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जावरा बालिका गृह से आठ बालिकाएं भेजी मंदसौर अपना घर

  • बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य आए व्यवस्थाएं देखने
  • किचन में गेहूं अच्छा इस्तेमाल करने को कहा

मंदसौर। जावरा के कुंदन कुटीर बालिका गृह में बालिकाओं के शोषण का मामला सामने आने पर वहां से आठ बालिकाओं को फिलहाल मंदसौर के निराश्रित बालिका गृह अपना घर भेजा गया है। बुधवार को मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान व आशीष कपूर बालिकाओं से चर्चा करने व अपना घर की व्यवस्थाएं देखने पहुंचे। यहां लगभग तीन-चार घंटे तक बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान किचन में इस्तेमाल होने वाले गेहूं को ठीक करने की बात कही। इसके अलावा उन्हें बाकी व्यवस्थाएं ठीक लगीं।

जावरा के कुंदन कुटीर बालिका गृह का मामला सामने आने के बाद वैसे भी मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य प्रदेश भर में शासन से अनुदान पाने वाले व अन्य बालिका गृहों को देख रहे हैं। इधर जावरा कुंदन कुटीर बालिका गृह को सील करने के बाद वहां रह रही बालिकाओं को अलग-अलग जगह भेजा गया है। इनमें से आठ बालिकाओं को मंदसौर में सीतामऊ फाटक क्षेत्र स्थित निराश्रित बालिका गृह अपना घर भेजा गया है। इन सभी बालिकाओं को कोई परेशानी तो नहीं है? और इसके अलावा अपना घर की व्यपस्थाएं देखना भी उद्देश्य था। इस संबंध में दोपहर में अपना घर पहुंचे सदस्यों ने सबसे पहले यहां का किचन देखा और उसमें बनने वाले भोजन को भी थाली में लेकर चखा। किचन के पास स्टोर में रखे गेहूं में घुन को लेकर उन्होंने कहा कि यहां साफ-सफाई रखी जाए। इसके अलावा ब्रजेश चौहान ने अपना घर के जर्जर भवन सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान अपना घर का संचालन करने वाली संस्था स्वाध्याय मंच के संस्थापक अध्यक्ष राव विजयसिंह व अध्यक्ष ब्रजेश जोशी भी उपस्थित थे।

एक बालिका ने कहा- मुझे इंदौर भेजा जाए
आयोग के सदस्यों ने जावरा से आई आठ बालिकाओं से अलग से चर्चा की। इसके साथ ही अपना घर में रह रही बालिकाओं से भी बात की। यहां एक माह पहले ही इंदौर से भागकर आई एक बालिका को भी रखा गया है। उसने आयोग के दोनों सदस्यों के सामने कहा कि मुझे इंदौर भेजा जाए। वहां में अपनी मां से मिल-जुल तो सकूंगी। तब आयोग के सदस्यों ने बाल कल्याण समिति सदस्यों से कहा कि इसे इंदौर भेजने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए।

बालिकाओं ने यह बताया
आयोग के सदस्य ने बताया कि चर्चा में दुष्कर्मकी बात से बालिकाओं ने साफ इंकार किया है, लेकिन यौन उत्पीडऩ की बात सामने आई है। संचालिका रचना बालिकाओं से काम करवाती थी। बालों में तेल लगवाने से लेकर हाथ-पैर दबवाने के अलावा शराब के पैक बनवाने का काम करवाती थी। ठंड के दिनों में गर्मपानी नहाने के लिए नहीं मिलता तो उन्हें ठंड पानी से नहाना पड़ता। बालिकाओं ने बताया कि खाने में कईबार बहुत देर हो जाती थी। इस कारण भूखे रहना पड़ता था। जो एक बच्ची भागी हुई थी और यहां रह रही थी। उसने टीम को बताया कि मैंने सुना है कि ऊपर सब्जी कटवाने से लेकर हाथ-पैर दबवाने और शराब पैक बनवाने के काम मम्मा करवाती है। उसने यह भी बताया कि वह कभी ऊपर नहीं गई।

अपना घर का निरीक्षण किया है। किचन, पानी की व्यवस्था देखी है। किचन में गेहूं को लेकर निर्देश दिए हैं। जावरा में कुंदन कुटीर बालिका गृह की बालिकाओं को देखने के साथ ही अपना घर में रह रही बच्चियों से भी चर्चा की है। जावरा में बालिकाओं के साथ शोषण का मामला सामने आया था। -ब्रजेश चौहान, सदस्य, मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग

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