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सड़क सुरक्षा सप्ताह प्रारंभ : जहां तीन से ज्यादा दुर्घटनाएं हुईं, ऐसे 23 पॉइंटों को बनाया ब्लैक स्पॉट

मंदसौर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर हुआ। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 30वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 4 से 10 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इसके लिए स्कूली बच्चों व वाहन चालकों सहित नागरिकों को पुलिस सड़क पर सुरक्षा की सीख देगी।

शुभारंभ अवसर पर माननीय जिला न्यायाधीश तारकेश्वरसिंह ने कहा कि देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है। इतनी जानें तो हमारे देश ने युद्धों में कभी नहीं गंवाई। सड़क पर चलने के साथ सावधानी व सुरक्षा को हमें अपनाना होगा। सिर्फ पुलिस ही अकेली सब कुछ नहीं कर सकती, सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा, तभी सुधार हो पाएगा। इस बार सड़क सुरक्षा सप्ताह की थीम ‘अपनी सुरक्षा, परिवार की रक्षा, सड़क सुरक्षा पर ध्यान दें’ हैं ।

शुभारंभ समारोह में कलेक्टर धनराजू एस ने कहा कि सड़क पर चलने के दौरान यातायात के नियमों की जानकारी होने के साथ ही सतर्क रहने की भी जरूरत है। कई बार हम सही दिशा और कम स्पीड में चल रहे होते हैं, बावजूद आगे-पीछे से आने वाले अन्य वाहनों से टक्कर हो जाती है। अभिभावक छोटे बच्चों को वाहन न चलाने दें। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट सहित सभी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें।

पुलिस अधीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में असमय होने वाली मौतों को रोकने के लिए सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है। सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस के साथ जनता भी सहयोग करें। सड़क सुरक्षा सप्ताह शुभारंभ कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं नागरिक भी शामिल हुए। इस अवसर स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर यातायात जागरूकता का संदेश दिया। वात्सल्य पब्लिक स्कूल के बच्चों ने इस संबंध में फोटो प्रदर्शनी भी लगाई।

 

जिले में हर 51वें घंटे में होती है एक मौत

जिले की सड़कों पर औसतन हर 51वें घंटे में एक व्यक्ति की मौत होती है, जबकि हर 14वें घंटे में एक सड़क हादसा होता है। वर्ष 2018 में जिलेभर में 600 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 165 लोगों की मौत हो गई व 650 लोग घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने बताया कि जिले में हर माह 14 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में होती है। हम सभी को मिलकर दुर्घटनाओं में जाने वाली कितनी जिदंगियों को बचाना है।

 

दुर्घटनास्थल पर रखे जा रहे दुर्घटनाग्रस्त वाहन

जिले में जिन स्थानों पर अब तक तीन या इससे अधिक हादसे हुए हैं, ऐसे करीब 23 स्थानों को पुलिस ने चिन्हित किया है, इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट बनाया गया है। अभी यहां दुर्घटनाग्रस्त वाहन रखे जा रहे हैं, इन पर पोस्टर लगाए गए हैं ताकि लोग इन स्पॉटों से निकलने के दौरान सावधानी रखें। पुलिस अधीक्षक विद्यार्थी ने बताया कि गत दिनों डोडिया मीणा-कोलवा के बीच शिवना पुलिया पर जिस स्थान पर कार नदी में गिरी थी, वहां पर रेलिंग लगाई जाएगी एवं संकेतक भी लगाए जाएंगे।

 

पुलिस ने गुलाब के फूल देकर कहा धन्यवाद

यातायात सप्ताह के पहले दिन मल्हारगढ़ टीआई एनएस ठाकुर एवं पुलिस दल ने थाने के सामने राहगीरों को गुलाब के फूल भेंट किए। बाइक पर हेलमेट एवं चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाते मिले लोगों को पुलिस ने गुलाब के फूल देकर धन्यवाद कहा। बिना हेलमेट पहनकर बाइक चलाने वाले लोगों को यातायात के नियमो के पालन करने के लिए समझाइश दी गई।

टीआई ठाकुर ने बाइक सवारों से कहा कि अपने नाबालिग बच्चों को बाइक, कार चलाने के लिए न दें। हाइवे पर राहगीरों को जागरूक करने के लिए उनमें वाहन सावधानीपूर्वक चलाने के उद्देश्य से मल्हारगढ़ पुलिस द्वारा डेंजर दुर्घटनाओं के स्थल मुरली के पास रोड क्रॉस पर दुर्घटनाग्रस्त कार रखी। टीआई ठाकुर ने बताया कि अधिक दुर्घटना संभावित स्थल पर क्षतिग्रस्त वाहन रखे हैं, इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। लोग वाहन धीरे व सावधानी पूर्वक चलाएंगे व जागरूक होंगे।

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