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Thumb Impressions पहचान व्यवस्था लागू होने से फर्जी राशन लेने वाले हुए गायब

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शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से उपभोक्ताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू गयी है। इसमें उपभोक्ता को मशीन पर अंगूठा पंच करने पर मिलने वाली सामग्री की जानकारी प्राप्त होगी। मशीन से खाद्यान्न वितरण करने के लिए इंटरनेट की कनेक्टिविटी होना जरूरी है। इसमें राशन प्राप्त करने वाले लोग, सामग्री, लेन-देन और अन्य जानकारियां ऑनलाइन रहेंगी। जिन लोगों के डाटा बेस में आधार नंबर उपलब्ध नहीं है, उन्हें निर्धारित दुकान से ही सामग्री प्राप्त करना होगी। जहां पर इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होगी, वहां आॅफ लाइन वितरण व्यवस्था लागू होगी।

उचित मूल्य की दुकानों पर पीओएस मशीन के साथ ही दो दिन पहले थंब इम्प्रेशन से उपभोक्ता की पहचान की व्यवस्था लागू हो गई है। इसके लिए राशन कार्ड से आधार नंबर लिंक किए गए हैं। इससे अब उसी उपभोक्ता को राशन मिलेगा जिसके फिंगर प्रिंट मैच हो रहे हों। कालाबाजारी रोकने के लिए लागू हुई व्यवस्था से दो ही दिन में राशन लेने वालों की एक चौथाई रह गई है। पहले जहां एक दुकान से 200 लोग तक राशन लेते थे वहीं अब आंकड़ा 50 से 60 तक सिमट गया है। इसकी वजह सर्वर डाउन होना और खाद्य विभाग में दर्ज राशन कार्डधारियों में से ग्रामीण इलाकों में 48 व शहरी में 30 फीसदी उपभोक्ताओं के आधार राशनिंग प्रणाली से लिंक नहीं हो पाना बताई जा रही है।

शत-प्रतिशत राशनकार्डधारियों के आधार नंबर लिंक होने से पहले ही थंब इम्प्रेशन मैच होने के बाद ही राशन वितरण की व्यवस्था लागू होने से समस्या बढ़ गई है। इसके साथ ही पीओएस मशीन से जुड़ा सर्वर डाउन होने के कारण भी उपभोक्ताओँ की पहचान में वक्त लग रहा है। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मंदसौर शहर के 70 प्रतिशत परिवारों के सदस्य आधार से लिंक हुए हैं। 30 प्रतिशत ने आधार नंबर नहीं दिया। इससे राशन नहीं मिल रहा।

मंदसौर नगर में कुल राशनकार्ड धारक 22,159 है। इनमें से आधार से 22,121 जुड़े है। लेकिन अब तक लिंक नहीं हुए 38 परिवार। कुल परिवार के सदस्यों संख्या 85,490 है। इनमें से आधार से जुडे 59,814 व शेष बचे 25,676 हुए है ।
जिले में कुल राशनकार्ड धारक 209559 है। आधार से 182340 जुड़े है। लिंक नहीं हुए 27219 धारक । परिवार की सदस्य संख्या 908826, आधार से जुड़े 564305 व शेष 344521 बचे हुए है।
कुल मिलाकर उपरोक्‍त आकेड़ो से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्रामीण के मुकाबले शहर के लोग ज्‍यादा जागरूक है इस आधुनिकरण में।

अब भी जुड़ सकते
सहायक खाद्य अधिकारी श्यामलाल गोयल ने बताया राशनकार्ड आधार से अटैच करने का काम तीन माह से चल रहा था। व्यवस्था मार्च से शुरू होना थी लेकिन सर्वर तैयार होने में वक्त लगा। इससे अब व्यवस्था लागू हुई। जिनके आधार नहीं जुड़े वे अभी भी जुड़वा सकते हैं।

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