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GST: अनाज, केश तेल, साबुन सस्ता होगा, कारों पर उपकर

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श्रीनगर। वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के एक जुलाई से कार्यान्वयन के बाद सामान्य उपभोग का सामान मसलन केश तेल, साबुन और टूथपेस्ट सस्ते हो जाएंगे, साथ ही बिजली की दरें भी घटेंगी। जीएसटी परिषद ने गुरुवार को अनाज को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है। जीएसटी परिषद की चल रही बैठक में जो फैसला किया गया है उसके अनुसार केश तेल, साबुन व टूथपेस्ट जैसे आम उपभोग वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत की जीएसटी या एकल राष्ट्रीय बिक्रीकर दर लागू होगी। इन उत्पादों पर इस समय कुल मिलाकर 22-24 प्रतिशत कर लगता है।

परिषद की इस दो दिवसीय बैठक के पहले दिन छह चीजों को छोड़ अन्य सभी वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की कर दर तय कर दी गयी है। कारों पर जीएसटी की सबसे ऊंची दर लगेगी। इसके अलावा इस पर एक से 15 प्रतिशत का उपकर भी लगेगा। छोटी कारों पर 28 प्रतिशत की ऊपरी कर दर के साथ एक प्रतिशत का उपकर लगेगा। मध्यम आकार की कारों पर तीन प्रतिशत का उपकर और लग्जरी कारों पर 15 प्रतिशत का उपकर लगेगा। बोतलबंद पेय पर 28 प्रतिशत का कर लगेगा। हालांकि, बीड़ी, सोना, फुटवियर तथा ब्रांडेड उत्पादों के लिए कर की दरों पर आज फैसला होगा। कोयले पर कर की दर पांच प्रतिशत होगी, जबकि अभी इस पर 11.69 प्रतिशत का कर लगता है। इससे बिजली उत्पादन सस्ता होगा।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने (आज की बैठक में) ज्यादातर वस्तुओं के लिए कर दरों व छूट सूची को अंतिम रूप दे दिया है।’ उन्होंने कहा कि बैठक के पहले दिन 1211 में से छह को छोड़कर बाकी सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर तय कर ली गई। परिषद आज सोना, फुटवियर, ब्रांडेड आइटम व बीड़ी के लिए कर की दर तय करेगी। उन्होंने कहा, ‘बाकी के लिए दरों को अंतिम रूप दे दिया गया है।’ इसी तरह पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं के लिए जीएसटी अभी तय की जानी है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में सेवाओं पर कर की दर भी तय की जाएगी।
एसी और रेफ्रिजरेटर पर 28 प्रतिशत का कर लगेगा, वहीं जीवनरक्षक दवाओं को पांच प्रतिशत के कर स्लैब में रखा गया है। सभी पूंजीगत सामान के लिए कर की दर 18 प्रतिशत होगी, जो अभी 28 प्रतिशत है। दूध व दही को कराधान से छूट जारी रहेगी जबकि मिठाई पर पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा। दैनिक उपभोग की वस्तुओं जैसे चीनी, चाय, काफी (इंस्टेंट काफी के अलावा) व खाद्य तेलों पर पांच प्रतिशत की सबसे कम कर दर आयद होगी जो कि लगभग मौजूदा स्तर पर ही है।
जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद विशेषकर गेहूं व चावल सहित अनाजों की कीमतों में कमी आएगी क्योंकि इन्हें जीएसटी से छूट दी गई है। फिलहाल कुछ राज्य इन पर मूल्यवर्धित कर लगाते हैं। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि सात प्रतिशत वस्तुओं को छूट सूची में रखा गया है जबकि 14 प्रतिशत वस्तुओं को पांच प्रतिशत के सबसे कम दर वाले दायरे में रखा गया है। वहीं 17 प्रतिशत वस्तुओं को 12 प्रतिशत कर दायरे में, 43 प्रतिशत वस्तुओं को 18 प्रतिशत कर स्लब में जबकि 19 प्रतिशत वस्तुओं को 28 प्रतिशत के उच्चतम कर दायरे में रखा गया है। लगभग 81 प्रतिशत वस्तुओं पर 18 प्रतिशत या कम जीएसटी कर लगेगा। सोने पर राज्यों ने चार प्रतिशत कर की मांग की है हालांकि यह स्लैब जीएसटी के मंजूरशुदा बैंड में नहीं है।
जेटली ने कहा कि कोई मुद्रास्फीतिक दबाव नहीं आएगा क्योंकि 31 प्रतिशत के दायरे वाली ज्यादातर दरों को घटाकर 28 प्रतिशत पर लाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अनाज छूट सूची में रहेंगे। लेकिन पैकेज्ड व ब्रांडेड खाद्य उत्पादों के बारे में अलग से फैसला किया जाना है। इस बारे में अभी फैसला किया जाना है।’ जेटली ने कहा कि दरों के बारे में आज के फैसले में मुख्य फीचर यह है कि ‘जीएसटी के तहत किसी भी जिंस के लिए कर दर बढ़ेगी नहीं। किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी। अनेक जिंसों के लिए तो इसमें आंशिक कमी ही आएगी।’

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