाकात हुई। अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थियों के बीच पहचान लंबे समय चली और दोस्ती में तब्दील हुई।

लोगों ने कहा बात कैसे करोगो, कुछ समझ नहीं आएगा
जब बेटे ने शादी की बात रखी तो माता-पिता तो तैयार हुए, लेकिन इसके लिए परिवार के अन्य लोगो सहित कई लोगों ने इससे मना किया। सत्यार्थ की मां ने बताया कि शादी और रिश्तेदारी तो ठीक दुल्हन और इनके परिवार से बात कैसे करोगे और यहां की परंपराओं को समझेगी कैसे। लेकिन बेटे के प्यार के आगे सब राजी हुई और फिर माना की धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाषा के साथ परिवारों व संस्कृति भी समझेंगे। सत्यार्थ की मां ने यू ट्युब पर चीन के कल्चर व वहां की संस्कृति से जुड़े कई पहलूओं को देखा। अब सरहदों को लांघकर दोनों परिवार रिश्तेदारी केबंधन में बंध तो एक-दूसरे के यहां की संस्कृति के साथ रीति-रिवाज भी समझ रहे है।

पहले वेस्टन तौर पर शादी का था इरादा लेकिन फिर भारत आने को हुए राजी
सत्यार्थ की माता नवहाल ने बताया कि हमारे भी एक बेटा है और जी हाओ भी इकलोती लड़की है। शादी के लिए दोनों परिवार राजी हुए तो पहले जी हाओ का परिवार वेस्टन तौर तरीके से शादी करना चाहता था, लेकिन हमने मनाया तो मान गए और वह भारत शादी के लिए पहुंचे। यहां भारतीय संस्कृति के अनुरुप हल्दी-मेहंदी से लेकर सात फेरों के साथ शादी रीति-रिवाज से होगी। भारतीय कल्चर को देख पूरा परिवार आंनदित है और यहां की हर एक चीज उनके लिए नई है तो वह इसका आंनद उठा रहे है। यहां आकर रोटी बनाने से लेकर दिनभर की होने वाली गतिविधियों से लेकर वैवाहिक रस्मों का चायना का यह परिवार आंनद उठा रहा है।

सेल्फी के लिए भीड़
इस शादी की चर्चा पूरे मंदसौर शहर में हो रही है। परिवार के साथ-साथ बाहर से आए लोगों में भी दुल्हन के साथ सेल्फी लेने की भीड़ लगी है। चीन से आए सभी लोग भारतीय रंग में रंगे हुए हैं। भारतीय संस्कृति को वह बहुत ही बारीकी से सीख रहे हैं। साथ ही लोगों से घुलने-मिलने की कोशिश कर रहे हैं। मंदसौर के एक रिसॉर्ट में रविवार को दोनों शादी के बंधन में बंध गए हैं।

शादी के लिए आए हैं पांच लोग
चीन से लड़की की शादी के लिए उसके सहित पांच लोग आए हैं। जिसमें मां-पिता, मौसी और मौसेरी बहन है। मंदसौर पहुंचने से पहले लोग ताजमहल घुमने गए थे। मंदसौर में जी हाओ के साथ उसके परिवार के लोग भारतीय कल्चर को सीख रहे हैं। उनके साथ एक ट्रांसलेटर भी आई है जो मंदसौर की रहने वाली हैं और चीन में रहती हैं।

संगीत सेरेमनी में खूब नाची
दोनों की शादी दो फरवरी को है। इससे पहले हिंदू रीति-रिवाज से रस्में निभाई जा रही हैं। मेहंदी से लेकर संगीत सेरेमनी तक को दोनों परिवार के लोगों ने खूब एंज्वॉय किया है। इस दौरान दुल्हन बनी जी हाओ ने भी दूल्हे सत्यार्थ के साथ जमकर डांस की है। जी हाओ को लोग प्यारा से डोरा भी बुलाते हैं। इस शादी से परिवार के लोग भी बहुत खुश हैं।

कल्चर को लेकर सवाल
उस वक्त सत्यार्थ की मां ने उससे कहा कि शादी और रिश्तेदारी तो ठीक है, दुल्हन और उनके परिवार से बात कैसे करोगे और यहां की परंपराओं को समझेगी कैसे, लेकिन बेटे के प्यार के आगे सब राजी हुई और फिर माना की धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाषा के साथ परिवारों और संस्कृति भी समझेंगे। सत्यार्थ की मां ने यू-ट्यूब पर चीन के कल्चर से जुड़े कई पहलूओं को देखा।

 

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