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M P कांग्रेस का फरमान – टिकट पाना चाहते हैं, तो फेसबुक, ट्विटर पर बनाइए फॉलोअर

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं और इसको लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने टिकट पाने के इच्छुक लोगों को खत लिखा है और आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने से पहले कुछ शर्तें रखी हैं. वहीं तीन कार्यकाल से सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंदिरों, मठों के संचालकों, साधु, संन्यासियों एवं अन्य प्रमुख लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिसे आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. बहरहाल, पार्टी ने यह नहीं बताया है कि इस जानकारी का इस्तेमाल किस तरह से किया जाएगा.

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ‘आगामी चुनाव में प्रत्याशी के फेसबुक पेज पर 15,000 लाइक, ट्विटर एकाउंट पर 5,000 फॉलोअर, तथा बूथ-स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ व्हॉट्सऐप ग्रुप बना होने चाहिए. उन्हें MPCC के ट्विटर एकाउंट की हर पोस्ट को लाइक और री-ट्वीट करना होगा.’ MPCC ने टिकट पाने के इच्छुक लोगों से 15 सितंबर तक ट्वीटर, फेसबुक और व्‍हाट्सएप की जानकारी मध्‍यप्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया और आईटी विभाग में उपलब्‍ध कराने को कहा है.

सोशल मीडिया पर 15 हजार लाइक्स और 5 हजार फॉलोअर्स जरूरी

कांग्रेस ने अपने नेताओं से कहा है कि अगर आप विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए दावेदारी करना चाहते हैं तो आपको सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना पड़ेगा। इसके साथ-साथ फेसबुक पर कम से कम 15,000 लाइक्स होने चाहिए और ट्विटर पर 5,000 फॉलोअर्स के अलावा व्हाट्सएप ग्रुप भी होना जरूरी है। कांग्रेस ने नेताओं को दिए निर्देश में कहा है कि आपको मध्य प्रदेश कांग्रेस से जुड़े सभी ट्वीट को अपने एकाउंट से साझा भी करना पड़ेगा।

 

15 सिंतबर तक जमा करें सोशल मीडिया हैंडल का ब्योरा

कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि यदि वे चाहते हैं कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के टिकटों के लिए नामांकन के लिए उनके नाम पर विचार किया जाए। तो सभी 15 सितंबर तक पार्टी को उनके सोशल मीडिया हैंडल का ब्योरा जमा करें। उसके बाद पार्टी उन नेताओं के सोशल मीडिया ब्योरा की जांच करेगी और अपने लेवल से तय करेगी कि किस नेता को टिकट दिया जाए और किसका टिकट काटा जाए।

 

सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस में टक्कर

बता दें कि मध्य प्रदेश चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए सोशल मीडिया अहम योगदान निभा सकता है। इसलिए बीजेपी और कांग्रेस इस दोनों ही सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। बीजेपी की राज्य सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेल प्रभारी शिवराज सिंह दबी ने कहा था कि पार्टी ने 65,000 ‘साइबर योद्धाओं’ को तैनात किया है, जबकि कांग्रेस ने इसके खिलाफ लड़ाई के लिए लगभग 4,000 ‘राजीव के सिपाही’ नाम की एक टीम को मैदान में उतारा है। कांग्रेस और बीजेपी का दावा है कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल के माध्यम से, वे राज्य चुनावों में अपने प्रतिद्वंद्वियों के गलतफहमी और झूठे प्रचार को दूर करने की कोशिश करेंगे।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने प्रदेश में फैले 65,000 मतदान केंद्रों के इलाकों में स्थित सभी मंदिरों, हिन्दू धर्मस्थलों, मठों तथा इनके संचालक साधु, संतों, पुजारियों और इनसे जुड़े श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई है.  प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने बताया, ‘हां, हमने मंदिरों, मठों और इनसे जुड़े पुजारियों और संतों की जानकारी हासिल की है. ’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने बूथ स्तर पर सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और असरदार लोगों का डाटा भी एकत्र किया है. उन्होंने कहा ‘हम इनसे संपर्क करेंगे.’ लेकिन उन्होंने अन्य सवालों के जवाब नहीं दिये.

सी-वोटर के हालिया जनमत सर्वेक्षण में आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा की पराजय की संभावना व्यक्त की गई थी.  पिछले माह के पहले पखवाड़े में इस सर्वेक्षण के सार्वजनिक होने के बाद भाजपा द्वारा डाटा संग्रह की कवायद की गई.  इस सर्वे में मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रदेश की कुल 230 सीटों में से भाजपा को 106 सीटें (40 प्रतिशत) के मुकाबले कांग्रेस को 117 सीटें (42 प्रतिशत) मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है.  साथ ही इस सर्वे में कांग्रेस के मत प्रतिशत में 7 प्रतिशत की गिरावट और भाजपा के मत प्रतिशत में 6 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान भी व्यक्त किया गया है.

सर्वे के अनुसार, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 41.7 प्रतिशत के साथ लोगों की पहली पसंद हैं जबकि इसके बाद 30.3 प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया और 7.5 फीसद लोगों ने प्रदेश कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ को इस पद के लिये अपनी पसंद बताया है.

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