Breaking News

Edify School में हुआ खेलों का महाकुंभ : बच्चों के साथ पैरेंट्स भी पहुंचे बचपन में

एन्युअल स्पोर्ट्स समिट 2018-19 में स्टूडेंट्स की उमंग और पैरेंट्स के उत्साह की लगी छलांग

मंदसौर। जीवन में शिक्षा के उजियारे के साथ ही खेलों का कितना महत्व है, यह बात शैक्षणिक क्षेत्र में शहर की अग्रणीय संस्थान एडिफाय स्कूल में हुए खेलों के महाकुंभ में स्पष्ट दिखाई दे रही थी। दरअसल स्कूल मैदान पर वार्षिक खेल सम्मेलन 2018-19 का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों की उमंग और अभिभाषकों के उत्साह का जबरदस्त रोमांच दिखा। नोनिहालों ने अपनी क्षमता से भी उपर उठकर खेलों की विभिन्न स्पर्धाओं में जबरदस्त प्रदर्शन कर सभी को हैरान कर दिया। वाकई यह सब देख लग रहा था मानों ये बच्चे संदेश दे रहे हों, कि मोबाइल, इंटरनेट और विडियोगेम के युग में भी कहीं न कहीं इन इंडोर आउट डोर के एसे शारीरिक क्षमता बढाने वाले खेल उतने ही आवश्यक हैं, जितने की विद्यार्थी जीवन की अन्य दिनचयाएं।

शनिवार को इस वार्षिक खेल सम्मेलन का गरीमामय समारोह में आरंभ सत्र आयोजित हुआ, जिसमें राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आरके सोहनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इसी तरह रविवार सुबह सम्मेलन का समापन सत्र मुख्य अतिथि बीएस चौहान आईजीपी सीटीसी नीमच की गरीमामय उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस दौरान विद्यालय की शैक्षणिक सलाहकार समिति के सदस्य गुरूचरण बग्गा, विद्यालय के चेअरमेन विजय सुराना, संचालकद्वय मयुर सुराना, आदित्य सुराना, प्राचार्य डॉ हितेंद्रसिंह चंडावत भी मंचासीन थे। समारोह की शुरूआत फायर हाउस, वाटर हाउस व एअर हाउस के बच्चों द्वारा पूर्ण अनुशासनात्मक ढंग से की गई परेड के साथ की गई। इस दौरान बच्चों ने मंचासीन अतिथि की सलामी भी परेड करते हुए ली। मंच पर विद्यालय के नन्हें बच्चों के हाथों बुके भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन विद्यालय प्राचार्य डॉ हितेंद्रसिंह चंडावत ने दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मास ड्रील की जबरस्त प्रस्तुति देकर यह संदेश दिया कि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में खुद को तरोताजा और स्वस्थ्य रखने के लिए प्रतिदिन व्यायाम कितना आवश्यक है। इसके पश्चात प्राचार्य डॉ चंडावत ने संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उनने सालभर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही बच्चों को भारतीय संस्कृति से जुड़ाव के लिए आयोजित कार्यक्रमों, खेल गतिविधियों, शैक्षणिक यात्राओं आदि के संबंध में विस्तृत से बताया। प्रतिवेदन के बाद विद्यार्थियों ने गली-गली तेरी राह चली जीयो रे बाहुबली… गीत पर शानदार, जोरदार, जबरदस्त प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति के बाद सदन को वायब्रेट मोड पर ला देने वाली शानदार प्रस्तुति नन्हीं बालिकाओं ने आईपीएल धुन दिल जम्पींग जपांग जम्पींग-जम्पींग… पर देकर पूरे सदन को जम्पींग जपांग कर दिया। अतिथियों द्वारा खेलों में हमेशा मैत्री भावना और खेल भावना स्थापित रहे इस मंशा से क्षितिज पर गुब्बारे छोड़े गए। इसी तरह मुख्य अतिथि बीएस चौहान ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आज के अभिभाषक खेल-कूद की जगह बच्चों की पढ़ाई की ही अधिक चिंता करते हैं, जबकि बच्चों के जीवन में खेल भी उतना ही आवश्यक है। वे जितना मन खेल-कूद में लगाएंगे उन्हें पढ़ने मेें भी उतनी ही मदद मिलेगी। मैं यहां बैठे तमाम अभिभाषकों से निवेदन करूंगा कि बच्चे जैसे पढ़ना चाहे जो विषय लेना चाहे हैं उन्हें लेने दिजिए कभी अपनी मंशाएं उन पर मत थोपिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि हार जीत तो चलती रहती है, जो बच्चे जीते उन्हें बधाई और जो हारे वे अगली बार और अच्छी मेहनत करें और जो जीते हैं उन्हें हराएं। मुख्य अतिथि श्री चौहान को स्मृति चिन्ह् संस्थान चेअरमेन विजय सुराना ने भेंट किया, तो वहीं मंच पर विशिष्ट रूप से उपस्थित श्री बग्गा को स्मृति चिन्ह् प्राचार्य डॉ चंडावत ने भेंट किया। इस दौरान सालभर हुई खेल स्पर्धाओं में विजय हुए विद्यार्थियों को पुरूस्कृत भी किया गया। इसमें वाटर हाउस सालान स्पर्धाओं में प्रथम व फायर हाउस द्वितीय रहा। पिताजी और माता जी के लिए भी स्कूल ने खेलो का आयोजन रखा था जिसमे टायर रेस में शुर्ती गर्ग व निशा धवन व पिताजी 100 मीटर रेस में श्री ऍम एस जाट ए श्री वैभव काबरा ए श्री रवि शर्मा ए श्री जनक मीणा व टायर वेरिंग रेस में श्री मान व श्री मति जाट ए श्री मान व श्री मति गर्ग ए श्री मान व श्री मति सोमानी जी विजेता रहे !

बच्चों ने वेस्ट मटेरियल्स से बनाई शानदार कृतियां
स्पोर्ट्स समिट के दौरान विद्यालय परिसर में ही एक नयनाभिराम प्रदशर्नी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा घर में निकलने वाले वेस्ट मटेरियल जैसे बॉतल, टूटे-फूटे पाइप, मटका, नांद, पुष्ठे, कार्टून आदि की मदद से एक से बढ़कर एक शानदार कृतियां बनाई, जिन्हें देख यकिन नहीं हो रहा था, कि सामान्य तौर पर घर में निकलने वाले इस तरह के वेस्ट का भी इतना अच्छा उपयोग हो सकता है।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts