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Digital Mandsaur की परिक्‍लना पर कार्य प्रारम्‍भ : शहर होगा अब हाईटेक

वर्तमान युग मोबाईल गर्वनेंस का युग है। इसलिए सभी डीडीओ स्मार्ट वर्किंग कल्चर अपनाएं और नई-नई डिजीटल तकनीकों से अपडेट रहें। यह बात कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह ने कहीं। वे शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला कोषालय कार्यालय द्वारा जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) के लिए आयोजित एकीकृत वित्तीय एवं सूचना प्रबंधन परियोजना (आईएफएमआईएस प्रणाली) के एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालय प्रमुख और डीडीओ पूरी संजीदगी और निष्ठाभाव से आईएफएमआईएस का विधिवत् प्रशिक्षण लेकर अपने- अपने कार्यालय में कोषालय में देयक प्रस्तुत करने और शासकीय पत्राचार की वर्तमान व्यवस्था को पेपरलेस बनाएं। आईएफएमआईएस प्रणाली के बारे में सभी डीडीओ के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर ने दिए निर्देश

शासन ने तीन प्रणाली की है लागू
कलेक्टर सिंह ने कहा कि राज्य शासन की संपूर्ण व्यवस्थाएं अब निरंतर ई-गर्वनेंस की ओर अग्रसर हैं, इसी दिशा में एक और नवाचार के रूप में राज्य शासन द्वारा नए वित्तीय वर्ष 2017-18 अर्थात् एक अप्रैल 2017 से आईएफएमआईएस प्रणाली लागू की जा रही है। इस प्रणाली में मुख्यत: तीन भाग हैं। पहली एफएमआईएस प्रणाली, जो बजट संबंधी है। दूसरी एचआरएमआईएस प्रणाली, जो मानव संसाधन संबंधी अर्थात् सभी सेवारत शासकीय सेवकों के लिए है। तीसरी पीएमआईएस प्रणाली, जो पेंशन संबंधी अर्थात पेंशनर्स के लिए है। उन्होंने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य विषय के अंतर्गत जानकारी देना है। एम्पलाई सेल्फ सर्विस अर्थात् अवकाश आवेदन, देयक, यात्रा भत्ता संबंधी समस्त आवेदन ऑनलाईन करना। पे-रोल अर्थात् वेतन देयक ऑनलाईन होना साथ ही समस्त पे रिकार्ड भी आनलाईन किया जाना है। एसएम अर्थात पे फिक्सेशन, ट्रांसफर, नई जॉईनिंग, कर्मचारी डेटा बेस को एक्सोरिशन करना होगा।

घर बैठे भेज सकेंगे छुट्टी का आवेदन
जिला कोषालय अधिकारी बृजमोहन सुुरावत ने पीपीटी के जरिए सभी डीडीओ को आईएफएमआईएस प्रणाली के बारे में जानकारी दी और इस बारे में शासन के दिशा निर्देशों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह नई प्रणाली सभी शासकीय सेवकों विशेषकर सभी कार्यालय प्रमुखों/डीडीओ के पदीय कार्यो में दक्षता एवं पारदर्शिता लाएगी। इससे समय की बचत तो होगी ही साथ ही त्रुटियों में कमी आएगी और वित्तीय कार्य और अधिक शुद्धता व परफेक्शन के साथ होंगे। इस प्रणाली की सबसे बडी बात यह है कि राज्य शासन का स्थापना संबंधी समस्त कार्य पेपरलेस हो जाएगा। इसके प्रथम चरण में ईएमएस पे-फिक्सेशन तथा पे रोल मॉड्यूल की विभिन्न प्रक्रियाओं का पायलेट रोल आउट किया जाना है। एम्पलाई सेल्फ सर्विस अर्थात ईएसएस माड्यूल के माध्यम से अब कोई भी शासकीय सेवक अपने अवकाश अग्रिम, जीपीएफ, डीपीएफ प्रोफाईल अपडेशन संबंधी आवेदन ऑनलाईन स्वीकृत करा सकेंगे। शासकीय सेवक इस मॉड्यूल के माध्यम से घर बैठे इंटरनेट पर छुट्टी का आवेदन भेज सकेंगे और अपने आवेदन का स्टेट्स भी चेक कर पाएंगे।

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