Breaking News

मन्‍दसौर शहर को तीसरी आंख से देखने वाला कोई नहीं

शहर प्रदेश में संवेदनशील माना जाता है। ओर समय समय पर मन्‍दसौर ने यह साबित भी किया है। राजनीतिक और सांप्रदायिक दृष्टि से भी यह शहर काफी नाजुक है। लिहाजा शहरभर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस ने तीसरी आंख यानि सीसीटीवी कैमरे लगाएं है। शहर के 45 चुनिंदा स्थानों पर लगे इन कैमरों की नजर को हर वक्त देखने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पर कंट्रोल कक्ष स्थापित किया। उद्देश्य यह था कि इन प्रमुख स्थानों पर होने वाली गतिविधियों को देखा जा सके। ताकि समय रहते ही कोई छोटी सी घटना कोई बड़ा रूप ना ले सकें।
वहीं प्रमुख स्थानों पर चोरी, लूट, जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाए जा सके, या ऐसी गतिविधि होने पर संबंधित बदमाशों को तुरंत पकड़ा जा सके।इस उद्देश्य में कंट्रोल रूम में असफल साबित है। कैमरों की नजर लगातार वॉच करने के लिए पुलिसकर्मी ही नहीं है। केवल एक व्यक्ति की तैनाती की गई है। वह सुबह से रात आठ बजे तक कंट्रोल रूम पर तो रहता है पर एलईडी स्क्रीन पर लगातार नजर नहीं रख पाता। इस तरह यह कक्ष रिर्कोडिंग तक ही सीमित है।
45 कैमरों की जद में शहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में 45 कैमरे लगे हुए है। इनमें गांधी चौराहा, बीपीएल चौराहा, पुराना बस स्टेंड, महाराणा प्रताप बस स्टेंड, आजाद चौक, गणपित चौक, रेलवे स्टेशन रोड, सराफा बाजार और भगवान पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र शामिल है। इनमें से छह कैमरे कंट्रोल रूम पर लगे बड़ी एलईडी शो नहीं हो रहे है। जिनके कारण उन पर नजर नहीं रखी जा रही है। यहां पर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक आरक्षक विकास ङ्क्षसंह की तैनाती है। उसके बाद यहां पर किसी की तैनाती नहीं की गई है। जिसके चलते रात आठ बजे से सुबह आठ बजे के बीच कैमरे वाली जगह पर नजर नहीं रखी जाती है। केवल रिकार्डिंग के भरोसे ही काम चल रहा है। सीसीटीवी के कंट्रोल रूम में पंद्रह दिन की रिकार्डिंग होती है।
यहां पर आवश्यकता पर नहीं कैमरे
शहर के कई मुख्य जगह ऐसी है जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने की अधिक आवश्यकता है। इनमें से कई जगह चोरी की वारदातें हो चुकी है। इनमें से जिला अस्पताल रोड, श्रीकोल्ड चौराहा, अभिनंदन नगर, संजीत चौराहा, सीतामऊ फाटक, खानपुरा से सत्संग भवन रोड शामिल है।
इनका कहना…
कुछ कैमरे इंटरनेट समस्या के चलते बड़ी स्क्रीन पर शो नहीं हो रहे है। एक आरक्षक को तैनात किया हुआ है। रात के समय कंट्रोल रूम पर तैनात पुलिसकर्मी समय-समय पर सीसीटीवी कैमरे पर नजर रखते है। जल्द ही एक और पुलिसकर्मी को तैनात किया जाएगा। कई मुख्य जगह और है जहां पर कैमरे लगाना आवश्यक है। वहां पर भी बजट आने के बाद कैमरे लगा दिए जाएंगे।
– अजय प्रतापसिंह, एएसपी।

About The Author

I am Brajesh Arya

Related posts